Monday, 19 December 2011

बड़ा दिन की बड़ी तैयारी CITY NEWS YNR



बड़ा दिन की बड़ी तैयारी...
क्रिसमस पर बाजार में फोस्टवल का दिखने लगा खुमार 
चर्च व स्कूल कालेजों में तैयारियां जोरा पर 

विनोद धीमान
यमुनानगर। बड़ा दिन! 25 दिसंबर को मनाया जाने वाले क्रिसमस-डे को लेकर ट्विन सिटी में अभी से खासा उत्साह दिखने लगा है। जहां शहर में बने सभी चर्च घरों में माह भर से कई तरह के अयोजन चल रहे है तो विभिन्न स्कूल-कालेज भी इसकी तैयारियों में जुट गए है। तो वहीं बाजार भी इस पर्व के रंगो से रंगे नजर आने लगे है। क्रिसमिस को लेकर बच्चों में सेंटा का के्रज देखते ही बनता है, क्रिसमिस ट्री व अन्य पर्व से जुडे सामान की खरीदारी पर जोर पकड़ने लगी है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर के लोगों ने बडेÞ दिन को बडेÞ उत्साह से मनाने की तैयारी कर ली है।

क्रिशन चूनी 
फव्वारा चौक स्थित सेंट पीटर्स चर्च के फादर विक्टर मसीह ने बताया कि आज से 2000 ईसा. पूर्व 25 दिसंबर के ही दिन प्रभु ईशो मसीह का जन्म बेतहलम गांव में एक कुंवारी स्त्री जिसका नाम मरियम था, से हुआ था। उन्होंने बताया कि मरियम की मंगनी युसफ नामक व्यक्ति से हुई थी, जिसके बाद स्वर्ग  से आए स्वर्गदुत जिबराईल ने मरियम को संदेश दिया कि तू गृभवती होगी और पुत्र जनेगी, जिसका नाम तू यीशु रखना। उन्होंने बताया कि तब से ही यीशु के जन्मोपलक्ष में 25 दिसंबर के दिन को बडेÞ दिन मानकार क्रिसमिस-डे मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि बडेÞ दिन का मुख्य उद्देश्य यही है कि इस दिन यीशु मसीह का जन्म हुआ, जिन्होंने मानव जाती के पापों के लिए अपनी जान क्रूस पर कुर्बान कर दी। फिर तीसरे दिन मुर्दो में से वे जी उठे और 40 दिन बाद स्वर्ग से उठा लिए गए। वह दोबारा जगत का न्याय करने के लिए आने वाले है....
यीशु यानि उद्धार करने वाला...
चर्च के फादर ने बताया कि यीशु नाम का अर्थ है छुटकारा देने वाला व उद्धार करने वाला। यीशो मसीह धरती पर देह धरण करके बच्चे के रूप में इसीलिए आए ताकि पापमय मानवजाती को उसके पापो से छुटकारा दिलाकर उसे अन्नत जीवन देकर उद्धार कर सके।
पूरी सृष्टि के यीशु मसीह
बाईबल के युहाना: 3.16 में कहा गया है कि ‘‘क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा पे्रम किया कि उसने अपना इक्लौता पÞुत्र (यीशु) दे दिया। ताकि जो कोई उस पर विश्वास करें वह नाश न हो, परंतु अन्नत जीवन पाए।’’
फादर विक्टर मसीह ने बताया कि उक्त पद के मुताबिक यीशो मसीह का जन्म संपूर्ण मानव जाती के लिए हुआ है, जो पाप में पड़ी हुई है।  वे केवल एक समुदाय विशेष के लिए नहीं बल्कि पूरी सृष्टि के उद्धार के लिए धरती पर आए।
सेंटाक्लाज का नहीं बाइबल में जिक्र
फादर ने बताया कि सेंटाक्लाज का बाइबल में कोई जिक्र नहीं है, किंतु बच्चों में सेंटा के पहनावें व उपहार देने के चलते क्रिसमिस-डे पर भी लोग एक-दूसरे को उपहार देते है। इसी कारण पर्व के साथ सेंटाक्लास का संबंध जुड़ा है और बच्चों को इस दिन सेंटाक्लास से उपहार लेकर काफी आनंद मिलता है। यहीं कारण है कि धीरे-धीरे सेंटाक्लास का बच्चों  से लगाव बढ़ता गया और पर्व के साथ सेंटा का ट्रेंड चल पड़ा।
पर्व का उद्देश्य पापों से मुक्ति पाना
फादर ने बताया कि क्रिसमस पर्व पर आज 25 दिसंबर के दिन केंडल जलाना व सेंटाक्लाज से उपहार लेकर पर्व को मानाया जाता है, किंतु इसके अलावा पर्व का उद्देश्य है कि हमें आंतरिक पापों से नाता तोड़ना होगा। यीशु मसीह को अपना प्रभु और उद्धार स्वीकार करे और पाप से मुक्ति पाकर अन्नत जीवन में प्रवेश किया जा सकता है।
बाजार भी क्रिसमस के रंग में रंगा
25 दिसंबर यानि बडेÞ दिन के लिए ट्विनसिटी में खास रौनक नजर आने लगी है। जहां बाजार में पर्व से जुड़ी हर वो चीज उपलब्ध है जिससे पर्व की रंगत बढ़ सके। अधिक्तर कार्ड, क्रिसमस ट्री व अन्य सजावट का सामान लोगों के खूब आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। चाहे बात कार्ड-शॉप की हो या फिर विभिन्न गिफ्ट शॉप की हर ओर क्रिसमिस की रंग रंगते नजर आने लगे है। वहीं लोग भी इस पर्व के लिए अभी से खरीदारी में जुट गए है।

