Tuesday, 6 December 2011

खेलों को दें बुनियादी तौर पर महत्व: CITY NEWS YNR


   खेलों को दें बुनियादी तौर पर महत्व: भुक्कल
विजेता खिलाड़ियों को किया सम्मानित


शुभारंभ करती शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल
यमुनानगर। हरियाणा की शिक्षा एवं समाज कल्याण मंत्री गीता भुक्कल ने  डीएवी पब्लिक स्कूल के वार्षिक उत्सव में भाग लिया। उन्होंने इस अवसर पर खेल व शिक्षा के क्षेत्रों में पदक पाने वाली टीमों व खिलाडियों को पुरस्कार वितरित किए। उन्होंने कहा कि डीएवी शिक्षण संस्थान स्वामी दयानंद व स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर आधारित शिक्षण संस्थाएं हैं जो कि प्रदेश में ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों में भी बेहतर शिक्षा प्रदान कर रही है। भुक्कल ने कहा कि शिक्षक दिवस के मौके पर मेवात में प्रदेश की ओर से शिक्षा पाना अपना हक कार्यक्रम की शुरूआत की है। इस कार्यक्रम में पहली से आठवी कक्षा तक के बच्चों को मुफ्त शिक्षा के साथ-साथ वर्दी, किताबें आदि अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाएगी। इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत एकता में अनेकता को संजोए हुए विभिन्न राज्यों की कला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर एक सूत्र में बांधने का भरबस प्रयास किया गया है तथा छात्र-छात्राओं ने विभिन्न राज्यों की कला, संस्कृति से संबंधित मनोहारी एवं लुभावने कार्यक्रम प्रस्तुत कर अभिभावकों एवं दर्शकों का मन मोहा।

उन्होंने कहा कि जीवन में शिक्षा के साथ-साथ खेलों का भी बहुत महत्व है और हमें अपने जीवन में खेलों को भी बुनियादी तौर पर महत्व देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा खेलों को बढावा देने के लिए अनेक कदम उठाए जा रहे है तथा उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि वे शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी रूचि लें। प्रदेश के होनहार खिलाडियों ने एशियाई खेलों में प्रदेश का ही नही बल्कि देश का भी नाम रोशन किया है और जिन खिलाडियों ने खेलों में पदक जीते है उनको सरकार की ओर से पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया है। शिक्षा मंत्री ने कम्प्यूटर साईस लाईबे्ररी के लिए अपने एच्छिक कोष से एक लाख 51 हजार रुपए की राशि देने की घोषणा की ।

Monday, 5 December 2011

एक पौधा नन्हें हाथों से CITY NEWS YNR


  एक पौधा नन्हें हाथों से...
यमुनानगर। धरा को प्रदूषण मुक्त व हराभरा रखने के लिए हर रोज कोई न कोई किसी न किसी विशेष कार्य पर पौधरोपाण कर रहे है। डेंटल क्लीनिक के डॉ. राजेश धीमान व डॉ. मधु धीमान की छह व तीन साल की बेटी प्रतिष्ठा व प्रशंसा धीमान ने कुछ पौधे लगाए। इसके उपरांत चमनलाल, बिमला, रामरतन, डॉ. राजेश धीमान, कुशाग्र, डॉ. मधु धीमान ने एक-एक पौधे सड़क के बीच नबे डिवाइडरों में लगाए और तीन साल तक अपना योगदान देने का वायदा किया। इस मौके पर एचईएस के अध्यक्ष प्रोफेसर एसएल सैनी ने बताया कि हर व्यक्ति को एक पौधा जरूर लगाना चाहिए ताकि धरती का प्रदूषण मुक्त व हराभरा रखा जा सके। उन्होंने कहा कि संस्था द्वारा जिले में कई स्थानों पर हजारों की संख्या में पौधे लगवाए गए है। उन्होंने कहा कि डॉ. राजेश धीमान की तहर हर व्यक्ति को एक पौधारोपण करना चाहिए। इस मौके पर एचईएस के प्रो. बजाज, धनसिंह, संजीव धीर, अश्विनी पुरी, कृष्णलाल उपस्थित थे। 

