Friday, 30 November 2012

फ़जी आर सी बनाने वाले तीन व्याक्ति गीरफतर CITY NEWS YNR


   फ़जी आर सी बनाने वाले तीन व्याक्ति गीरफतर 

यमुनानगर पुलिस के हाथ तीन ऐसे सरकारी बाबू लगे है जो चोरी हुई नई गाडियों के इंजन नंबर व चैसिज नंबर को बदल कर उनकी नई आर सी तैयार कर उसे एक नंबर में मार्किट में बेच देते थे पुलिस ने एक आरोपी की मदद से ही इन तीनों को गिरफतार किया है और पुलिस ने अब तक इन लोगों से दर्जनों लगजरी गाडियों को भी बरामद कर अपनी तफतीश शुरू कर दी है


यमुनानगर की स्पैशल सैल ने एक बार फिर से बडी सफलता हांसिल की है पुलिस ने एक चोर की मदद से उन सरकारी बाबूओं के गिरेबान तक हाथ पहुंचाया है जो इन चोरी की गाडियों को एक नंबर में बदलने में अहम भूमिका निभाते थे दराअस्ल पुलिस के हाथ एक माह पहले जिले के गांव संधाला का राजेश हाथ लगा था और उसके कब्जे से पुलिस ने एक नई इंडिगों सी एस गाडी बरामद की थी लेकिन उसके कागजात पूरे होने पर पुलिस को शक हुआ और जब चोर से सख्ती से पूछताछ की तो एक बार पुलिस को भी सोचने के लिए मजबूर होना पड गया क्योंकि चोर ने सीधे एसडीएम कार्यालय व आरटीए कार्यालय के उपर पर अंगली जो उठाई थी लेकिन पुलिस के हाथ कुछ लग नही रहा था लेकिन जब देर रात हिमाचल पुलिस ने यमुनानगर में दस्तक दी तो पुलिस ने इन सरकारी बाबूओं को हिरास्त में लेेने के लिए देर नही लगाई पुलिस का कहना है कि अब तक उन्होंने दर्जनों गाडियों कब्जे में ले ली है लेकिन उनका आर सी नंबर व इंजन नंबर मेल नही खाता और न ही चैसिज नंबर मेल खाता है क्योंकि यह गाडिया चोरी होने के बाद इनके चैसिज नंबरों को बदलने का काम किया गया था जबकि साथ ही इंजन प्लेट भी बदल दी गई थी 


 पुलिस ने बरामद की गई गाडियो ंमंे ज्यादातर इंडिगों सीएस स्कोरपियों बुलेरों आदि है जबकि इन्हीं गाडियों क ेअब तक न ता ेपुलिस नंबर मिला पाई है और न ही चैसिज नंबर क्योंकि चोरी होने के बाद नंबर व चैसिज नंबर बदलने के काम उत्तर प्रदेश में किया जाता था और बाद में इन्हीं गाडियों को हिमाचल में ले जाकर उनकी नकली एनओसी तैयार कर दी जाती थी जबकि बाद में इन्हें यमुनानगर लाया जाता था यहा न तो एसडीएम कार्यालय में इन पर कोई अबजैक्शन लगता था और न ही आरटीए कार्यालय में क्योंकि इन लोगों की मिली भक्त से इन गाडियों के आराम से कागजात बन जाते थे और बाद में इन्हीं गाडियों को बडी ही आसानी से मार्किट में गाडी की मार्किट के हिसाब से बेच दिया जाता था मतलब चोरी की गाडभ् एक नंबर में फिल्हाल पुलिस ने एसडीएम कार्यालय के कल्र्क व आरटीए कार्यालय के कल्कर्का को हिरास्त में लेकर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है जबकि पुलिस अब उन लोगों को भी बहुत जल्द गिरफतार कर पाएगी जो बडे बडे दफतरो ंमें बैठकर इन चोरी की गाडियों की खरीद फरोख्त कर उनके कागजात तैयार करवाते थे इस मामले में पुलिस की गिरफत में आए एसडीएम कार्यालय के कल्र्क अभी भी अपने आप को निर्दाेश बता रहे है


