Friday, 27 July 2012

आशिक मिजाज युवक की पीटाई CITY NEWS YNR

 आशिक मिजाज युवक की पीटाई
एक आशिक मिजाज युवक को रात के समय एक नवविवाहिता के साथ छेडछाड करना इतना मंहगा पडा कि उसे पहले तो लोगांे के लात व मुक्के खाने पडे और बाद में थाने पहुंचने पर महिला से चप्पले मामला यमुनानगर का है जहा एक नवविवाहिता जोडा जब अपनी कार में स्वार होकर घर जाने लगा था कि अचानक दो युवकों ने उससे छेडछाड कर डाली एक युवक तो मौके से फरार हो गया जबकि दूसरे को पकड कर पुलिस के हवाले कर दिया
 यमुनानगर के बस स्टेंड के नजदीक एक होटल पर नव विवाहिता अपने पति व अपनी बहन के साथ जब खाना खाने के बाद अपनी कार में बैठने लगी तो तभी दो युवकों ने पहले तो उस पर छींटाकसी की इस पर जब नवविवाहिता ने इस संबंध में अपने पति से बात की तो दोनों युवक महिला से छेडछाड पर उतारू हो गए महिला के साथ छेडछाड करने पर आसपास के लोगो ंने उन्हें पकडने की कोशिश की जिसमें एक युवक तो मौके से भागने में कामयाब हो गया जबकि दूसरा लोगो ंके हाथ चढ गया पहले तो होटल के सामने ही लोगो ंने इस आशिक मिजाज युवक की जमकर पीटाई की और बाद में उसे पीटते हुए थाना शहर ले आए जहा आने के बाद महिला व उसके पति ने उसकी जमकर जूतों के साथ पीटाई कर डाली और पुलिस के हवाले कर दिया पुलिस ने महिला की शिकायत पर आरोपी युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफतार कर दूसरे युवक की तलाश शुरू कर दी है




Saturday, 7 July 2012

निशुल्क दी जा रही कम्प्यूटर शिक्षा CITY NEWS YNR





                    निशुल्क दी जा रही कम्प्यूटर शिक्षा

बच्चों को कंप्यूटर की जानकारी देती शिक्षिका।
 आज के युग में  कम्प्यूटर के महत्व को देखते हुए सरकार द्वारा कई योजनाओं को धरातल दिया हुआ है। ऐसी ही एक योजना के तहत राष्टय साक्षरता मिशन के माध्यम से बीपीएल परिवार के बच्चों को सरकार की ओर से फ्री कंम्पूटर शिक्षा दी जा रही है।
लघु सचिवलय में पिछले काफी समय से फ्री कम्प्यूटर की शिक्षा दी जा रही है। काफी संख्या में बच्चे योजना का लाभ   उठा रहे हैं। शिक्षा पाकर बच्चे प्राईवेट नौकरी कर सकते है। मीनाक्षी, स्वेता व रीतू ने बताया कि आज कम्प्यूटर हर किसी की जरूरत है। सरकार की और से दी जा रही शिक्षा के बारे में उन्हे अपने पड़ोस की लड़कियों से पता चला और जिसके बाद वे कम्प्यूटर सेंटर पहुंची।
कैसे लें दाखिला?
यह कम्प्यूटर शिक्षा पूरी तरह फ्री है। इसके लिए बच्चे को सिर्फ सेंटर पर जाकर एक अपने राशन कार्ड की कॉपी संलग्न कर फार्म भरना होता है।  विभाग की ओर से उसे कोर्स पूरा होने पर एक प्रमाण पत्र भी  दिया जाता है।

यह शिक्षा पूरी तरह फ्री है। इसके लिए बस एक फार्म भरकर देना होता है। अलग-अलग बेच बनाकर बच्चों को शिक्षा दी जाती है
रूबी, सेंटर संचालिका, राष्टीय साक्षरता मिशन।