Sunday, 4 December 2011

-ट्विन सिटी में बढ़ा फूलों CITY NEWS YNR


 

फ्लावर शो में डीएवी बना ओवर आल विजेता



डीएवी गर्ल्स कालेज में रविवार को यमुना फुलवारी द्वारा 23वां फ्लावर शो आयोजित  किया गया। जिसमें 16 कैटागिरी में 1000 से ज्यादा एंट्रीज आई। कार्यक्रम का शुभरंभ कालेज प्रिंसिपल डा. सुषमा आर्य ने किया। जबकि मुज्ज्फरनगर से आए डा. एसके पवार मुख्य अतिथि रहे। फ्लावर शो में गुलदाउदी, कैक्टस, कोलियस, पॉम एंड साइक्स, स्कुलैंट्स, ग्रीन फोलिएज, बॉगनवेलिया इत्यादि फूल रखे गए। फुलवारी के सदस्य रचना फूलों के पौधों को विकसित करने के लिए निरंतर देखभाल की जरुरत होती है। कार्यक्रम के दौरान चंडीगढ़ से आए एसएस साही, सहारनपुर से आए अशोक जैन, सीमा अग्रवाल, डा. अरुण कुमार, दिल्ली से आए डा. कृपाल सिंह ने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई। विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

इस प्रकार रहा परिणाम-

फुलवारी मैंबर की कैटेगरी के दौरान गुलदाउदी के एक से ज्यादा बडेÞ फ्लवार कैटागिरी में रचना नैयर ने पहला, डीएवी गर्ल्स कालेज प्रिंसिपल डा. सुषमा आर्य ने दूसरा तथा संदीप गंभीर ने तीसरा स्थान अर्जित किया। सिंगल गुलदाउदी कैटागिरी में डीएवी गर्ल्स कालेज की प्रिंसिपल डा. सुषमा आर्य ने पहला, जितेंद्र कौर ने दूसरा तथा राजेश नैयर ने तीसरा स्थान अर्जित किया। छोटे गुलदाउदी कैटागिरी में डा. सुषमा आर्य ने पहला, भारत गर्ग ने दूसरा तथा शशी गर्ग ने तीसरा स्थान अर्जित किया। कोलियस की कैटागिरी में डीएवी गर्ल्स कालेज की प्रिंसिपल ने पहला, राजेश नैयर ने दूसरा तथा रचना नैयर ने तीसरा स्थान अर्जित किया। पॉम एंड साइक्स की कैटागिरी में राशि गर्ग ने पहला, राजेश नैयर ने दूसरा तथा भारत गर्ग ने तीसरा स्थान अर्जित किया। छोटे लॉन की कैटागिरी में गौरी ओबरॉय ने पहला, भारत गर्ग ने दूसरा तथा डीपी बंसल ने तीसरा स्थान अर्जित किया। बडे लॉन की कैटागिरी में भारत गर्ग ने पहला, एससी पाहूजा ने दूसरा तथा रचना नैयर ने तीसरा स्थान अर्जित किया।

एकल कैटागिरी के दौरान गुलदाउदी बड़ा फ्लावर में डीएवी गर्ल्स कालेज की सोनिका ने पहला, अबीर वर्मा ने दूसरा तथा ब्योम वर्मा ने तीसरा स्थान अर्जित किया। गुलदाउदी के डिफरेंट छोटे फ्लावर कैटागिरी में डीएवी गर्ल्स कालेज की शक्ति ने पहला, डीएवी गर्ल्स कालेज की सोनिका ने दूसरा तथा डीएवी गर्ल्स कालेज के किरण पाल ने तीसरा स्थान अर्जित किया। कोलियस में डीएवी की श्वेता ने  पहला, डीएवी गर्ल्स कालेज की हिमानी ने दूसरा तथा पूनम वर्मा ने तीसरा स्थान अर्जित किया। कैक्टस में डीएवी गर्ल्स कालेज प्रिंसिपल डा. सुषमा आर्य ने पहला, डीएवी गर्ल्स कालेज की पल्लवी ने दूसरा तथा डीएवी गर्ल्स कालेज की एसोसिएट प्रोफेसर डा. नीना बजाज ने तीसरा स्थान अर्जित किया। स्कुलैंट्स कैटागिरी में कयरा गर्ग ने पहलाख् भारत गर्ग ने दूसरा तथा राजश्री गर्ग ने तीसरा स्थान अर्जित किया। बोगेनविलिया में आकाश जैन ने पहला, सरदार दलजीत सिंह ने दूसरा तथा निर्दोष जैन ने तीसरा स्थान अर्जित किया। पॉम एंड साइक्स में डीएवी गर्ल्स कालेज के जगनारायण ने पहला, गायत्री नैयर ने दूसरा तथा डीएवी गर्ल्स कालेज के श्रीराजा ने तीसरा स्थान अर्जित किया।

