Tuesday, 30 April 2013

श्री कृष्ण करते हैं लोगों का बेड़ा पार CITY NEW YNR


श्री कृष्ण करते हैं लोगों का बेड़ा पार : अग्रवाल


श्री राधा-कृष्ण सखा मंडल वर्कशॉप द्वारा कराए जा रहे कार्यक्रम के पहले दिन भजन सम्राट विनोद अग्रवाल व बलदेव कृष्ण ने भजन वर्षा की। पहले दिन कार्यक्रम का शुभारंभ एचआर सरदाना व डॉ. रमेश कुमार ने की। भजन सुनने के लिए हजारों की संख्या में भक्त पूरे यमुनानगर व आसपास के जिला से पहुंचे थे। भजन सम्राट विनोद अग्रवाल के भजन सुनने के लिए शाम 6 बजे से ही भक्तों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। भीड़ इतनी थी कि पंडाल छोटा पड़ गया। 

कुछ रोज की जिंदगी है ढंग से जी लो : भजन सम्राट विनोद अग्रवाल ने कहा कि कुछ रोज की जिंदगी है इसे ढंग से जी लो। उन्होंने कहा कि भगवान के साथ हमें चलना चाहिए। यदि हम भगवान के बताए रास्ते पर चलेंगे तो वह भी हमारे साथ ही चलेंगे। यदि हम उसे अपनी सुनाएंगे तभी वे हमारी भी सुनेंगे। उन्होंने भजनों के माध्यम से भजन सम्राट विनोद अग्रवाल ने जहां ब्रजवासियों को भगवान का सबसे प्रिय बताया वहीं उन्होंने भगवान के बांके होने की भी गुणगान किया। जब तक भजन संख्या चलती रही तब तक महिला व पुरुष श्रद्धालु नाचते रहे। 
भजन संध्या में संस्कृति को बचाने का संदेश 
 श्री राधा कृष्ण सखा मंडल द्वारा विष्णुनगर में करायी जा रही भजन सर वर्षा में सिरसा से आए भजन गायक किशन दास ने यही संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमें अपने बड़ों का सम्मान करना चाहिए। कृष्ण जी ने अपने माता-पिता को जो सम्मान किया। खुशी से नाचना अच्छी बात है। व्यक्ति जब भी खुश होता है तो वह नाचने लगता है। घर में कोई शादी समारोह हो तो हम डीजे की आवाज पर भी नाचते हैैं, लेकिन यदि हम डीजे में भगवान के गीत चलाकर नाचें तो हमारी संस्कृति भी बची रहेगी साथ ही हमारे संस्कार भी अच्छे होंगे। देर रात तक चली भजन संध्या में जहां श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया। 
वहीं पूरा क्षेत्र जय श्री राधे जय श्री कृष्णा के जयकारों से गुंज उठा। आयोजकों ने सभी भक्तों से आग्रह किया कि अपनी-अपनी क्षमता अनुसार कन्याओं की शादी के लिए दान जमा करवाएं। श्री राधा कृष्ण सखा मंडल के सदस्य सुशील अरोड़ा ने बताया कि पांच गरीब कन्याओं की शादी के लिए शहरवासियों द्वारा भरपूर सहयोग किया जा रहा है।
श्री राधा कृष्ण सखा मंडल द्वारा कराई जा रही भजन रस वर्षा संपन्न, 5 कन्याओं का सामूहिक विवाह हुआ 
श्री राधा कृष्ण सखा मंडल द्वारा करवाए जा रहे भजन रस वर्षा का समापन पांच कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह के साथ संपन्न हो गया।तीसरे दिन भजन गायिका अल्का गोयल ने भजन अमृत वर्षा की। भजन संध्या में मुख्य यजमान समाजसेवक गणेश गुप्ता, गजेंद्र कपूर, महेंद्र कुमार, दर्शन लाल व मदन मोहन अरोड़ा रहे। श्रद्धालुओं ने भजन संध्या का आनंद उठाया व दंपतियों को आशीर्वाद देकर उनके सुखी जीवन की कामना की। इसके साथ ही सामूहिक विवाह समारोह में आई बारात का स्वागत आयोजकों द्वारा किया गया। 
श्री राधा कृष्ण सखा मंडल द्वारा शादी में बर्तन, सिलाई मशीन, बिजली का चूल्हा, डिनर सैट, मिक्सी, कूकर, छत्त का पंखा, फर्राटा, प्रैस, चपाती बोक, वाटर कैंपर, दीवार की घड़ी, बाल्टी, गद्दे, रजाई, हैंड बैग, चांदी का मंगलसूत्र, पाजेब, सोने का कोका, लेडिज सूट, साड़ी, जैंटस सूट, चादर, तोलिए, दुपट्टे व मेकअप किट देकर कन्याओं की विदाई की गई। मौके पर सखा परिवार के सुशील कुमार अरोड़ा, तिलक राज, हरजीता नंद, दिनेश कुमार, राङ्क्षजद्र मोदी, नीतिन कुमार, राकेश शर्मा, प्रवीण कुमार, बलदेव राज, प्रमोद कथूरिया, राजू कथूरिया व अतुल चोपड़ा मौजूद रहे। 
इनका हुआ विवाह : कैंप निवासी दीप्ति, वर्कशाप निवासी रीना, अंबेदकर विहार निवासी पूजा, विष्णु नगर रेणु व अंबेदकर नगर की सीमा की शादी खारवन गांव के प्रदीप कुमार, रामपुर शाहा के विजय पाल, गांव कैल के जय किशन, फिरोजपुर पंजाब के हेत राम व मुस्तफाबाद के चरण ङ्क्षसह के साथ हुई। 