क्रेज बढ़ रहा है
माडल टाऊन स्थित कार्ड प्वाइंट के संचालक संजय सचदेवा ने बताया कि उनके पास क्रिसमस से संबंधित सामान उपलब्ध है। जैसे-जैसे क्रिसमस नजदीक आने लगा है वैसे ही पर्व से जुड़ी वस्तुओं की भी मांग बढ़ने लगी है। अधिक क्रेज क्रिसमस  ट्री व सेंटा क्लास की ड्रेस के   प्रति देखने को मिल रहा है, जिसमें पर्व के प्रति सबसे अधिक उत्साह बच्चों में देखने को मिल रहा है।
जिद्द के आगे पेरेंटस की न चले
क्रिसमस पर्व को लेकर व सेंटा से बच्चों से लगाव के चलते नन्हे-मुन्हें बच्चे परिजनों से सेंटा ड्रेस खरीदने की जिद्द करने लगे है। बाजार में सजे क्रिसमस के सामान पर नजर पड़ते ही बच्चो में उन्हें लेने के लिए इच्छा बन पड़ती है, विभिन्न सेंटा मास्क व सेंटा केप व ड्रेस आदि को लेने के लिए बच्चों में काफी उत्साह है और क्रिसमस पर सेंटा से उपहार के ख्वाब बुनने लगे है।
बाजार में चॉकलेट की बढ़ी मांग
भले ही दंतचिकित्सक चॉकलेट को खाने से बच्चों को मना करें किंतु क्रिसमस के इस पर्व के मद्देनजर चॉकलेट की मांग बढ़ने लगी है, क्रिसमस पर केंडी, टाफी, चॉकलेट के सभी फलेवर की मांग जोर पकड़ने लगी है।
खूब बिक रहे गिफ्ट
चाहे सेंटा बच्चों के उपहार देने के ख्वाब पूरे करें न करें किंतु बाजार में क्रिसमिस को लेकर गिफ्ट शॉप पर भीड़ उमड़ने लगी है। लोग पर्व पर एक-दूसरे को उपहार भेंट में देने के लिए खूब गिफ्ट खरीद रहे है।
प्ले स्कूल में क्रिसमिस की धूम
जहां बाजारों में क्रिसमस के रंग दिखने लगे है, तो वहीं विभिन्न प्ले स्कूलों में नन्हें-मुन्हें क्रिसमस कार्यक्रमों में जिंगल-बैंड-जिंगल बैंड जिंगल आल द वे आदि धूनों पर थिरकते नजर आने लगे है। सेंट जिसस प्ले स्कूल में भी क्रिसमस के आयोजन पर स्कूली बच्चों ने क्रिसमस-डे के लिए क्रिसमस ट्री को सजाकर व खुद को सेंटाक्लास की ड्रेस में तैयार बच्चों ने वर्फबारी के बीच नाच-गाकर खूब मस्ती की और सेंटाक्लास से उपहार लेकर यीशु के समक्ष प्रेयर कर धूम-धाम से पर्व मनाया।
स्कूल-कालेजों में भी है तैयारी
ट्विनसिटी में स्कूल कालेजों में भी क्रिसमस पर्व मनानें के लिए खासी तैयारियां की जाने लगी है। जिसमें जगाधरी स्थित सेंट थॉमस पब्लिक स्कूल, सेक्रेट हार्ट कांवेंट स्कूल व इसके अलावा कई अन्य स्कूल-कालेजों में भी इसको लेकर तैयरियां की जा रही है।
सभी चर्च में बडेÞ दिन की खास तैयारी
शहर में तीन चर्च है, जहां क्रिसमस के पर्व को लेकर खासी तैयारियां की जा रही है। बडेÞ दिन के रूप में मनाने के लिए तीनों स्थानों फव्वारा चौक स्थित सेंट पीटर्स चर्च सीएनआई व सेक्रेट हार्ट कानवेंट चर्च व साथ ही जगाधरी स्थित सेंट थॉमस स्कूल समीप चर्च में साज-सजा का काम किया जा रहा है। चर्च में सुबह व शाम लोग प्रार्थना करने हेतु पहुंच रहे है, वहीं दिसंबर माह के शुरूआत से ही चर्च में यीशु की महिमा को प्रस्तुत करने के लिए तरह-तरह के  आयोजन किए जा रहे है।
नन्हे फरिश्ते बन किया चकित...
फव्वारा चौक स्थित चर्च में नन्हीं-मुन्हीं बच्चियों ने क्रिसमिस को लेकर हो रहे आयोजन में नन्हें फरिश्ते का अभिनय कर सबको आशचर्य चकित कर दिया। सफेद लिबाज में परी की तरह सजी बच्चियों ने कार्यक्रम में यीशु की गाथा को प्रस्तुत किया। सात फरिशतों के रूप में ये बच्चियों ने सबका मनमोह लिया।
सुबह शाम होती है प्रेयर...
चर्च के फास्टर ने बताया कि क्रिसमस पर्व को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। जो देखते ही बनता है, सुबह शाम चर्च में लोग प्रेयर करने के लिए पहुंच रहे है और प्रभु से आशीर्वाद लेकर पापों से मुक्ति की कामना कर रहे है। चर्च में 25 दिसंबर को यह पर्व बड़ी धूम-धाम से मनाया जाएगा, जिसको लेकर खूब तैयारियां की जा रही है। इसको लेकर एक दिसंबर से ही चर्च में छोटे-छोटे बच्चों द्वारा विभिन्न कार्यक्रम अयोजित किए जा रहे है।
सेंटा जरूर देगा गिफ्ट...
छोटी बच्ची अन्नया ने बताया कि सेंटा इस बार क्रिसमस पर उसे गिफ्ट देने जरूर आएगा। कुछ यही धारणा है छोटे-छोटे बच्चों में जिन्हें सेंटा के आने व गिफ्ट देने के लिए 25 दिसंबर का खूब बेसबरी से इंतजार है। बच्चों के सेंटा के लगाव का यहीं कारण है कि सेंटाक्लास उन्हें अपनी लाल पोशाक में आसमान से आकर गिफ्ट देंगे।