Thursday, 5 July 2012

बाल विवाह CITY NEWS YNR


                                                 यह कैसी लाडो


 बाल विवाह कानून अपराध है इसके लिए सविंधान में सख्त सजा का प्रवाधान भी है मगर हरियाणा के यमुनानगर में यह सब सिर्फ कानून की किताबो में ही दबकर रह गया है इसका जीता जागता उदाहरण उस वक्त देखने को मिला जब एक 13-14 साल की बच्ची का विवाह उसी की उम्र के एक युवक से की जा रही थी मगर ऐन मौके पर पहुँची पुलिस की खबर लगते ही बारात बीच रास्ते से ही फरार हो गई और अधिकारियो नें इस गैरकानूनी शादी को बीच में ही रूकवाकर कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।


यमुनानगर के गांव सुग निवासी मामचंद ने अपनी लाडली का नाम लाडो तो रख दिया मगर वह अपनी बेटी से कितना लाड करते है इस का अंदाजा इस बात से लगा लीजिये कि उसने अपनी बेटी की तेरह चौदह साल की कच्ची उम्र में ही शादी रचा डाली। लाडो की शादी उत्तरप्रदेश के सहारनपुर इलाके के गांव निराली के एक युवक के साथ की जा रही थी, बारात के स्वागत की सभी तैयारिया हो चुकी थी, परिवार के लोग बेसब्री से दूल्हे एंव बारात का इंतजार कर रहे थे मगर उनसे पहले शादी में पहुँच गई पुलिस और विवाह समारौह में भगदड़ मच गई किसी ने बारात को फोन पर पुलिस की सूचना दे दी और बारात बीच रास्ते से ही फरार हो गई। हांलाकि पकड़े जाने के बाद लाडो के पिता इन सबके पीछे गरीबी एंव मजबूरी को जिम्मेदार ठहरा रहा है।


 लाडो की उम्र का कोई ठोस अधार नही मिला क्यों कि ना तो उस का जन्म प्रमाण पत्र बनाया गया था और ना ही उसे कभी स्कूल भेजा गया। जिला बाल प्रोटेक्शन आफिसर ने भी लाडो से बातचीत की और उससे इस शादी की और उसकी उम्र से जुड़े कई चौंकाने वाले तथ्य हासिल किये जिसके बाद रेड पार्टी इस नतीजे पर पहुँची की अगर वह आने में देर कर देते तो बाल विवाह के नाम पर एक और नाबालिग की जिंदगी तबाह हो जाती।




 लाडो के मामले में सब से बड़ी कमी जो निकल कर सामने आई है वह है गरीबी, रेड पार्टी ने शादी तो रूकवा दी मगर कार्वाई के नाम पर मामला दर्ज कर कोर्ट के अगले निर्देशो तक छोड़ दिया है ऐसे में पुलिस द्वारा किसी को गिरफ्तार ना करना कहां तक जायज है। सावाल पैदा होते है कि क्या किसी को अपनी गरीबी को मजबूरी का नाम देकर एक इंसान की जिंदगी बर्बाद करने की छूट मिल जाती है अगर नही तो लाडो के मामले में कोई गिरफ्तारी क्यो नही की गई है।