Sunday, 21 April 2013

चूल्हे की रोटी का स्वाद ही न्यारा सै CITY NEWS YNR



  चूल्हे की रोटी का स्वाद ही न्यारा सै 
सब्सिडी के सिलेंडर कम करने से ग्रामीणों ने निकाला रास्ता, फिर से दिखने लग गए हैं घरों में मवेशी 
विनोद धीमान
जगाधरी वर्कशॉप। सरकार द्वारा सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या सीमित करने से एक बार तो महिलाओं को जोर का झटका लगा था, लेकिन अब उन्होंने इसका भी तोड़ निकाल लिया है। गैस की जगह फिर से घर के आंगन में चूल्हा जल गया है। महिलाएं अब एलपीजी चूल्हे पर केवल नाममात्र का कार्य करती हैं और खाना बनाने का पूरा कार्य चूल्हे पर कर रहीं हैं। इससे पैसे की बचत तो हो ही रही है, साथ ही सिलेंडर खत्म होने के टेंशन से भी छुटकारा मिल गया है।
शहरी क्षेत्र की तर्ज पर देहात की महिलाएं घरेलू कार्य के लिए पूरी तरह से एलपीजी पर निर्भर हो चुकीं थीं। गांवों में भी चूल्हा बीते जमाने की बात बनकर रह गया था। सरकार द्वारा 21 दिन में उपभोक्ताओं को सब्सिडी पर सिलेंडर मुहैया करा दिया जाता था। अब सरकार ने अचानक प्रतिवर्ष केवल नौ सिलेंडर सब्सिडी पर देने का फैसला लिया है। खाना बनाने के लिए एलपीजी पर निर्भर रहने वाली महिलाओं ने सरकार को इसका जवाब दे दिया है। महिलाओं ने फिर से अपनी पुरानी परंपरा के मुताबिक चूल्हे पर खाना बनाना शुरू कर दिया है।
पैसे की बचत, टेंशन फ्री :
कैल गांव की शान्ती देवी ने बताया कि चूल्हे पर खाना बनाने के दो फायदे हैं। एक तो पैसे की बचत होती है, दूसरा सिलेंडर खत्म होने की परेशानी से छुटकारा मिल गया है। चूल्हे पर गैस की बजाय थोड़ा देरी से खाना जरूरत बनता है, लेकिन इसके लिए भी उन्होंने टाइम टेबल बना लिया है। जहां सुबह पांच बजे उठना पड़ता था, अब साढ़े चार बजे उठकर चूल्हा शुरू करना पड़ता है।
                                                                    चूल्हे का खाना है पौष्टिक 
कासंपुर की महिला इन्दु राणा ने कहा कि बेटा चूल्हे का खाना पौष्टिक होता है। गैस पर पकने वाली रोटी से मोटापा होता है। कुकर पर बनने वाली सब्जी से ज्यादा स्वाद सब्जी चूल्हे पर डेगची में बनने वाली सब्जी होती है। बीते दिनों की याद ताजा करते हुए कहा कि जब तैरे ताऊ घर आते थे तो चूल्हे के सामने बैठकर ही रोटी खाया करते थे। स्वाद-स्वाद में दो-तीन रोटी फालतू खा जाया करते। इब तो गैस की दो रोटी भी पूरा दिन कलेजे में धरी रहवै सै।
घरों में फिर आए पशु : 
ससोली गांव निवासी सीमा देवी ने कहा कि घरों में फिर से भैंस व गाय आ गई हैं। चूल्हे के लिए उपले और उपलों के लिए भैंस व गाय का गोबर चाहिए। इससे ग्रामीणों ने पशु रखने शुरू कर दिए हैं। पशु रखने से भी दो फायदे हैं। एक तो शुद्ध दूध घर का होता है और दूसरा उपले बनाने के लिए गोबर मिल जाता है।


