फैसला चाहिए आन द स्पॉट
पीड़ित परिजनों के साथ शहर के लोगों ने भी अधिकारियों से मांगा जवाब
हादसे के बाद पहली बार सभी पक्ष एक साथ अपने-अपने ब्यान दर्ज कराने पहुंचे। लघु सचिवालय में इंसाफ मिलने पहुंचे मृत युवकों के परिजन कभी इस अधिकारी तो कभी उस अधिकारी के कार्यालय में धक्के खाते रहे। छह घंटे तक चली इस कार्रवाई में जहां सभी ने एसडीएम के समक्ष अपने-अपने ब्यान दर्ज कराए। वहीं, मामले का कोई भी हल न मिलने पर मृत युवकों के परिजनों ने प्रशासन को 24 घंटे का समय देते हुए मंगलवार की सुबह 11 बजे तक कार्रवाई करने की बात कही। इस दौरान आरोपी पुलिस कर्मी पर मामला दर्ज न होने पर परिजनों व शहर के लोगों ने खुद ही आगामी कार्रवाई करने की चेतावनी तक दे डाली।



समय था 12:05 बजे, एसपी कार्यालय में प्रवेश करने के बाद एससपी मितेश जैन के समझ बैठे इन लोगों में डा. ईश चढ़ा द्वारा एसपी से जोगिंद्र सिंह के खिलाफ सीधे-सीधे कार्रवाई न किए जाने का कारण पुछा। एसपी ने इस पर जवाब देते हुए कहा ‘दो अलग-अलग उच्चाधिकारियों द्वारा इस मामले की इंक्वायरी चल रही है’। डा. ईश चढ़ा ने जवाब सुनने से पूर्व ही एसपी से सावल किया कि आम लोगों के लिए व पुलिस के लिए अलग-अलग कानून है? इस पर एसपी ने कहा ‘नहीं’। लोगों ने सीधे-सीधे एसपी से कहा यदि कानून अलग नहीं तो फिर जोगिंद्र सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज क्यो नहीं? इस पर उन्होंने थोड़े देर मौन रहकर जवाब दिया कि ‘जांच चल रही है।’ समय बढ़ चला था, घड़ी में 12:45 होने को थे। एसपी से सीधी-सीधी लोगों की बातचीत जारी थी, कि जिसमें गढ़वाल सभा के भारतभूषण ने कहा कि क्या अपने अफसर के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए डीजीपी या सीएम की अनुमति की जरुरत है? हमे बताएं हम लोग इंसाफ के लिए सीएम तक जाने से भी गुरेज नहीं करेंगे। इस पर एसपी मितेश जैन मौन साध गए। यहां एसपी को मौन होता देख उक्त लोगों ने उन्हें 24 घंटे में मामले में ठोस कार्रवाई करने का अल्टीमेटम देते हुए कहां कि इसके बाद इंसाफ के लिए भुख हड़ताल पर बैठने से भी गुरेज नहीं किया जाएगा।

मामले से जुडे प्रश्नों का बैंक था लोगों के पास
आर्ट आॅफ लिविंग की सदस्य जितेंद्र चढ़ा, अंजू गांधी, राजेश गढ़, डाक्टर ईश चढ़ा, अनू साहनी, कमलदीप, सेवा भारती की प्रवीण भाटिया, मनमोहन, गडवाल सभा के भारतभूषण, ललीत शर्मा समेत दर्जनों लोगों के पास मामले से जुडेÞ प्रश्नों को बैंक तैयार था। तीन पर्चो के इस प्रश्नों की लिस्ट के अलावा भी लोगों के जहन में उठे सवालों को उन्होंने एसडीएम दवेंद्र कौशिक, डीसी अशोक सांगवान व एसपी समक्ष रखा। जिनमें:-

- झगड़े के बाद रेलवे ट्रेक से मिले दो युवकों के शवों के परिजनों के ब्यान लेने में 12 दिन का समय क्यों लगा?
- बच्चों को जबरन घर से उठा ले जाना और उनका मृत मिलना। यह कौन सा आॅफेंस है?
- पोस्टमार्टम की विडियों रिकार्डिंग क्यों नहीं?
- पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में दोनों युवकों के कई जगह फेक्चर कैसे?
किसने क्या दिए ब्यान
सरपंच सुरेश राणा ने एसडीएम समक्ष अपने ब्यान में बताया कि 14 फरवरी की सुबह बैंक कालोनी में झगड़ा हुआ था। जिसके लिए एसएचओ फर्कपुर व जोगिंद्र सिंह मौके पर पहुंचे थे। उसके बाद जोेगिंद्र सिंह भास्कर को अपने साथ ले गया था। वहीं, भास्कर के सामने रह रही मक्खन कौर ने अपने ब्यान में बताया कि जोगिंद्र सिंह भास्कर अपनी मोटरसाइकिल पर घर ले गया था। बैंक कालोनी की सुमित्रा गोसाई ने अपने ब्यानों में बताया कि जोगिंद्र सिंह ही भास्कर व सचिन को इक्ट्ठे एक मोटरसाइकिल पर लेकर गया था। वहीं, सचिन के परिवार की तरफ से अश्वनी व तरसेम ने अपने ब्यान में कहा कि भास्कर व सचिन को जोगिंद्र सिंह अपने साथ ले गया था। वहीं, भास्कर की बहन कविता गोसाई ने अपने ब्यान में कहा कि उसका भाई भास्कर घर मेें सोया हुआ था जोगिंद्र सिंह ने आकर उसके भाई को उठाया और जबरन अपने साथ ले गया। इसी बीच मुझे व मेरी मां को अपशब्द भी कहे।
क्या कहा जोगिंद्र सिंह ने