संस्थाओं से आए गुलदाउदी बड़ा फूल एक से ज्यादा कैटागिरी में डीएवी गर्ल्स हॉस्टल के जगनारायरण ने पहला, नीलगिरी प्लाइवुड ने दूसरा तथा बिशन दास नैयर ने तीसरा स्थान अर्जित किया। गुलदाउदी सिंगल में डीएवी गर्ल्स कालेज ने पहला, डीएवी डेंटल कालेज ने दूसरा तथा डीएवी हॉस्टल ने तीसरा स्थान अर्जित किया। गुलदाउदी छोटे फूल कैटागिरी में डीएवी गर्ल्स कालेज ने पहला, डीएवी हॉस्टल ने दूसरा तथा नीलगिरी प्लाईवुड ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। पॉम एंड साइकस में प्रगति इंडस्ट्रीज ने पहला, यूनाइटिड टिंबर ने दूसरा तथा इस्जैक ने तीसरा स्थान अर्जित किया। पब्लिक लॉन 1000 फीट से ज्यादा की कैटागिरी में श्मशान घाट ने पहला, दीपिका आनंद मधु कालोनी ने दूसरा तथा ग्रीन अबिन्यू पार्क ने तीसरा स्थान अर्जित किया। संस्थागत लॉन में इरोल इंजीनियरिंग ने पहला, भूपेंद्र सिंह यमुना आटो ने दूसरा तथा आनंद मैटल ने तीसरा स्थान अर्जित किया।

-ट्विन सिटी में बढ़ा फूलों के प्रति क्रेज-(साइड स्टोरी)-


ट्विन सिटी में फूलों का क्रेज बढ़ रहा है। फूल अब बगीचों के अलावा लोगों के ड्राइंग रूम व बैड रूम की भी शोभा बढ़ा रहे हैं। गुलदाउदी, ग्रीन फोलिएज, कोलियस व बोगेनवेलिया के अलावा अन्य किस्मों के फूल लोगों की पहली पंसद बन रहे हैं। फूलों के प्रति बढ़ते आकर्षण का ही नतीजा है कि अब हर साल यमुनानगर में फ्लावर शो कराया जा रहा है। रविवार को डीएवी गर्ल्स कालेज में फ्लावर शो हुआ। शो में खिले हुए फूल सभी के मन को हर्षित कर रहे थे। लोगों में फूलों का के्रज इतना बढ़ गया है कि अब वे उन्हें घरों की छत पर भी उगा रहे हैं। लोग सुबह उठते ही सबसे पहले वे खिले हुए फूल देखना पंसद करते हैं। ताकि उनका दिन बढ़िया गुजरे। फूलों का सबसे ज्यादा प्रयोग मैरिज, बर्थ डे पार्टी, वेलकम इत्यादि में किया जाता है। राधे-राधे फ्लावर शॉप के संचालक ने बताया कि कुछ दिन पहले तक वे हर रोज 60 से 70 बुके बेच देते थे, लेकिन अब डिमांड ज्यादा होने के कारण 125 से 175 बुके हर रोज बिक रहे हैं। उनकी दुकान पर 100 से 1000 रुपए तक के बुके उपलब्ध है।                                                           विनोद  धीमान 