चूल्हे की रोटी का स्वाद ही न्यारा सै CITY NEWS YNR



  चूल्हे की रोटी का स्वाद ही न्यारा सै 
सब्सिडी के सिलेंडर कम करने से ग्रामीणों ने निकाला रास्ता, फिर से दिखने लग गए हैं घरों में मवेशी 
विनोद धीमान
जगाधरी वर्कशॉप। सरकार द्वारा सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या सीमित करने से एक बार तो महिलाओं को जोर का झटका लगा था, लेकिन अब उन्होंने इसका भी तोड़ निकाल लिया है। गैस की जगह फिर से घर के आंगन में चूल्हा जल गया है। महिलाएं अब एलपीजी चूल्हे पर केवल नाममात्र का कार्य करती हैं और खाना बनाने का पूरा कार्य चूल्हे पर कर रहीं हैं। इससे पैसे की बचत तो हो ही रही है, साथ ही सिलेंडर खत्म होने के टेंशन से भी छुटकारा मिल गया है।
शहरी क्षेत्र की तर्ज पर देहात की महिलाएं घरेलू कार्य के लिए पूरी तरह से एलपीजी पर निर्भर हो चुकीं थीं। गांवों में भी चूल्हा बीते जमाने की बात बनकर रह गया था। सरकार द्वारा 21 दिन में उपभोक्ताओं को सब्सिडी पर सिलेंडर मुहैया करा दिया जाता था। अब सरकार ने अचानक प्रतिवर्ष केवल नौ सिलेंडर सब्सिडी पर देने का फैसला लिया है। खाना बनाने के लिए एलपीजी पर निर्भर रहने वाली महिलाओं ने सरकार को इसका जवाब दे दिया है। महिलाओं ने फिर से अपनी पुरानी परंपरा के मुताबिक चूल्हे पर खाना बनाना शुरू कर दिया है।
पैसे की बचत, टेंशन फ्री :
कैल गांव की शान्ती देवी ने बताया कि चूल्हे पर खाना बनाने के दो फायदे हैं। एक तो पैसे की बचत होती है, दूसरा सिलेंडर खत्म होने की परेशानी से छुटकारा मिल गया है। चूल्हे पर गैस की बजाय थोड़ा देरी से खाना जरूरत बनता है, लेकिन इसके लिए भी उन्होंने टाइम टेबल बना लिया है। जहां सुबह पांच बजे उठना पड़ता था, अब साढ़े चार बजे उठकर चूल्हा शुरू करना पड़ता है।
चूल्हे का खाना है पौष्टिक 
कासंपुर की महिला इन्दु राणा ने कहा कि बेटा चूल्हे का खाना पौष्टिक होता है। गैस पर पकने वाली रोटी से मोटापा होता है। कुकर पर बनने वाली सब्जी से ज्यादा स्वाद सब्जी चूल्हे पर डेगची में बनने वाली सब्जी होती है। बीते दिनों की याद ताजा करते हुए कहा कि जब तैरे ताऊ घर आते थे तो चूल्हे के सामने बैठकर ही रोटी खाया करते थे। स्वाद-स्वाद में दो-तीन रोटी फालतू खा जाया करते। इब तो गैस की दो रोटी भी पूरा दिन कलेजे में धरी रहवै सै।
घरों में फिर आए पशु : 
ससोली गांव निवासी सीमा देवी ने कहा कि घरों में फिर से भैंस व गाय आ गई हैं। चूल्हे के लिए उपले और उपलों के लिए भैंस व गाय का गोबर चाहिए। इससे ग्रामीणों ने पशु रखने शुरू कर दिए हैं। पशु रखने से भी दो फायदे हैं। एक तो शुद्ध दूध घर का होता है और दूसरा उपले बनाने के लिए गोबर मिल जाता है।