Wednesday, 28 November 2012

श्रृदालूओं ने सरोवरों में डुबकी लगाई CITY NEWS YNR



          श्रृदालूओं ने सरोवरों में डुबकी लगाई



  यमुनानगर के कपाल मोचन में लगने वाले एतिहासिक मेले में आज तीसरे दिन तीन लाख के करीब श्रृदालूओं ने सरोवरों में डुबकी लगाई हैरानी की बात तो यह देखने को मिली की इन श्रृदालूओं की सुरक्षा के लिए लगाए गए 700 के करीब पुलिस के जवान इस मेले में मुफतखोरी करते नजर आए अपनी डयूटी से बचकर पुलिस के जवान मेले में नाचने वाली लडकियों के ठूमके देखने में मस्त रहे तो कही जवान मेले में लगे झूले के लुत्फ लेते हुए नजर आए हालाकि इस मेले में जो लोग पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर चल रहे थे उन्हीं को सुरक्षा के लिहाजे से देखा गया



यमुनानगर के कपाल मोचन में लगने वाले मेले का आज तीसरा दिन था और इस मेले में आज तीन लाख के करीब श्रृदालूओं की संख्या पहंच गई मेले में सुरक्षा के पुख्ता बदोबस्त की दुहाई व सेवा सुरक्षा और सहयोग का नारा देने वाली हरियाणा पुलिस इस मेले में डयूटी से बचती हुई नजर आई एक तरफ तो अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने सुरक्षा के पुख्ता बदोबस्त कायम करने के लिए अन्स जिलों से भी पुलिस के जवान मेले में बुला रखे है और कुल मिलकर 700 के करीब जवान ऐसे है जो मेले में चप्पे चप्पे पर नजर बनाए हुए है हालाकि जो हमारे कैमरे में पुलिस के जवान कैद हुए उनका तो कहना ही कुछ और था दराअस्ल अपनी डयूटी से बचकर जवान मुफतखोरी की और ध्यान दे रहे थे ज्यादातर जवानों को मेले में लगे रंगारंग कार्याक्रम करने वाली लडकियों के ठूमके देखने में मशगूल थे हालाकि कैमरे को देखकर भी उन्हें अपनी डयूटी याद नही आई यहा पर भी देखों पुलिस कर्मी मुफतखोरी का तो जमकर आनंद ले ही रहे थे हर टेंट में पुलिस कर्मी को देखा गया कही ठूमके तो कही जादू का शो इन पुलिस कर्मियों का डयूटी से ज्यादा इन पर ध्यान था हो भी क्यों न क्योंकि यहा आरांम से बैठकर ठूमके जो देखे जा रहे थे जबकि इस पूरे मामले में डीएसपी मेला डयूटी सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने पुलिस की रोटी से लेकर हर प्रकार के पुख्ता बदोबस्त किए है और ऐसे में पुलिस कर्मी मुफत खोरी नही करेंगे 

लाखों की संख्या में पहुंचे श्रृदालूओं को पुलिस से काफी सहयोग की संभवना थी लेकिन जिन खाकी धारको ंसे इन को सहयोग मिलना चाहिए वह बच्चों की जगह झूलों पर बैठकर अपना बचपन जरूर याद कर रहे होंगे हालाकि कैमरे में कैद एक के बाद एक पुलिस कर्मी झूलों पर बैठता रहा और मुफत खोरी की झूले लेता रहा लेकिन जब इन लोगो ंसे इनकी डयूटी पूछी तो आप स्वयं ही देख लीजीए किस प्रकार कैमरे के आगे यह पुलिसकर्मी लोहे की ग्रिलों को पार कर भाग रहे है हालाकि इनके पास कोई जवाब तो नही था लेकिन भागना इनका जरूर मुनासिफ था हाथ में डंडा लिए इस पुलिस कर्मी तो देख ही लिजिए यह तो डयूटी पर ही बंदूक का निशाना लगा रहा है लेकिन किसी आरोपी पर नही बल्कि गुबारों पर वह भी मुफत में जबकि मेले में दुकानदारों का कहना है कि पुलिसकर्मी मुफत में ही दिनभर निशाने लगा रहे है और ऐसे में वह किसी पुलिसकर्मी का विरोध भ्ज्ञी नही कर सकते 

यमुनानगर के कपाल मोचन मेले के समाप्न होते ही प्रशासन भी औधे मुंह सो गया लिहाजा जो लोग सरोवरों में स्नान कर रहे थे उनळें रोकने टोकने वाला कोई नही रहा और भीड के चलते दो छात्र गौ बच्छा घाट में उतर गए जिनकी पानी में डुूबने से मौत हो गई बता दे कि दोनों छात्र चचेरे भाई थे दोनों के शवों को पुलिस ने कब्जे में लेकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल यमुनानगर भेज कार्रावाई आरंभ कर दी है