Sunday, 18 December 2011

नन्हे-मुन्नों ने धरा कृष्ण-अर्जुन का रूप CITY NEWS YNR

  नन्हे-मुन्नों ने धरा कृष्ण-अर्जुन का रूप
स्कूल में हुआ वार्षिकोत्सव का आयोजन

जगाधरी। सनातन धर्म पब्लिक स्कूल जगाधरी में प्री नर्सरी से पांचवीं तक के छात्र-छात्राओं द्वारा वार्षिक उत्सव केशव गाथा का आयोजन किया गया। समारोह में मुख्यातिथि के रूप में श्री सनातन धर्म सभा के प्रधान नरेंद्र कुमार मित्तल उपस्थित हुए। मुख्यातिथि ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का  शुभारंभ किया। मुख्याध्यापिका अनु धवन ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और विद्यालय की वार्षिक रिर्पोट पेश की। समारोह में अवतार दर्शन में भगवान विष्णु के दशावतारों में लग्न ढांडा, जन्मोत्सव में मुकुल वासुदेव के रूप में कशिश ने देवकी की भूमिका अदा की। इसी प्रकार राधा के रूप में जसलीन व माखनचोरी में ध्रूव गोयल कृष्ण के रूप में मटके तोड़ते हुए अति सुंदर लग रहे थे। विभिन्न मुद्राओं में अमीषा, आर्यन व तुषार ने भी बेहतर प्रस्तुति दी। अंत में गीता सार भगवान श्री कृष्ण के रूप में अनमोल और अर्जन के रूप में कुणाल व विराट के रूप में मोहित कपूर ने विष्णु के रूप में अद्भुत प्रस्तुति दी। प्रत्येक झांकी से पहले सभी सुत्रधारों द्वारा प्रभावशाली ढंग से श्री कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया। कार्यक्रम को देखकर दर्शन मंत्रमुग्ध हो गए और तालियों की गड़गड़ाहट से पंडाल गूंज उठा। इस मौके पर मुख्यातिथि ने संबोधित करते हुए कहा कि स्कूल में इस प्रकार के आयोजनों का होना जरूरी है। ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों में शिक्षा के साथ-साथ नैतिकता के गुण भी विकसित होते हैं। उन्होंने बच्चों द्वारा पेश किए कार्यक्रमों की सराहना की। इस मौके पर नंद लाल गर्ग, विष्णु स्वरूप मित्तल, भगवत  प्रसाद, प्रवीण कुमार, मनोज कुमार, नवीन कुमार, प्रवीण दीवान, सतीश बंसल, डा. शैली गुप्ता व अनिल धवन उपस्थित थे।



Saturday, 17 December 2011

कडी सुरक्षा के बीच एक प्रेमी जोडों CITY NEWS YNR


         कडी सुरक्षा के बीच एक प्रेमी जोडों
    यमुनानगर में आज कडी सुरक्षा के बीच एक प्रेमी जोडों को कोर्ट में पेष किया गया र्कोअ को पुलिस छावनी में तबदील करने के बाद ही लडकी लडकी को कोर्ट परिसर में लाया गया इतनी पुलिस सुरक्षा होने के बावजूद भी लडकी के परिजन कोर्ट में पहुंच गए पुलिस को अषंका थी कि कही लडकी के परिजन इनकी हतया कन कर दे वही पुलिस ने लडका लडकी दोनों के ब्यान कोर्ट में दर्ज कराने के बाद उन्हें पुलिस के मौजूदगी में सेफ हाउस भेज दिया जहां पुलिस की एक बुटालिन को इनकी सुरक्षा का जिम्मा सोंप दिया गया





  कहते है कि प्यार अंधा होता है और उसका अंजाम जो भी हो इसकी प्रवाह कोई भी प्यार करने वाला नही करता और यही किया यमुनानगर के नितिन ने झज्जर जिले के जटवाड गांव की रहने वाली मोनिका से आंखे चार कर ली यह तब हुआ जब दोनों गुडगांव स्थित मारूती कंपनी  में दोनों इंजिनियर के तौर पर तैनात थे तभी इन लोगों को अपने परिजनो ंसे खतरा हो गया और दोनों मारूती कंपनी को छोड हांडा कंपनी में चले गए लेकिन मोनिका को अपने परिवार वालों से जान का खतरा था जब तक मोनिका के परिवार वालों को उनका अस्ल ठीकाने का पता चलता उससे पहले ही दोनों यमुनानगर आ पहुंचे और दोनों ने मंदिर में षादी कर ली और आज कोर्ट की षरण में आ गए इसी बीच मोनिका के परिवार वालों को दोनों भी भनक लग गई और कोर्ट में पेष होने से पहले ही मोनिका के परिवार वाले कोर्ट परिसर में आ पहुंचे और मोनिका व नितिन की तालाष उन्होंने आरंभ कर दी