खुल्म-खुल्ला लगा रहे करोड़ो का चुना CITY NEWS YNR


  खुल्म-खुल्ला लगा रहे करोड़ो का चुना

रेल विभाग की नाक तले नियमों के विरूद्ध हो रही यात्रा

यात्री जरूरत से अधिक सामान लेकर ट्रेनों में कर रहे सफर

विनोद धीमान

 रेल प्रशासन को करोड़ो की आमदन कराने वाले यात्री ही विभाग की नाक तले करोड़ो का चुना लगाने में लगे है। सब जानते हुए भी ऐसे यात्रियों के प्रति कार्रवाई नहीं की जाती जो यात्रा के दौरान अपने साथ भारी-भरकम सामान लेकर आ-जा रहे है। यहीं लापरवाहीं से न चाहकर भी विभाग को करोड़ो का चुना आए दिन लग रहा है।

यदि नियमों की माने तो एक व्यक्ति ट्रेन में अपने साथ केवल वहीं सामान लेकर चल सकता है, जिसकी जरूरत उसे यात्रा के दौरान अथवा ट्रेन से सफर तय करने के बाद गाड़ी से उतरने के बाद पड़ती है। किंतु या त्री अपने साथ कई किलो से लेकर क्वंटलों वजन का सामान साथ लेकर सफर कर रेल विभाग की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रहे है। ऐसे लोगों के प्रति कार्यवाई न करने के चलते आए दिन रेल मंत्रालय को करोड़ो का फटका लग रहा है।

ये है नियम
                                                                               
रेलवे प्रशासन के नियमानुसार एक व्यक्ति जो पास होल्डर है, वह अपने साथ सफर करते समय एक टिफन बाक्स व एक छतरी लेकर सफर कर सकता है। वहीं आमजन जो सफर कर रहा है वह अपने साथ अपनी जरूरत का वह सामान जो उसे सफर के दौरान जरूरत पड़े और ट्रेन से उतरते ही जिन वस्तुओं की जरूरत पड़ती है। उन्हें साथ ले जा सकता है। इसके अलावा अधिक वजन के समान के लिए रेल विभाग की ओर से पार्सल की बुकिंग करवाकर निर्धारित शुल्क अदा करना पड़ा है।
पार्सल बुकिंग शुल्क से बचने के चक्कर में...यात्रियों द्वारा ऐसा करने के पीछे पार्सल बुकिंग शुल्क अदा करने से बचना ही है, साथ ही कई दिनों के पार्सल के इंतजार के चलते भी अधिक्तर यात्री सामान को साथ ले जाने में ही भलाई समझते है। ईका-दुका यात्री ही इस पार्सल बुकिंग को कराने में रूचि दिखाता है। ऐसे में पार्सल बुकिंग भुगतान से होने वाली करोड़ो रूपए की कमाई पर पानी फिर रहा है।

चाहे कुछ हो यात्री मानने वाले नहीं है, ऐसा करते हुए किसी भी स्टेशन पर हजारों यात्री दिख जाते है। जो नियामों को तांक पर रख व सिर पर क्विंटलों वजन सामान को अपने साथ सफर में ले जाते है। आम तौर पर यह दृश्य आसानी से स्टेशन पर दिख जाता है कि हर यात्री अपने साथ कम से कम एक या दो बैग लेकर गाड़ी में चढ़ता हो। कई लोग तो अपने साथ एक टिकट पर बोरे में सामान भरकर अपने साथ लेकर सफर करता है। ऐसा करने वालों पर रोक का जिम्मा मुख्यतौर पर गाड़ी में टीटी का होता है, किंतु अनदेखी के रवैये के आगे नियमों की तांक हर दिन विभाग को करोड़ो के फटके के रूप में लग रही है।यहीं दिख जाते नियम तोड़ते हजारों लोगजगाधरी रेलवे स्टेशन पर ही रोजाना हजारों की संख्या में लोग इन नियमों को तोड़कर रेल से सफर करते है, बता दें कि जिले में अधिक्तर प्रवासी क्षेत्र से लोग टेÑन में सफर करते है। जो अपने साथ जरूरत से ज्यादा सामान लेकर चलते है, जोकि नियमों के विरूद्ध है इसके लिए रेल विभाग कोई कार्रवाई नहीं करता।अन्य को भुगतना पड़ता है खामियाजा