        हरदयाल, पुलिस अधिकारी।   




                        विनोद  धीमान  सिटी न्यूज़ युमना नगर 

Sunday, 27 May 2012

डिग्री लेकर गदगद हुए विद्यार्थी CITY NEWS YNR


                                  डिग्री लेकर गदगद हुए विद्यार्थी
यमुनानगर। गुरू नानक खालसा कॉलेज में आयोजित दीक्षांत समारोह में 500 ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट छात्र-छात्राओं को डिग्रियां बांटी गई। इस अवसर पर डीसी अशोक सांगवान ने कहा कि शिक्षा मात्र डिग्रियां प्राप्त करना ही नहीं है। शिक्षा मनुष्य का सर्वांगिण विकास करती है और सच्चे अर्थों में मनुष्य को मानव बनाती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्राप्त करने के उपरांत वह बदलते हुए आर्थिक परिदृश्य  और बढ़ती प्रतिर्स्पधाओं में कदम रख रहे है। परंतु वह इन चुनोतियों से घबराएं नहीं और कठिन परिश्रम, पूर्ण आत्म विश्वास, कड़ी मेहनत से कार्य करते हुए अपना लक्ष्य प्राप्त करने तक अपना संघर्ष जारी रखें। उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं से आहवान् किया कि वह जहां भी जाए वह अपने माता-पिता, गुरूजनों, अपनी संस्था और अपने संस्कारों को हमेशा याद रखें और देश में व्याप्त समस्याओं का निराकरण करने में सहयोग करने के साथ-साथ दलितोत्थान में अपना योगदान दें। उन्होनें कहा कि आज हमारे देश में लड़कियां भी  किसी प्रकार से लड़कों से कम नहीं हैं। वह भी  प्रत्येक क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं इसलिए छात्राओं को चाहिए कि वह भी  मेधावी छात्राओं से प्रेरणा लेते हुए जीवन में अग्रसर हो। कॉलेज प्रबंधक समिति के चेयरमैन सरदार भपेंद्र सिंह जौहर ने छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन उमंग और उत्साह से भरपूर है क्योंकि प्रत्येक विद्यार्थी आज के दिन की उत्कंठा से प्रतीक्षा करता है वहीं उनके माता-पिता अपने आपको भाग्यशाली समझते हैं कि उनके बच्चों ने शिक्षा के सफ र को पूरा कर लिया है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वह अपने गुरूओं की कुर्बानियों को याद रखते हुए देश की एकता और अखंडता के लिए कार्य करें और अपना भविष्य उज्जवल बनाने के लिए अच्छे रोजगार अपनाएं। कॉलेज की प्राचार्या डॉ. विरेंद्र कौर ने कॉलेज की शैक्षिक, खेलकूद, रक्तदान और समाजसेवा के क्षेत्र में उपलब्धियों संबंधी संक्षिप्त रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि कॉलेज के द्वारा विद्यार्थियों के चहुमुखी विकास के लिए भरसक प्रयास किए जाते है जिनके चलते विनीत शर्मा, सुनीता, कविता और अंकुर शर्मा जैसे विद्यार्थियों ने कॉलेज का नाम अंर्तराष्टÑीय स्तर पर रोशन किया है। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि को सिरोपा, कृपाण और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर खालसा शिक्षण संस्थाओं के महा निदेशक डॉ. महेंद्र सिंह, वित्त सचिव सुरजीत सिंह, महासचिव गुरशरण सिंह चावला, सरदार हरभजन सिंह अलघ, कॉलेज के प्राध्यापक तथा भरी संख्या में उपाधियां प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।





स्कूल में तैयार हो रहा था मिल्क केक CITY NEWS YNR



                   स्कूल में तैयार हो रहा था मिल्क केक
  पुलिस व स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर की रेड जांच के लिए भेजे सेंपल

यमुनानगर। स्वास्थ्य विभाग व पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से अंटावा गांव के एक स्कूल में छापा मारकर वहां से भारी मात्रा में मिलावटी मिल्क केक बरामद किया है। हालांकि स्कूल में बच्चे नहीं पढ़ाए जा रहे थे, लेकिन बाहर स्कूल का बोर्ड टंगा हुआ था। मौके से पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम को भारी मात्रा में मिल्क केक बरामद हुआ है।
रेडिंग टीम में शामिल अधिकारी यह देखकर दंग रह गए कि स्कूल भवन में बच्चे नहीं पढ़ रहे थे बल्कि मिल्क केक तैयार किया जा रहा था। मौके से इस टीम ने कर्इं दर्जन बॉक्स मिलावटी मिल्क केक के भी बरामद किए। वैसे इस स्कूल का नाम न्यू आदर्श रहा है, लेकिन इस स्कूल में आदर्श तो कहीं नहीं नजर आया बल्कि नकली मिल्क केक बनाने का कारोबार ही चारों तरफ नजर आया। जानकारी के अनुसार लंबे समय से यहां पर यह धंधा चल रहा था। स्कूल के अंदर ही आग की भट्ठियां भी चल रही थी, लेकिन आसपास के लोगों को इसकी भनक तक नहीं थी। यहां तक की इस गांव से चंद कदम दूर ही पुलिस चौंकी भी है। इस स्कूल से मिल्क केक तैयार कर सप्लाई भी किया जाता रहा है लेकिन इसके बावजूद पुलिस को इस संदर्भ में कोई संदेह नहीं हुआ।  स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मौके पर बरामद मिल्क केक को पुलिस बल की मौजूदगी में अपने कब्जे में लेकर उसके सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला में भेज दिए है। फिलहाल  समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने किसी प्रकार की कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की थी। हालांकि बरामद मिल्क केक नकली है या नहीं। यह तो सैंपल की रिपोर्ट आने के बात ही पता चल पाएगा, लेकिन इतना तो अवश्य तय है कि जब यह काम चोरी छिपे वह भी एक स्कूल के नाम की आड़ में हो रहा था तो अवश्य ही इसमें कुछ काला होगा।