  नितिन व मोनिका को कोर्ट में पेष होने से पहले ही अपने चेहरों को ढके हुए मोनिका के परिजनो ने कोर्ट में डेरा लगा लिया वही इस बात की सूचना पुलिस को मिलते ही पुलिस दल बल के साथ मौके पर पहुंच गई और कोर्ट को पुलिस छावनी में तबदील कर दिया पुलिस की मौजूदगी में नितिन व मोनिका को कोर्ट में लाया गया जहां उन्हें कोर्ट में पेष कर उनके ब्यान दर्ज कराए गए लेकिन इस बीच पुलिस को काफी मुषकत करनी पडी जहा पुलिस को लडकी के परिवार वालो से खतरा बना हुआ था वही तमाष बीनों की भारी भीड को भी पुलिस वहा से हटाने में जुटी रही लेकिन मोनिका के परिवार वालेां ने सासहस दिखाते हुए कोर्ट परिसर से होते हुए मौजिस्ट्रेट के कक्ष में पहुंच गए लेकिन वहा से इन लोगों को लडकी से नही मिलने दिया गया कोर्ट में ब्यान दर्ज कराने के बाद पुलिस लडकी लडकी को भारी सुरक्षा के बीच सेफ हाउस के लिए लेकर चले गई लेकिन पुलिस के पीछे भी लडकी पक्ष के लोग लग गए लेकिन पुलिस इन लोगों को चकमा देकर सेफ हाउस पहुंच गई जहां पुलिस की एक बुटालियन इन लोगों कीसुरक्षा के लिए जुट गई है

Thursday, 15 December 2011

ठंड कर देगी सब कुछ कूल-कूल CITY NEWS YNR


   ठंड कर देगी सब कुछ कूल-कूल
पारा लुढ़कर पहुंचा तीन डिग्री पहुंचा
अस्त-व्यस्त हुई दिनचर्या, सड़कों पर रेंगे वाहन
विनोद  धीमान 
यमुनानगर। ठंड अभी और कंपकंपाएगी। अगले चार-पांच दिन में पारा न्यूनतम स्तर पर जाने की संभावना है। ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बल्कि मौसम विभाग के अधिकारियों की जुबानी है। गुरुवार को पारा लुढ़कर तीन डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। जिले में में पारे का न्युनतम स्तर तीन और अधिकतम 18.02 डिग्री सेल्सियस रहा।
ठंड के तेवर तीखे होने लगे हैं। गुरुवार को दिन भर मौसम ठंडा रहा। सुबह के समय के समय कोहरे व पाले के चलते जन-जीवन अस्त-व्यस्त रहा। इस दौरान मौसम के रवैए ने हाड कंपा देने वाली ठंड का अहसास करवा दिया। कोहरे की अधिकता के कारण करीब 11 बजे तक स्थिति ऐसी रही कि समीप से आता हुआ वाहन भी सड़कों पर दिखाई नहीं दिया। इस दौरान सड़कों पर वाहन रेंगते हुए देखे गए। वाहनों की लाईटें जगाकर सफर तय करना पड़ा और विशेषतौर पर दुपहिया वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
स्कूली बच्चे हुए बेहाल
कोहरा व पाले के कारण मौसम अधिक ठंडा होने के कारण स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्कूल बसों की इंतजार में सड़कों के किनारे ठिठुरते हुए देखे गए। ऐसे बच्चों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा जो साइकिल के माध्यम से दूरी तय करके स्कूल तक जाते हैं। राधा, वंशिका व नेहा ने बताया कि वे साइकिल से स्कूल जाती हैं और ठंड के कारण गुरुवार को उनको काफी परेशानी हुई।
दिनचर्या पर असर
सीजन में गुरुवार का दिन अब तक सबसे ठंडा दिन महसूस किया गया। आसमान में दोपहर तक कोहरा छाया रहने का असर दिनचर्या पर भी देखने को मिला। अधिकारी व कर्मचारी देरी से कार्यलयों में पहुंचे और बाजार में दुकानें भी समान्य दिनों की भांति देरी से खुली। इस दौरान सरकारी कार्यालयों में अधिकारी व कर्मचारी हीटर पर सेंकते हुए देखे गए और जन साधारण ने अलाव का सहारा लिया।
स्वास्थ्य का रखें विशेष ख्याल
बालरोग विशेषज्ञ व एसएमओ डा. विजय कुमार दहिया के मुताबिक ठंड के मौसम में स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। खासतौर पर बच्चों को ठंड लगने से बचाकर रखें। पानी के संपर्क में न आने दें और गरम कपड़े पहनाकर रखें। खान-पान पर विशेष ध्यान दें और बंद कमरे में अंगीठी या हीटर का इस्तेमाल न करें। इसके अतिरिक्त ठंड के सीजन में बुजुर्गों को भी विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है।
ठंड और बढ़ेगी
मौसम विशेषज्ञ श्याम सिंह के मुताबिक शुक्रवार को पारा दो डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। इसके अतिरिक्त आगाती चार-पांच दिनों में पारा न्यूनतम स्तर को छूने की संभावना है। गुरुवार को यमुनानगर का न्यूनतम तापमान तीन डिग्री दर्ज किया गया।
रेल पर भी दिखा कोहरे का असर
बृहस्पतिवार को बढ़ी धूंध के चलते कई ट्रेने अपने निर्धारित समय से घंटो देरी से जगाधरी स्टेशन पर पहुंची, जिसके चलते उनमें सफर करने वाले सैकड़ो यात्रियों को घंटो स्टेशन पर ही बैठकर बढ़ती ठिठुरन में इंतजार करने पर विवश होना पड़ा। तो कई यात्रियों ने गाड़ियों की लेट-लतीफी के चलते किसी अन्य साधन का सहारा लेने के लिए अपने टिकट लौटने को काउंटर पर जमा होते दिखे।
अलसुबह से ही मौसम में तापमान में आई भारी गिरवट के चलते कोहरे ने रेल सेवा पर भी अपना असर दिखना शुरू कर दिया था। चार बजे से गुरुवार दोपहर बाद तक दर्जनों गाड़ियां अपने निर्धारित समय से आधे व एक घंटे देरी से पहुंची। वहीं सबसे अधिक असर 2231 लखनऊ-चंडीगढ़ जोकि तीन घंटे, 3059 हावडा-अमृतसर 13 घंटे, 5209 सहरसा-अमृतसर आठ घंटे देरी से पहुंची। दिन भर बाधित रही रेल सेवा के चलते गाड़ियों की लेटलतीफी को देख जगाधरी स्टेशन पर अपनी ट्रेनों के लिए खडेÞ सैकड़ोें यात्रियों को  ठंड में ठुठरते हुए इंतजार किया। तो कुछेक यात्रियों ने ट्रेनों की लेटलतीफी के चलते मजबूरन किसी अन्य साधन का सहारा लिया।
मुख्यता पांच ट्रेने हुई लेट
कोहरे के चलते मुख्यता पांच ट्रेने लेट हुई है, जो पांच से 13 घंटे देरी से चल रही है। वहीं कई ट्रेने आध व एक घंटे की देरी से स्टेशन पर पहुंच रही है। इसके अलावा बाकि सब टेÑने अपने निर्धारित समय पर पहुंच रही है।
एएन सिंह, स्टेशन अधिक्षक, जगाधरी रेलवे स्टेशन।