भारी-भरकम सामान ले जाने से जहां पहले ही गाड़ियों में बैठने को स्थान नहीं मिल पाता तो वही सामान के कारण अधिक्तर डिब्बों में पैर रखने को भी जगह नहीं मिल पाती। ऐसी स्थिति में गाड़ियों में बुजुर्गो, महिलाओं व बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार तो डिब्बों के दरवाजों पर ही बहुत अधिक समान होने के कारण उनमें न चढ़ सकने की स्थिति में कई लोगों की ट्रेने तक छूट जाती है तो कई लोग गिरकर चोटिल हो जाते है।

स्वयं होना होगा जागरूक

कानून के मुताबिक यात्री सिर्फ अपनी जरूरत का सामान ही लेकर सफर कर सकता है। कार्रवाई करने पर भी लोग ऐसे करने से नहीं मानते, इसलिए हमे स्वयं ही इस ओर जागरूक होने की जरूतर है।

i.g in yamuna nagar CITY NEWS YNR




  आप थाने में अपनी षिकायत लेकर जाते है और पुलिस आपकी षिकायत पर क्या कार्रवाई करती है उसके बारे में आप को पता भी नही चलता औरन ही पताचलता है कि पुलिस ने आपकी षिकायत दर्ज की भी है या नही लेकिन अब पुलिस आपकों आपकी षिकयत दर्ज करने के एवज में उसका प्रमाण भी आपकों साथ ही देगी यह कहना करनाल रेंज के आईजी बलबीर सिंह का है जिन्होंने यमुनानगर पहुंचकर क्राईम की मीटिंग ली और पुलिस को हिदायते दी साथ हीउन्होंने यह भी साफ कर दिया कि पुलिस चैंकी अथवा थानों को छोड लोग अपनी षिकायतों को लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे तो पुलिस कर्मियों की खेर नही

  यमुनानगर में पहुंचे करनाल रेंज के आईजी बलबीर सिंह ने जिले के सभी थाना प्रभारी व चैंकी इंचार्जो की मीटिंग लेकर अपराध पर षिंकजा करने की हिदायते दी साथ ही आईजी ने सभी थाना प्रभारी व चैंकी इंचार्जाे को हिदायते दी  िकवह थाने मे किसी बच्चे व महिला को न बुलाए बल्कि सभी के साथ समान भाशा का प्रयोग कर उनकी समस्या का हल निकाले साथ ही उन्होंने कहा कि अ बवह उन थानो ंव चैंकियों पर भी नजर रखेंगे जिनकी ज्यादातर षिकायते एसपी आफिस में आती है उन्होंने कहा कि यदि किसी थाने व चैकी को छोड पीडित एसपी कार्यालय में आता है तो उस थाने व चैंकी इंचार्ज की खेर नही होगबाइट                                                                                                                                                     आईजी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह साफ कर दिया है आज से पहले कोई भी व्यक्ति जब थाने अथवा चैंकी में अपनी षिकायत लेकर जाता था तो थाने व चैंकी पर उसकी षिकायत को किस प्रकार लेते है यह पीडित को पता भी नही चलता था और न ही पता चलता था कि उनकी षिकायत दर्ज भी हुई है या फिर नही लेकिन अब ऐसा नही होगा बल्कि अब षिकायतकर्ता को असकी षिकायत थाने में देते ही रसीद भी दी जाएगी जिस पर कार्रवाई न होने के एवजं में षिकायतकर्ता उस पर कलेम भी कर सकता है साथ ही उन्होंने सभी अधिकारियों व कर्मचारियो ंको सभय भाशा का प्रयोग करने की सलाह दी                                                                                 
           

   


Thursday, 1 December 2011

adis ralle CITY NEWS YNR


   एड्स पसार रहा पांव
मरीजों में इजाफा, प्रयास धराशायी
वर्ष-2011 में मरीजों की संख्या 90