तीन दिन से इनको पकड़ने की तैयारी चल रही थी, लेकिन सबूत न मिलने के कारण स्कूल इन पर हाथ नहीं डाल रही थी। पुलिस ने स्तर पर भी मामले की जांच आरंभ कर दी है।
सुरेश कौशिक, डीएसपी, यमुनानगर।

मौके से सूजी, मिल्क पाऊडर व शूगर व मिल्क केक सेंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं।
केके शर्मा, खाद्य निरीक्षक, यमुनानगर।




Monday, 14 May 2012

पीजी मालिकों पर पुलिसिया शिकंजे की तैयारी CITY NEWS YNR



    पीजी मालिकों पर पुलिसिया शिकंजे की तैयारी
                    शहर में 150 से ज्यादा चह रहे हैं पीजी

विनोद धीमान
जगाधरी वर्कशॉप। शहर के पीजी हॉस्टलों में आखिर कौन रहता है? पुलिस इसकी पूरी स्क्रीनिंग करेगी। पेंइंग गेस्ट (पीजी) में रहने वाले शख्स का रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा। यमुनानगर संवेदनशील इलाका है, इसके चलते पुलिस कप्तान मितेश जैन ने इसके लिए एक योजना तैयार कर ली है। स थाने व चौकी प्रभरियों को जल्द ही इसके दिशा-निर्देश जारी कर दिए जाएंगे।
सूत्रों की माने तो इस समय शहर में 150 से ज्यादा पीजी चल रहे हैं। जगह-जगह पीजी खुलने के साथ उसमें बाहर से आकर रहने वालों की संख्या भी  बढ़ गई है। मगर वे कौन हैं, और कहां से आए, क्या करते हैं और उनका कोई क्रिमिनल बैक ग्राउंड तो नही? इसका न तो पुलिस के पास और न ही पीजी मलिक के पास कोई रिकार्ड है। ऐसे में शहर में बाहर से आकर रहने वाला एक बड़ा तबका पूरी तरह पुलिस की निगाह से बाहर है। पुलिस अब सभी पीजी व हॉस्टलों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है, क्योंकि मालिक इनको सिर्फ विश्वास के आधार पर अपने पीजी में रख लेते हैं लेकिन कभी  भी  उनका  पिछला रिकार्ड जानने की कोशिश नहीं करते। पीजी मलिकों की इस तरह की लापरवाही कभी  भी शहर पर भरी पड़ सकती है क्योंकि ये मालिक अपनी मोटी कमाई के चक्कर में ज्यादा गहराई तक नही जाते और ऐसे में बाहर से आकर रहने वाला कौन है इसका पता नही चल पता।  
मोटा पैसा ऐठते हैं, सुविधा नामात्र