प्रतिभा खोज समारोह CITY NEWS YNR



   प्रतिभा खोज समारोह 
यमुनानगर। महाराजा अग्रसेन महाविद्यालय जगाधरी में आयोजित दो दिवसीय विद्यालय प्रतिभा खोज समारोह का समापन धूमधाम से हुआ। इस मौके पर सांस्कृतिक गीत संगीत व नृत्य ने दर्शकों व सहभागियों का मन मोह लिया। सांस्कृतिक गतिविधियों के अंतर्गत एकल गीत, समुहगान, एकल नृत्य, समुह नृत्य के साथ मिमीकरी जैसे कार्यक्रमों ने आयोजन को सफलता तक पहुंचाया। इन मनोरंजक गतिविधियों में जगाधरी, यमुनानगर, बिलासपुर, छछरौली व साढ़ौरा आदि के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों ने बढ़चढ़कर भाग लिया। इस मौके पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पीके बाजपेयी ने विद्याथियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों में छिपी प्रतिभा को खोज कर उसे उनके मुख्य उद्देश्य की प्राप्ति से जोड़ने का समय आ गया है। इस प्रकार के आयोजन प्रतिभा को प्रदर्शित करने व उसे निखारने का उचित अवसर प्रदान करते हैं। डॉ. बाजपेयी के मुताबिक आज के युग में कॉलेज एवं स्कूलों के मध्य सैक्षणिक एवं सांस्कृतिक मेलजोल को  विभिन्न कार्यक्रमों से संदृढ़ किया जाना चाहिए।
इस प्रकार रहे परिणाम
सोलो सोंग कंपीटिशन में गर्वनमेंट मॉडल सांस्कृतिक सीसे स्कूल बिलासपुर की साहिला बहल प्रथम, विवेकानंद सीसे स्कूल का सिद्यार्थ द्वितीय व आर्य कन्या सीसे स्कूल की जमीला तीसरे स्थान पर रही। सोलो डांस कंपीटिशन में इंडियन पब्लिक स्कूल जगाधरी की याचिका प्रथम, हिंदु सीसे स्कूल साढौरा की प्रीती द्वितीय व इंडियन पब्लिक स्कूल की शालिनी तीसरे स्थान पर रही। ग्रूप डांस कंपीटिशन में  इंडियन पब्लिक स्कूल की टीम प्रथम, डीडी अग्रवाल सीसे स्कूल द्वितीय व आर्य कन्या सीसे स्कूल की टीम तीसरे स्थान पर रही। स्वामी विवेकानंद सीसे स्कूल हुडा ने ओवर आल ट्राफी पर कब्जा किया और समुह गान में आर्य कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल जगाधरी की टीम प्रथम व राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल बिलासपुर की टीम द्वितीय स्थान पर रही।