यमुनानगर। भारत की सांस्कृतिक व धार्मिक पृष्टभूमि पर एडस की काली छाया खूब मंडरा रही है। एचआईवी पॉजीटिव मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा व स्वास्थ्य विभाग के तमाम प्रयास धराशायी हो रहे हैं। जिले में कुल एचआईवी पॉजीटिव मरीजों की यदि बात की जाए तो संख्या सुनकर अचंभा होगा। जी हां, स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले में करीब 400 मरीज एचआईवी पॉजीटिव हैं। यहां बता देना जरूरी होगा कि गत पांच वर्षों में  यदि सबसे अधिक मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है तो वर्ष-2011 में हुआ है।
यह माना जा रहा है मुख्य कारण
जिला यमुनानगर में प्लाइवुड व अन्य औद्योेगिक इकाईयां हजारों की संख्या में हैं। यहां न केवल स्थानीय बल्कि बल्कि बिहार, उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल, नेपाल, उत्तरांचल व अन्य पड़ोसी राज्यों से लाखों की संख्या में मजदूर कार्यरत हैं। अधिकांश लोगों में जागरूकता का अभाव है। इसके अतिरिक्त शहर में जिस्मफिरोशी का धंधा भी खूब फलफूल रहा है। सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ यहां आम बात हो चुकी है। धंधे के तार दिल्ली, बंबई व अन्य राज्यों से जुड़े हैं। ऐसे में एड्स जैसे रोग के विस्तारण की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
इस प्रकार बढ़ आंकड़े
वर्ष        मरीजों की संख्या
2007       29
2008       37
2009       40
2010       42
2011 में अब एचआईवी पॉजीटिव की संख्या 90 पर पहुंच गई।
सुविधाओं का अभाव
हालांकि बचाव ही एड्स का उपचार है, स्वास्थ्य विभाग में सुविधाओं की कमी भी है। विभाग द्वार ब्लाक स्तर पर एड्स परामर्श केंद्र बनाए हुए हैं, लेकिन परामर्श केंद्रों पर दवाईयां व स्पेशलिस्ट नहीं हैं। एंटी वायरल के लिए मरीज को चंड़ीगढ़ व रोहतक पीजीआई तक की दूरी तय करनी पड़ रही है।
विभाग कर रहा है प्रयास
एड्स की रोकथाम के लिए विभाग द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न संगोष्ठियों व सेमीनारों के माध्यम से लोगों को जागरुक भी किया जाता है। एड्स परामर्श केंद्रों पर निशुल्क परामर्श की व्यवस्था है। केवल विभागीय प्रयासों से काम नहीं चलेगा बल्कि आमजन को भी जागरूक होने की आवश्यकता है।
डा. हुकम चंद
डिप्टी सीएमओ, यमुनानगर।