Wednesday, 3 April 2013

डीसी विधायकों से मिलने की बजाए अपने कार्यालय में ही नहीं पहुंचे।CITY NEWS YNR


 डीसी विधायकों से मिलने की बजाए अपने कार्यालय में ही नहीं पहुंचे


जिले के विकास के मुद्दे को लेकर एक बार फिर से इनेलो विधायक आज डीसी से मिलने लघु सचिवालय पहुंचे। पहले की तरह इस बार भी डीसी विधायकों से मिलने की बजाए अपने कार्यालय में ही नहीं पहुंचे। करीब आधा घंटे इंतजार करने के बाद डीसी के स्थान पर एडीसी ने विधायकों से मुलाकात कर उन्हें हर कार्य के बारे में बताने के लिए शुक्रवार तक का समय मांगा। इस पर इनेलो विधायकों ने साफ कहा कि वह अब के बाद प्रशासन के पास नहीं आएंगे। बल्कि यदि प्रशासन ने उनकी व जनता की सुनवाई नहीं की तो वह जनता के साथ सडक़ों पर उतर जाएंगे।



विधानसभा में स्पीकर द्वारा की जाने वाली अनदेखी की टीस डीसी से मिलने पहुंचे इनेलो विधायकों के मुंह से बाहर निकल ही आई। डीसी की गैर मौजूदगी में एडीसी से बात करते हुए इनेलो विधायक बोल ही पड़े की विधानसभा में स्पीकर उनकी नहीं सुनता। यहां पर डीसी उनकी नहीं सुनते। ऐसे में वह जनता को कैसे जवाब दे। इतना ही नहीं करीब आधे घंटे तक डीसी कार्यालय में बैठकर डीसी का इंतजार किए जाने के बाद भी जब कोई अधिकारी वहां नहीं पहुंचा तो इनेलो विधायक बीएल सैनी ने मुख्य सचिव कार्यालय पर टेलीफोन कर उनसे बात करने का प्रयास किया, लेकिन वह भी बाहर गए हुए थे। ऐसे में इनेलो विधायक फिर से प्रधान सचिव विनित गर्ग को नंबर पता कर उनसे बात करने का प्रयास करने लगे, लेकिन इसी बीच एडीसी वहां पहुंच गए। एडीसी के पहुंचने पर इनेलो विधायकों ने इसे डीसी का ड्रामा बता दिया।


एडीसी से बातचीत में विधायकों ने कहा कि डीसी खुद टाइम देने के बाद उनसे मिलते नहीं है। क्या वह विधायकों को कुछ नहीं मानते? इस पर एडीसी ने उन्हें समझाने का प्रयास किया तो इनेलो विधायक दिलबाग सिंह ने उन्हें अपना असली रोल दिखाने तक की बात कह दी। इतना ही नहीं जब इनेलो विधायक ने हाइवे पर पैच वर्क का काम किए जाने की बात कहकर वहां कुछ न होने की बात कहते हुए सरकारी कागज एडीसी को दिखाए तो एडीसी भी अधिकारी के बचाव में बोलते नजर आए। ऐसे में इनेलो विधायक एक बार फिर से इस बात पर भडक़ गए।

इनलो विधायक ने साफ कह दिया कि इस बार उन्होंने प्रशासन से आखिरी मुलाकात कर उन्हें विकास कार्य करने का मौका दिया है। अब शुक्रवार के बाद प्रशासन से कोई बात नहीं की जाएगी। यदि शुक्रवार तक प्रशासन ने अपनी स्थिति साफ नहीं की तो अब सडक़ों पर उतरकर अपना हक मांगा जाएगा। विधायकों ने साफ कहा कि हरियाणा में सरकार व प्रशासन नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। विधानसभा में स्पीकर उन्हें सस्पेंड कर बाहर निकाल देता है, जिससे उन्हें बोलने का मौका नहीं मिलता। यहां पर डीसी भी उनसे नहीं मिलता। हर बार प्रशासन केवल आश्वासन ही देता है।

 आज डीसी के ध्यान में नहीं रहा था कि उन्होंने विधायकों को समय दिया है। अचानक ही उन्हें मीटिंग में जाना पड़ गया। प्रशासन शुक्रवार तक हर काम की स्टेट्स रिपोर्ट विधायकों को दे देगा। ऐसा नहीं है कि विकास कार्य नहीं हो रहा। अलबत्ता कुछ कम गति से कार्य हो रहे है, जल्द ही जिले की तस्वीर बदल जाएगी।