यमुनानगर जिला हिमाचल व उत्तर प्रदेश दो राज्यों की सीमाओं पर पड़ता है। इंडस्ट्रियल हब के साथ-साथ यह जिला एजुकेशन की हब भी माना जाता है और यहां 150 से ज्यादा पीजी चल रहे हैं। इनमें करीब छ हजार विद्यार्थी व अन्य व्यक्ति रहते हं। घर जैसी सुविधा देने के नाम पर पीजी मलिक उनसे मोटी रकम वसूल रहे हं। ऐसे मे ये न तो उनकी पूरी जानकारी खुद रखते हैं और न ही पुलिस को जानकारी देते हैं। ऐसे मे जब कोई शहर में वारदात होती है, तो पुलिस को अरोपी तक पहुचने मे कड़ी मशक्त करनी पड़ती है। अभी  हाल ही में कुछ वारदतों में देखने में आया है कि घटना को अंजाम देने वाले युवा छात्र व अच्छे घरों के लड़के ही हैं जो कहीं न कहीं अपने शौक व खर्चों को पूरा करने के लिए ऐसा करते हैं। ऐसे में प्रशासन की और से पीजी व हॉस्टल के कोई नियम पूरी तरह से स्पष्ट न होने के कारण भी  ये मालिक मोटी रकम वसूल रहे हं।
विभग को भी लगा रहे चूना
वैसे तो कोई भी  भवन जहां लोग आकर रुकते हैं वह कमर्शियल की श्रेणी में आते हैं। ऐसे में इन्हे मिलने वाला पानी, बिजली व अन्य सुविधाओं का भी कमर्शियल कनेक्शन लेना होता है। ऐसे मालिक सब कुछ घरेलू बिल देकर ही उन सब सुविधाओं का ला·ा ले विभाग को भी चूना लगा रहे हंै।
घटना को दे चुके हैं अंजाम
पिछले दिनों 16 फरवरी को कांसापुर व हंरबस पुरा के रहने वाले विजय व नितिन ने लक्ष्मी नगर के विकास का अपहरण कर हत्या कर दी थी। दोनों ंआरोपी अच्छे कॉलेजों के छात्र थे। हाल ही में नौ मई को चंडीगढ़ पुलिस ने यमुनानगर की तीन लड़कियों को एटीएम तोड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उनमें से दो स्टूडेंट थी। पकड़ी गई तीन लड़कियों में से एक लड़की मल्लिका अंबाला के एक पॉलिटेक्नीक से डिप्लोमा कर रही थी। दूसरी लड़की मेघा पढ़ाई के साथ-साथ मोहाली के एक कॉल सेंटर में भी काम कर रही थी। कहीं न कहीं उन्होंने अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के चलते इस कार्य को अंजाम दिया था। यमुनानगर में सैकड़ों बाहरी युवक व युवतियां हॉस्टल व पीजी में रह रहे हैं। उनमें से ज्यादातर का पुलिस के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है।
वर्जन
अ·ाी कोई ·ाी पीजी निगम के पास रजिस्टर्ड नहीं है। निगम के नियमों के मुताबिक सर्वें करवाकर यह पता लगाया जाएगा कि शहर में कितने पीजी चल रहे हैं।
केके जैन, ईओ, नगर निगम, यमुनानगर
 वर्जन
इसके लिए स·ाी थानों व चौकियों के प्र·ाारी को दिशा-निर्देश दिए गए हंै ताकि बाहर से आकर रहने वाले लड़कों व लड़कियों का रिकार्ड रखा जा सके और घटना होने पर जांच में मदद मिल सके।
मितेश जैन, पुलिस अधीक्षक यमुनानगर