रिपोट बये  विनोद धीमान 

haryana gorav CITY NEWS YNR

  लगन से मिला राष्ट्रीय गौरवझुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले बच्चों के प्रति कार्य करने पर शहर की डा. मानसी को मिला राष्ट्र गौसम्मानझुग्गी-झोपड़ी में गुजर-बसर कर रहे बच्चे भी भावी पीढ़ी के साथ कदम से कदम मिला सके। इसी अलख ने दिला दिया राष्टÑीय गौरव सम्मान। जी हां! जिला यमुनानगर में कई वर्षों से इसी अलख में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए समाज सेवी डा. मानसी अबोहरी को  नई दिल्ली स्पीकर हाल में आईआईएफएस द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में तमिलनाडू व उड़ीसा के पूर्व गवर्नर द्वारा राष्टÑीय सम्मान देकर सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि पूर देश से इस सम्मान समारोह में अलग-अलग स्थानों से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 23 लोगों को सम्मानित किया गया। जिन्में सबसे कम उम्र में बच्चों के उत्थान के लिए उत्कृष्ट कार्य करने पर डा. मानसी को समारौह के मुख्य पुरस्कार राष्टÑीय गौरव से सम्मानित किया। डा. मानसी अबोहरी को यह सम्मान तमिललाडू व असाम के गर्वनर रह चुके डा. भीषम सिंह नारायण व उडीसा के पूर्व गवर्नर सईद सीबती राजी के हाथों से दिया गया। जैसे ही हाथ में पुरस्कार मिला जहां पूरा हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गंूज उठा तो वहीं डा. मानसी का चहरा भी खिल उठा। मानसी को सम्मान देते हुए सईद सीबती रजी ने कहा कि इतनी छोटी उम्र में यह मुकाम हासिल करने वाली आप पहली महिला है। हम आशा करते है कि आप भविष्य में जिले का ही नहीं विदेशों में अपने भारत देश का नाम रोशचुनी गई दो शख्सियतें 
सम्मान समारौह में विशेषकर उडीसा, तमिलनाडू, कर्नाटका, मध्यप्रदेश, मिजोरम व हरियाणा आदि प्रदेशों से विज्ञान, शिक्षा, समाज सेवा आदि में उत्कृष्ट भूमिका निभाने वाले कुल 23 लोगों को सम्मानित किया गया। जिनमें हरियाणा की दो शख्सियतों को सम्मान आई कविता वाधवा को शिक्षा रतन से सम्मानित किया गया। 
बचपन से ही थी कुछ कर दिखाने की चाह
डा. मानसी अबोहरी ने बताया कि उसकों मिला यह सम्मान का पूरा श्रेय वह अपने पति व परिवार को देती है। उन्होंने बताया कि बचपन से ही  बच्चों के लिए हर संभव सहायता करने की इच्छा शक्ति के कारण ही वह पूर 9 वर्षों से बच्चों के उत्थान की अलख छेडेÞ बैठी है। जिसे वह निरंतर आगे बढ़ाती चली जाएगी, उन्होंने बताया कि पंजाब में शिक्षा ग्रहण करने के दौरान ही उन्होंने जरूरत मंद जो किसी कारणवंश पढ़ाई से अछूते रह जाते है, उन गरीब बच्चों को निशुल्क रूप से पढ़ाना शुरू कर दिया।  उसके उपरांत 2002 में शादी कर यमुनानगर में भी इस मुहिम को जारी रखा और वह लगातार 9 वर्षो से जरूरतमंद बच्चों की सेवा का कार्य कर रही है। पिछले 6 सालों से लगातार गरीब बच्चों को शिक्षा रूपी ज्ञान  में कई तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन कर रही है। 
101 दंत चैक्अप कैंप लगा चुकी  पेशे से दंत चिकित्सक होने के नाते गरीब बच्चों व जरूरतमंदों के लिए निशुल्क रूप से डा. मानसी अबोहरी 101 दंत चैक्अप कैंप लगा चुकी है। मानसी ने बताया कि अभी भी उसे अपने द्वारा लगाया गया प्रथम चिकित्सा कैंप जोकि 17 सितम्बर 2005 में गुरूद्वारा सिंह सभा में लगाया था याद है। तब से लेकर अब तक उनके द्वारा लगातार 101 दंत जांच शिविर लगा चुकी है। जिसमें करीब  10 हजार मरीजों के दंत जांच कर चुकी है। एक नहीं कई मिले सम्मान
इनके द्वारा किए गए कार्यो के लिए केवल यमुनानगर ही नहीं विदेशों में भी चीन की संस्था ईपीईसी (ईलैक्ट्रोनिक पावर कंस्ट्रक्शन कंपनी) द्वारा वर्ष 2010 में आउट स्टेंडिंग वुमेन अचिविंग अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। 2010 में बजुर्गो के लिए बनी संस्था डे केयर क्लब संस्था भी सम्मानित किया गया। 2011 में संसदीय सचिव शारदा राठौर द्वारा उत्कृष्ट दंत चिकित्सक के लिए भी नवाजा गया। 2011 में भी बाल कल्याण के लिए राष्टीय पुरस्कार के लिए नामंकित किया गया। 
क्या है सपना 
उन्होंने बताया कि उनका सपना है कि उनका जिला यमुनानगर में जितनी भी झूग्गी-झोपड़िया है, उनमें रहने वाले बच्चों को प्रेरित कर सर्व शिक्षा अभियान के तहत जोड़ा जाए। इस अभियान को भी वह जल्द शुरू करने जा रही है। जिसके तहत झूग्गी-झोपड़ी में रहने वाले बच्चों को इक्ठा कर उन्हें मुख्य धारा से जोड़ जीवन में पैरों पर खडेÞ होने के गुर सिखा सके। 
                                                               रिपोट  बाये  विनोद  धीमान