Friday, 29 March 2013

प्रीति बनेगी जीती, सेंटीमेंटल होंगे बिक्कर बाई CITY NEWS YNR




             प्रीति बनेगी जीती, सेंटीमेंटल होंगे बिक्कर बाई
सुहाग की जिद्द व ममता की मजबूरी से जूझती नजर आएगी बिक्कर बाई की जीती
19 अप्रैल को रिलीज हो रही बिक्कर बाई सेंटीमेंटल में
 अहम रोल में नजर आएंगी प्रीति झिंगियाणी

यमुनानगर,  जीती- एक ऐसी औरत जो अपने पति के जज्बे के लिए समाज से जूझती है और बेटी के लिए पति के सामने भी दीवार की तरह खड़ी होती है। बॉलीवुड की खूबसूरत एक्ट्रेस प्रीति झिंगियाणी को अब तक आपने इतने चैलेंजिंग रोल में नहीं देखा होगा। अप्रैल महीने में 19 को रिलीज होने जा रही बिक्कर बाई सेंटीमेंटल में जीती का रोल निभा रही हैं प्रीति।
मीडिया से एक खास मुलाकात में प्रीति ने इस फिल्म और अपने रोल के बारे में बताया। उनके साथ फिल्म के हीरो सिंगर जस्सी जसराज, को-प्रोड्यूसर प्रभजोत कौर महंत भी मौजूद थे।
प्रीति ने बताया कि इस फिल्म में वह जीती के रूप में एक ऐसी महिला का किरदार निभा रही हैं, जो खुद को अपने सुहाग की जिद के मुताबिक ढालती है, ताकि समाज से अलग पहचान कायम कर सके। वहीं ममता की मजबूरी के कारण अपनी बेटी के लिए पति से भी जूझती है। यह फिल्म एक ऐसे परिवार से जुड़ी हुई कहानी है, जिसमें एक महिला को अपने अभिभावकों की नापसंदगी वाले पति के साथ चलने के लिए हर कदम पर संघर्ष करते दिखाया गया है। वह इस रिश्ते की गंभीरता को निभाती है और पति के जज्बे को भी सलाम करती है।
फिल्म के हीरो जस्सी जसराज ने बताया कि यह फिल्म शहीद भगत ङ्क्षसह जैसे योद्धाओं की कल्पना वाले समाज की रचना की उम्मीद के तहत उसी जिंंदगी के कुछ कड़वे-मीठे तजुर्बों की उपज है। फिल्म यह मैसेज देती है कि समाज को बदलने से पहले स्वयं को बदलकर आगे बढ़ो। यह फिल्म एक ऐसे जज्बाती नौजवान के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी जिद  तथा जज्बे की बदौलत उलझे हुए सामाजिक ताने-बाने के लिए चुनौती बनता है।
शांति फिल्म्स तथा प्रभशरण फिल्म्स की संयुक्त पेशकश बिक्कर बाई सेंटीमेंटल 19 अप्रैल को रिलीज होगी। इस फिल्म में राणा रणबीर, शाहबाज खान, सरदार सोही, कंवलप्रीत तथा बॉबी संधू भी मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। इस फिल्म का निर्देशन गौतम नागरथ (गर्व- प्राइड एंड ऑनर फेम) ने किया है। फिल्म के प्रोड्यूसर संदीप बांसल तथा कमलजीत कौर हैं, जिनका साथ प्रभजोत कौर महंत ने बतौर एसोसिएट प्रोड्यूसर दिया है। फिल्म के लिए गीत जस्सी जसराज के अलावा इक्का, बलजिन्द्र ङ्क्षसह महंत तथा दीप जगदीप ने लिखे हैं, जबकि इनको आवाज दी है जस्सी जसराज, दिलजीत दोसांझ, बादशाह तथा तरन्नुम ने। म्यूजिक जेएसएल सिंह का है। फिल्म की कहानी लिखी है बलजिंदर एस महंत है। स्क्रीनप्ले व डायलॉग्स लिखने में महंत का साथ दिया है बॉबी संधू ने। सिनेमैटोग्राफी पंकज कछवा की है, जबकि कोरियोग्रापी ज्योत की। एक्शन है आरपी यादव का। फिल्म को एडिट किया है प्रशांत राठौर ने। फिल्म की शूङ्क्षटग हाल ही में चंडीगढ़ तथा इसके आसपास के इलाकों में मुकम्मल हुई है।