Saturday, 12 May 2012

एक डांट ने बदल दी जीवन की राह CITY NEWS YNR


                 एक डांट ने बदल दी जीवन की राह

यमुनानगर। एक डांट ऐसी पड़ी कि जीवन की राह ही बदल गई। सपना था कुक बनने का, लेकिन बन गई एचसीएस आफिसर। यह हकीकत है  पहले ही प्रयास में 2011 में हरियाणा सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास करके यमुनानगर में तैनात सिटी मेजिस्ट्रेट  पूजा चांवरिया के जीवन की।
कुकिंग की बेहद शौकिन पूजा चांवरिया का कहना है कि वह कुकिंग के फिल्ड में हाथ आजमाना चाहती थी। वह इस फिल्ड में करियर बनाने के साथ-साथ नाम कमाने की भी इच्छुक थी। प्लस टू पास की ही थी कि इसी दौरान दिल्ली के पूसा स्थित होटल मैनेजमेंट इंस्टीच्यूट में एडमिशन के लिए टेस्ट के फॉम निकल गए। उसने टेस्ट दिया और उसमें मेरिट लिस्ट में आ गई, लेकिन जब मम्मी-पापा को इसके बारे में पता चला तो इस बात को लेकर घर में बवाल खड़ा हो गया। घर में कोई नहीं चाहता था कि वह कुक बने। इस पर पेरेंट्स ने उसे खूब डांट पिलाई।
मामा की राह से मिली मंजिल
पूजा बताती है कि इस डांट के बारे में जब मामा सुरेंद्र कुमार को पता चला तो उन्होंने उसे ऐसी राह दिखाई कि वह पहले ही प्रयास में हरियाणा सिविल सर्विस की परीक्षा में पास हो गई। पूजा का कहना है कि मामा ने उसे कहा था कि उनकी बेटी कुक नहीं बल्कि एक बड़ी आफिसर बनेगी। आफिसर बनकर वह नाम भी कमाएगी और पब्लिक सर्विस भी करेगी। वह बताती है कि हालांकि आज वह एक आफिसर बन गई है लेकिन उसका कुकिंग का शौक अब भी खत्म नहीं हुआ है। यमुनानगर में वह अपने रेजीडेंस पर खुद ही अपना खाना बनाती है।
अंबाला में पली, बढ़ी पूजा
अंबाला सिटी की रहने वाली पूजा ने बताया कि उसने 10वीं तक पढ़ाई आरएन कपूर डीएवी स्कूल अंबला सिटी से की। उसके बाद प्लस वन व टू कॉंवेंट आफ जिजेस एंड मैरी स्कूल, अंबाला कैंट व बीबीए जीएमएन कालेज अंबाला कैंट से पास की। उन्होंने बताया कि वह पोस्ट ग्रजुऐशन (एमए) करने के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ गई। वहां उसने पब्लिक एडमिनिस्टेÑशन सब्जेक्ट में यूनिवर्सिटी को टॉप किया। टॉपर रहने पर यूनिवर्सिटी कंवोकेशन के अवसर पर कार्यक्रम कें चीफ गेस्ट सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस ने उन्हें गोल्ड मेडल से सम्मानित किया था। पूजा को पढ़ाई से बेहद प्यार है। यूनिवर्सिटी से एमए करने के बाद उन्होंने नेट भी क्लीयर किया था। अब पूजा पंजाब यूनिवर्सिटी से ही डॉ. रमनजीत कौर जौहल की गाइडेंस में पीएचडी कर रही है। उनका टॉपिक है एडमिनिस्टेÑशन आफ राइट टू इनफॉर्मेशन एक्ट 2005 इन दा स्टेट आफ हरियाणा।
एचसीएस परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद पूजा ने 12 जनवरी 2011 को टेÑनिंग के लिए ज्वाइन किया था। टेÑनिंग खत्म होने के बाद 2 जनवरी 2012 में उन्हें अपने जीवन की पहली पोस्टिंग यमुनानगर में मिली और तब से वह यहां सिटी मेजिस्टेÑट की पोस्ट पर कार्य कर रही है।
आईएएस बनना है सपना
पूजा की मंजिल एचसीएस आफिसर बनने पर ही खत्म नहीं होती। वह आईएएस आफिसर बनना चाहती है, ताकि समाज के लिए और अच्छे ढंग से कार्य किया जा सके। उन्होंने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है और अगले साल उनका यूपीएससी की परीक्षा देने का इरादा है। एचसीएस से पहले पूजा ने यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन की  असिस्टेंट कमांडेंट की परीक्षा दी थी, जिसमें वह लिखित परीक्षा में क्वालीफाई कर गई थी लेकिन सलेक्शन नहीं हो सकी थी। इसी तरह राजस्थान एडमिनिस्टेÑटिव सर्विस में भी वह केवल .95 प्रतिशत अंक से सलेक्शन से वंचित रह गई थी। पूजा का 2010 में आरटीआई पर शोध पेपर भी छपा था।
बिना कोचिंग पास की परीक्षा
पूजा ने बताया कि उसने परीक्षा की तैयारी सेल्फ स्टड़ी से की। केवल इंटरव्यू के लिए मॉक कोचिंग इसलिए लेनी पड़ी थी, क्योंकि इंटरव्यू से कुछ समय पहले ही एक संबंधी की मौत हो गई थी, जिसकी वजह से वह इंटरव्यू की अच्छी तरह से तैयारी नहीं कर पाई थी। उन्होंने कहा कि जीवन में सफल होने के लिए हार्ड वर्क व डेडिकेशन जरूरी है। चाहे थोड़ा पढ़ो, लेकिन पढ़ो नियमित और पढ़ते समय क्वेनटिटि की बजाए क्वालिटी पर ध्यान देना चाहिए। जो भी करो 100 प्रतिशत दिल लगाकर करो, सफलता जरूर मिलेगी।