                                                    विनोद धीमान  


Wednesday, 14 December 2011

स्टीवियां करे यूज होगी शुगर दूर CITY NEWS YNR



  स्टीवियां करे यूज होगी शुगर दूर
स्टीविया की चाय में नहीं मिठा डालने की जरूरत
डाक्टरों ने भी बतालाभदादकया
विनोद धीमान
जगाधरी वर्कशाप। चाहे दूर करना हो  शूगर या फिर मोटापा या आ रही हो कैलोरी की दिक्कत तीनों मर्ज में स्टीविया  का करेंगे यूज तो होगा लाभ भरपूर। कुछ यहीं कहना है आयुर्वेद चिकित्सकों का, उनकी माने तो यदि रोजाना स्टीविया के चार पत्तों का चायपत्ति के रूप में सेवन किया जाए तो यह रामबाण की तरह साबित होगा।
मौजूदा समय में शुगर, मोटापा, कैलोरी  आदि रोग आम हो चुके है, रोगियों की संख्या भी बढ़ने लगी है। रोग से निजात पाने को पीड़ित लोग उपचार के लिए अंग्रेजी दवाओं का सहारा ले रहे है, तो दूसरी ओर कई तरह के परहेज कर राहत पाने के प्रयास करते है। किंतु अयुर्वेद में तीनों मर्ज के हरबल प्लांट स्टीविया पौधे का उल्लेख किया गया है, जिस पर आयुर्वेद चिकित्सकों को अभी भी विश्वास कायम है। उनकी माने तो स्टीविया साइट नाम का एक रसायन होता है, जोकि चीनी से तीन सौ गुना अधिक मीठा होता है, इसे पचाने से शरीर में एंजाइम नहीं होता और न ही ग्लूकोस की मात्रा बढ़ती है।
मिठास को तरसने की जरूरत नहीं
अक्सर डाक्टर शुगर के मरीजों से चीनी के सेवन न करने की हिदायद देते है। ऐसे में इस बीमारी से पीड़ित काफी समय के लिए मिठास को तरस जाते है। किंतु शुगर के मरीज स्टीविया में चीनी से अधिक मिठास होने के चलते मीठास को तरसेंगे भी नहीं और इसके लगातार सेवन से शुगर पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
है कई नामों से जाना जाता
वैसे स्टीवियां मूल रूप से जापान का पौधा माना गया है किंतु जैसे-जैसे इसकी खुबियों बारे पता चलता गया। वैसे ही वैसे इसकी व्यवसायिक खेती को बढ़ावा मिला ओर पेरूग्वे, कोरिया, ताईवान अमेरिका तथा दक्षिण ऐशियाई देशों में भी इसको अपनाया गया। वहीं भारतवर्ष में भी कई राज्यों में इसकी खेती प्रारंभ हो चुकी है। जापान से शुरू हुई इसकी खेते के चलते इसके लिए स्टीविया नाम अधिक प्रचलित है, इसके अलावा भारत में इसको मीठी तुलसी के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा मधु पत्र अथवा हनी प्लांट जैसे कई नामों से भी इसके लिए प्रयुक्त होते है।
मोटापा होगा दूर
आयुर्वेद चिकित्सकों के अनुसार स्टीविया से शुगर के अलावा मोटापे से भी निजात पाई जा सकती है। मोटापे के शिकार व्यक्तियों के लिए भी यह पौधा किसी वरदान से कम नहीं है। शुगर ही मोटापे का कारण बनती दिखाई दे रही है, यदि शुगर न भी हो और इसका सेवन किया जाए तो न ही शुगर होने की नोबत बन पाएगी और न ही मोटापा होगा।
न बढेÞगी कैलोरी
आज कैलोरी की प्रोबलम भी काफी बढने लगी है ऐसे में भले ही स्टीविया  चीनी से अधिक मीठा हो किंतु इसमें ग्लूकोस की मात्रा न होने के चलते इससे कैलोरी के अनियंत्रित होने की संभावना नहीं रहती। यही कारण है कि स्टीविया का मौजूदा समय में कई शुगर फ्री पदार्थो को बनाने के लिए भी प्रयोग किया जाने लगा है।
ये है खासियत
स्टीविया में शुगर, मोटापा, कैलोरी को दूर करने के अलावा कई खूबियों का वर्णन आयुर्वेद में मिलता है। जिसमें मुताबिक:-
- शक्कर से 25 गुना ज्यादा मीठा परंतु शक्कर रहित है।
- 15 आवश्यक खनीजों तथा विटामिन्स होते है।
- पूर्णतया कैलोरी शून्य उत्पाद।
- इसे पकाया जा सकता है आर्थात इसे चाय, काफी, दूध आदि के साथ उबालकर भी प्रयोग किया जा सकता है।
- मधुमेय रोगियों के लिए उपयुक्त है क्योकि यह पेनक्रियाज की बीटा कोशिकाओं पर अपना प्रभाव डालकर उन्हें इन्सुलिन तैयार करने में मदद करता है।
- दांतो की केवेटीज, बैक्टीरिया, सड़न आदि को भी रोकता है।
- ब्लड प्रेशर में नियंत्रित करता है।
- इसमें एंटी एजिंग, एंटी डैंड्रफ जैसे गुण पाये जाता है तथा नॉन फर्मन्टेबल होता है।
स्टीविया के सेवन से नहीं बढ़ता ग्लूकोस
अमुमन, शुगर के मरीज का मीठा खाने से ग्लूकोस बढ़ता है, इसी कारण उसे तकलीफ होती है। ऐसे में यदि वह मीठे के स्थान पर स्टीविया का सेवन करता है, तो इसमें ग्लूकोस की मात्रा नहीं होती और साथ ही यह मीठे का काम  भी करता है। ऐसे में इसका सेवन शुगर के रोगियों के लिए लाभकारी साबित होता है।
डा. सतपाल बहमनी, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी।
किसानों को पूरा सहयोग
सरकार की ओर से भी इसकी खेती करने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। जिससे कई किसान लाभ भी उठा रहे है, यदि इसकी खेती संबंधित कोई भी जानकारी जरूत पड़ती है तो विभाग की ओर से किसानों का पूरा सहयोग करते है।
ईलमचंद सैनी, जिला उद्यान अधिकारी।

Tuesday, 13 December 2011

सर्द हवा के साथ मांगा रंजन के लिए इंसाफ CITY NEWS YAMUANANAGAR



  सर्द हवा के साथ मांगा रंजन के लिए इंसाफ
रंजन की मौत पर बच्चों ने की शोक सभा
लघु सचिवालय पहुंच मांगा न्याय
कहां स्कूल के खिलाफ करों कार्रवाई