Sunday, 24 March 2013

हरियाणा इंजीनियरिंग कालेज जगाधरी में अजारो-2013 की धूम CITY NEWS YNR


हरियाणा इंजीनियरिंग कालेज जगाधरी में      अजारो-2013 की धूम 

हरियाणा इंजीनियरिंग कालेज जगाधरी में चल रहे 12वें अजारो-2013 में    भारत के अलग अलग कालेज से आए स्टूडेंट्स ने मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाकर यह सिद्ध कर दिया कि एक सफल इंजीनियर के पास हर तरह की प्रतिभा होती है। स्टूडेंट्स ने पूरे भारत की संस्कृति के साथ साथ फैशन जलवा भी प्रस्तुत किया। जिसमें देशी और विदेशी पहनावों के साथ साथ पंजाबी पहनावे का भी जलवा दिखाया। इसी के साथ कालेज के ही सीएससी थर्ड इयर के स्टूडेंट आकाश बावा ने अपने गीतों से सभी को झूमने को मजबूर कर दिया। कालेज के प्रधानायार्य डा. कुलदीप सिंह ने बताया कि कालेज में भारत के अलग अलग राज्यों से आए स्टूडेंट्स ने अपने शोध पत्रों से अपने विचार एक दूसरे के साथ सांझा किए हैं। कई प्रकार की तकनीक के बारे में इन्होंने एक दूसरे को बताया है। जिससे आने वाले समय में नए अविष्कार करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने बताया कि अजारो कार्यक्रम करवाने का सबसे बड़ा फायदा यही रहता है कि स्टूडेंट्स ने जो भी शोध किए हैं। वे एक दूसरे के साथ सांझा कर सकें। कालेज के डीन अकेदमिक इंजी. हरीश महेंदू्र ने बताया कि कालेज द्वारा अलग अलग इंडस्ट्री में काम कर इंजीरियर्स को भी बुलवाया गया है। ताकि वे स्टूडेंट्स के साथ अपने अनुभवों को साझा कर सकें। क्योंकि वे  हर दिन प्रेक्टिल करते हैं। स्टूडेंट्स द्वारा किए जा रहे शोध में क्या कमियां हैं या उन्हें और अच्छा कैसे किया जा सकता है। इंडस्ट्री में काम कर रहे इंजीनियर ही बेहतर बता सकते हैं। इस मौके पर कालेज के चेयरमैन इंद्रजीत बजाज, सिनियर वाइस चेयरमैन एके धवन, वाइस प्रेसिडेंट अनिल वर्मा, सचिव एचसी धवन, ट्रेजर वाइके मित्तल, रजिस्ट्रार फाइनांस मैडम प्रतिभा, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर डा. नीरज गर्ग, कार्यक्रम की कनवीनर डा. शैली, को कनवीनर अमनदीप शर्मा, रोहित अरोड़ा, तरुण वर्मा व सभी फकेल्टी मैम्बर्स मौजूद रहे।
इस प्रकार रहे रिजल्ट
पेपर प्रस्तुति करण के अलग अलग इवेंट में हरियाणा इंजीनियरिंग की प्रियंका और खुशबू,  मायूरी व राघव, कनिका गांधी, कीर्ती,गिफ्टी गुप्ता  स्वाती व अंकित टिम्ट कालेज की पूजा अंबाला इंजीनियरिंग कालेज मिठापुर की रीशू व अंकित, हिंदुस्तान इंजीनियरिंग कालेज डीन के आरूषी मित्तल व मनुज शर्मा ने पहला स्थान प्राप्त किया। हरियाणा इंजीनियरिंग कालेज की पारुल व रोहिणी, पलक गुलाटी, अंकित गुप्ता व सौरभ मेंहदी रत्ता, गौरव व चमनप्रीत, सुमन व सुषांत, दिलजीत व पारुल, सुनयना, प्राची, टीआईएमटी के कर्णदीप सिंह ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। थू्र द लेंस प्रतियोगिता जिसमें स्टूडेंट्स को कालेज की फोटो शूट करनी थी। उसमें पहला स्थान केशव को दिया गया। सोफ्ट टेंपोर मास्टर वर्ग प्रतियोगिता में पहला स्थान हरियाणा इंजीरियरिेंग कालेज के आतिश को, जैसलीन व महक, शिखा व जया धवन को पहला  स्थान दिया गया। दूसरे स्थान पर हरियाणा इंजीनियरिंग कालेज के अमन भारद्वाज, सुमित कुमार, टीम्ट कालेज के सुशांक कुमार पर रहे। सोलो डांस प्रतियोगिता में टीम्ट कालेज की ज्योति पहले स्थान पर, हरियाणा  इंजीनियरिेंग कालेज की कशिश दूसरे स्थान पर रही। डूएट डांस में पहले स्थान पर जेएमआईटी कालेज के रितेश व उपहार, जीएमएन अंबाला के संदीप और अर्जुन दूसरे स्थान पर, डिबेट में हरियाणा इंजीनियरिंग कालेज की शिल्पी और अनुराग पहले स्थान पर, टीम्ट की सरबजोत व गुरप्रीत दूसरे स्थान पर रहीं। सोलो सिंगिंग में हरियाणा इंजीनियरिंग कालेज के आकाश बावा पहले स्थान पर जीएमएन अंबाला की दीपा दूसरे स्थान पर रहीं। भाव प्रदर्शन में एशियन इंजीनियरिंग कालेज की अभिमन्या पहले स्थान पर, हरियाणा इंजीनियरिंग कालेज के प्रतीक व विरेंद्र  दूसरे स्थान पर रहे। माइंड माजरा प्रतियोगिता में हरियाणा इंजीनियरिंग के भारती तनवर पहले स्थान पर व मेघा बिंदल दूसरे स्थान पर रहीं।