यमुनानगर। सर्दी का मौसम। सुबह से ही सूर्य देवता के दर्शन नहीं हुए। कंपा देने वाली धुंध व शीत लहर, जिसके आगे बड़े से बड़ा व्यक्ति भी हिम्मत हार जाए। परंतु यहां साथी की मौत का गम इस सबमें डटा रहने की प्रेरणा दे रहा था। रंजन की मौत के तीन दिन बाद सोमवार को स्कूल खुला। ऐसे में स्कूल प्रशासन के रवैये को लेकर जहां नेशनल पब्लिक स्कूल के कई अपने साथी की मौत के गम में शरीक हुए। वहीं कई अन्य स्कूलों के स्टूडेंट भी इसमें शामिल हुए। हैरानी की बात तो यह रही की जहां इन तीन दिनों के दौरान स्कूल प्रबंधन में से किसी भी व्यक्ति ने रंजन के परिजनों को सांत्वना देने व उसके घर तक जाने से गुरेज किया। वहीं, हाड कंपा देने वाली ठंड के बीच स्कूल के मुख्य द्वार के बाहर बैठे बच्चों व लोगों को देखकर भी वह बाहर नहीं आए। यदि स्कूल से स्टाफ के किसी सदस्य को बाहर भेजा गया तो उन्हें भी सम­ााने के लिए। ऐसे में रंजन की मौत के बाद पहली बार कई स्टूडेंट व अभिभावकों ने आप बीती मीड़िया से सां­ाी की। ऐसे में पता चला की स्कूल प्रशासन पूरी तरह से बच्चों के प्रति तानाशाह रवैया अपनाएं हुए हैं। उधर, पुलिस द्वारा तीन दिन गुजर जाने पर भी इस दिशा में कोई मामला दर्ज नही किया गया हैं। इस बात को लेकर भी परिजन व समाज के लोगों में रोष हैं। सोमवार को नेशनल पब्लिक स्कूल के गेट पर रंजन की आत्मिक शांति के लिए शोक सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान स्कूली स्टूडेंट ने जहां केंडल जलाकर उसके लिए प्रार्थना की। वहीं बाद में स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर लघु सचिवालय में अधिकारियों से मुलाकात भी की। स्कूल प्रबंधन का काम यह रहा की गेट पर बच्चों के इकट्ठा होने के बाद आनन-फानन में वहां पर एक शोक संदेश चिपकाया गया। बाद में शाम के समय अखबारों के कायालय में शोक सभा संबंधी एक प्रेस नोट भेजकर अपने कार्य को पूरा कर लिया गया।
दिखाई रंजन की होनहारी

सोमवार को स्कूल खूला भी तो सैकड़ो स्कूली छात्र-छात्राओं ने रंजन की याद में केंडल जलाकर शोक जाहिर किया।  स्कूल के खिलाफ रोष जाहिर करते हुए रंजन के कई सहपाठी कक्षाओं का बहिष्कार कर धरने पर बैठ गए। हाथ में न्याय की गुहार लगाते हुए विभिन्न सलोगन लिखे पोस्टर व रंजन की काबिलियत को जग-जाहिर करने के लिए उसकी अव्वल आने पर पुरस्कार लेती तस्वीर को देख सब रंजन की होनहारी को याद कर रोने पर विवश थे।
अपना बेटा दे दे मु­ो

शोक सभा के दौरान रंजन की मां अनीता लोगों के सम­ााए जाने पर बार-बार यहीं कह रही थी की उसे किसी से कोई दुष्मनी नहीं हैं। स्कूल के मालिक राजबीर पुंडीर ने आज तक इस घटना पर एक बार भी शोक नहीं जताया। नहीं यदि वह सच्चा है तो अपने दो बेटों में से एक मु­ो दे दे, जिससे मेरे दो बेटे पूरे हो जाएं। परंतु यहां पर इस दुखहारी मां की सुनने वाला कोई नहीं था। अनीता के आंखों से तो आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे।
होनहार था हमारा क्लासमेट....चला गया
रंजन के चले जाने पर गम में स्कूल गेट पर बैठे उसके क्लासमेट पूजा, अंचल, मोनिका, प्राची, नेहा आदि ने बताया कि रंजन हर क्षेत्र में अव्वल था, पढ़ाई में होनहार होने का इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह एनडीए को लेकर काफी हतोत्साहित था। उन्होंने बताया कि एनडीए कोचिंग के लिए वह दो दिन स्कूल न आ सका था। हमारा क्लासमेट होश्यिार, काबिल और सबके लिए मिसाल था...जो चला गया।
अन्य स्कूलों के भी बच्चे हुए शामिल
रंजन के स्कूल के बच्चों के अलावा जिन स्कूलों में रंजन अपनी पहले ही पढ़ाई कर चुका है। उन स्कूलों ने भी इस धरने व केंडल मार्च में हिस्सा लिया,  जिसमें स्वामी विवेकानंद के दर्जनों स्कूली बच्चों के अलावा रंजन के पुराने सहपाठी रह चुके छात्र-छात्रओं ने भी भाग लिया।
लीव देने पर भी लिया था जुर्माना