Friday, 8 March 2013

21वीं सदी की महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रणीय CITY NEWS YNR




       21वीं सदी की महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रणीय

यमुनानगर। डीएवी गल्र्स कालेज के विमेन सेल द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर अग्रवाल वैश्य समाज (महिला प्रकोष्ठ) के सहयोग से कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें समाज की प्रदेशाध्यक्षा सुशीला सर्राफ मु य अतिथि रहीं। जबकि कालेज पिं्रसिपल डा. सुषमा आर्य ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
महिलाएं अपनी सुरक्षा स्वयं कैसे कर सकती हैं, इस विषय पर कालेज के विमेन सेल द्वारा पावर प्वाइंट प्रजंटेशन दी गई। जिसे निधि सानन व शिवानी पुरी ने तैयार किया किया था। उन्होंने बताया कि महिलाएं किस प्रकार से घर पर, सड़क पर तथा गली मौहल्लों में सुरक्षित रह सकती है। अगर वे साथ में स्प्रे रखें या फिर कराटे सीखें। विमेन सेल इंचार्ज विवेक नरूला ने कहा कि छात्राओं को चाहिए कि वे अपने दोस्तों पर ज्यादा विश्वास करने की बजाए, अभिभावकों से प्रत्येक बात पर चर्चा करें। ताकि अभिभावकों का उन पर ज्यादा से ज्याद विश्वास बन सकें। को-कनवीनर डा. सुरेंद्र कौर महिला सशक्तिकरण पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि २१वीं सदी की महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रणीय है। कार्यक्रम के दौरान रजनी गुप्ता ने कन्या भ्रूण हत्या पर विस्तार से चर्चा की और इसके दुष्परिणामों के बारे में बताया। इंद्रू गुप्ता ने महापुरुषों के योगदान के बारे में विस्तार से चर्चा की। नैंसी अग्रवाल ने नारी शक्ति पर कविता प्रस्तुत की। डा. टीना मंगला ने कहा कि स्वस्थ नारी ही स्वस्थ समाज की नींव है। उन्होंने सभागार में बठी महिलाओं को स्वस्थ रहने के टिप्स दिए। शिखा गुप्ता ने लड़का व लड़की के बीच होने वाले भेदभाव के बारे में बताया। कार्यक्रम के दौरान अग्रवाल वैश्य समाज महिला प्रकोष्ठ की मु य सलाहाकार संगीता अग्रवाल, अध्यक्ष मनीषा अग्रवाल,शीतल गुप्ता, रेखा गुप्ता, किरण बाला, सुनीता गर्ग, डा. संगीता गर्ग, पूजा, मीनू, मंजू सिंगला, रूचि मित्तल निधि गर्ग, डा. मधु मित्तल अपने अपने विचार प्रकट किए।