रंजन हीं नहीं ऐसा ही व्यवहार स्कूली स्टाफ अन्य स्कूली बच्चों के साथ भी करता है। स्कूली बच्चो ने बताया कि यदि कोई बच्चा किसी जरूरी काम के लिए भी स्कूल में एक दिन नहीं आए तो उससे भारी जुर्माना वसूला जाता है।
स्कूल की रूपेंद्र कौर ने बताया कि उसके भाई की शादी थी। लीव देने के बाद भी उससे दो दिन छुट्टी करने के 100 रूपए जुर्माने के रूप में लिए गए।
लिखवाकर भी लिया था
वहीं पूजा ने बताया कि उसके पिता के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने पर वह स्कूल फीस नहीं भर पाई थी। इसके लिए स्कूल टीचर द्वारा उसे प्रताड़ित किया गया। आखिर में पूरे साल की फीस जमा करने के बाद उससे   लिखवाकर भी लिया गया।
मिलती है धमकियां
स्कूल की अंजली और कार्तिक ने बताया कि स्कूल द्वारा रविवार को भी क्लास लगाई जाती है। उसने बताया कि यदि कोई बच्चा उसमें नहीं आता तो उससे जुर्माना वसूला जाता है। यदि जुर्माना न भरा जाए तो उसे नंबर काटने व पेपर में न बैठने की धमकियां दी जाती है। यहीं नहीं अगर किसी के परिजन पेरेंट मीटिंग में नहीं आ पाते तो भी उनसे 500 रूपए जुर्माने की मांग की जाती  है।
थप्पड़ मारकर छीना कार्ड
आपबीती बताते स्कूल के अंकित व अनुज।
स्कूल के छठी कक्षा के अंकित व अनुज ने बताया कि रंजन की याद में जब स्कूली बच्चों द्वारा स्कूल गेट पर केंडल मार्च निकाला जा रहा था तो इसमें उन्होंने शामिल होने की इच्छा से वह मार्च की ओर जाने लगे। जिस पर स्कूल के बस ड्राइवर निर्मल ने उन्हें उसमें शामिल होने से रोका और उनको थप्पड़ मारा और उनके आईकार्ड भी छिन लिए।
स्कूल से सांतवना देने कोई न आया
दो दिन बीत चुके है, किंतु रंजन के परिजनों की माने तो अभी तक स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई भी सांतवाना देने नहीं पहुचा है। केवल स्कूल में सुबह प्रार्थाना सभा में दो मिनट का मौन रख रंजन की मौत का दुख होने की बात जगजाहिर की गई। किंतु जब स्कूल गेट पर स्कूली बच्चों समेत रंजन के परिजन मौजूद थे तो बजाए सांतवना देने के स्कूल गेट समीप दीवार पर रंजन की मौत पर शौक जाहिर करते हुए एक एक पोस्टर व आज भी  स्कूल बंद किए जाने की बात लिख दी गई।
यह तो हद हो गई
शांतिपूर्वक धरने पर बैठे बच्चे व परिजनों की आंखे तो नम थी, वहीं स्कूल के एक-दो टीचर स्कूल के बाहर अवश्य खडेÞ थे पर इनके दुख में शामिल होने से कतरा रहे थे। कहीं न कहीं वह स्कूल की सुरक्षा के लिए खडेÞ थे, जबकि परिजन व छात्र अपने स्कूल प्रबंधक से सांत्वना के लिए उम्मीद कर रहे थे। इस बीच उन्होंने बाहर आना मुनासिब नहीं समझा सबके दिलों में इस बात का भी रोष था कि स्टाफ के टीचर भी उनके इस शोक में शामिल नहीं हो रहे है।
प्रशासन से की इंसाफ की मांग
स्कूल गेट पर धरना व केंडल मार्च निकालने के बाद रंजन के क्लासमेट व परिजन इंसाफ की गुहार लगाने लघुसचिवालय पहुंचे। जहां मां अनीता ने रो-रोकर एसडीएम देवेंद्र कौशिक से अपने बेटे रंजन की मौत पर इंसाफ दिलाए जाने की मांग की। उन्होंने एसडीएम देवेंद्र कौशिक को दी शिकायत में बताया कि रंजन की मौत पर उससे मानसिक प्रताड़ना करवाने वाले अध्यापकों राकेश, नीलम व  राजबीर पुंडीर के विरूद्ध कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया था। किंतु अभी तक अपराधी खुले आम घूम रहे है। उन्होंने जल्द इंसाफ दिलाने की मांग के साथ ही मांग की कि स्कूल में अन्य बच्चो के साथ स्कूल में कोई ज्यादती न हो। इसी बात को लेकर वह लघु सचिवालय में परिजनों व छात्राओं के साथ शांतिपूर्ण तरीके से सीटीएम सतबीर मान व एसडीएम देवेंद्र कौशिक से भी मिले और लिखित शिकायत देकर  कार्रवाई की मांग की।
नहीं बरती जाएगी कोताही
मामले में किसी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी। हर पहलु पर जांच कर सही इंसाफ दिलाया जाएगा।
सतबीर मान, सीटीएम।
डीएसपी कर रहे गहनता से जांच
मामले की जांच डीएसपी हेडक्वाटर फूल कुमार पूरी गहनता से कर रहे है। सुसाइड नोट पर पुलिस जांच में जुटी है। रिपोर्ट मिलते ही, इस संबंध में जो भी कार्रवाई बनेगी की जाएगी।
देवेंद्र कोशिक, एसडीएम।
जांच करा रहे हैं
हम अपने तरीके से जांच करा रहे हैं, जो भी उचित कार्रवाई होगी वह की जाएगी।
मितेश जैन, एसपी।
हेड राइटिंग मिलवा रहे हैं
फिलहाल 174 के तहत कार्रवाई की हैं। सुसाइट नोट की लिखावट का मिलाना किया जारहा हैं। इसके बाद जो भी कार्रवाई होगी उसे किया जाएगा।
राजीव मिगलानी, एसएचओ, फर्कपुर

विनोद धीमान