यमुनानगर में पांच दिनों स ेचल रहे कपाल मोचन मेले का आज समाप्न हो गया लेकिन समाप्ती पर ही प्रशासनिक अधिकारियो ंने ऐसी जमकर लापरवाही बरती कि दो मासूमो को अपनी जान से हाथ धोना पड गया दराअस्ल आज मेले की समाप्ती पर लाखों लोगों ने तीनों सरोवरों में डूबकी लगाई लेकिन लोगों के वापसी ही ऐसी लापरवाही का कारण बन गई कि जो लोग सरोवरों के किनारों पर बैठ कर स्नान करने में लगे हुए थे वह बीच सरोवरों में उतर गए और ऐसे में दो छात्र जोकि आपस में चचेरे भाई भी थे वह भी पानी में उतर गए लेकिन पानी की गहराई से वह वाकिफ नही थे और पानी के गहरे होने के कारण दोनों ही पानी में डूब गए लेकिन जब तक दोनों को आस पास नहा रहे लोगो ंने बाहर निकाला तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी परिवार के लोगों का आरोप है कि प्रशासन का कोई भी अधिकारी मौके पर नही था और न ही कोई गोताखोर यदि प्रशसन आखिरी समय तक अपनी  डयूटी निभाता तो शायद यह हादसा नही होता 



वीओ दो   मृत्क अंकित व प्रिंस दोनों आठवी कक्षा में पढते थे और आज स्कूल में छुटटी होने के कारण वह भी अपने परिजनों के साथ स्नान करने के लिए कपाल मोचन आ गए थे लेकिन गौ बच्छा घाट पर कोई उचित इंतजाम न होने के कारण दोनों पानी में डूब गए वहीपरिवार के लोग यह भी आरोप लगा रहे है कि पानी में डूब जाने के काफी देर तक भीकोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नही पहुंचा और न ही कोई डाक्टर जबकि उन्होंने ही दोनों बच्चों के पेट से पानी निकाल कर उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन सब कुछ अनर्थ ही रहा जबकि इस मामले में सफाई देते हुए डीएसपी फूल कुमार का कहना है कि आठ लाख के करीब श्रृदालू स्नान कर रहे थे और यदि कोइ लापरवाही बरतते तो पहले भी कोई हादसा हो सकता था फिल्हाल पुलिस ने दोनो ंबच्चों के शवों को कब्जे में लेकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है यहा पुलिस ने अपनी कार्रावाई शुरू कर दी है





Friday, 23 November 2012

नए साल से सब्सिडी वाला सिलेंडर 903 रुपये में CITY NEWS YNR




   नए साल से सब्सिडी वाला सिलेंडर 903 रुपये में 
यमुनानगर के उपभक्ताओं पर फिलहाल असर नहीं 
सोनीपत व अंबाला में चलेगा पॉयलट प्रोजेक्ट, खाते में जाएगी सब्सिडी वाली राशि, सफल हुए तो यमुना नगर सहित दूसरे जिलों में भी  लागू
विनोद धीमान
जगाधरी वर्कशॉप। नए साल में सोनीपत और अंबाला के उपभक्ताओं को सब्सिडी वाला गैस सिलेंडर 903 रुपये से अधिक का मिलेगा। यमुनानगर में इसका असर नहीं होगा क्योंकि पॉयलट प्रोजेक्ट में यमुनानगर  जिले को शामिल नहीं किया गया है। केंद्र सरकार की मिनिस्ट्री आफ पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत उक्त जिलों का चयन किया है।
केंद्र सरकार ने देश के कुल 52 जिलों का चयन किया है। जहां 14.2 किलो के सिलेंडर के लिए 413 (सब्सिडाइज्ड रेट) रुपये की जगह 903 रुपये से अधिक की राशि चुकानी पड़ेगी। इस पायलेट प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में उक्त सभी  जिलों के उपभक्ताओं को सब्सिडी की राशि उनके खातों में दी आएगी। मौके पर उपभक्ताओं को सब्सिडी का सिलेंडर नॉन सब्सिडाइज्ड रेट यानी 903 रुपये में लेना होगा। केवाईसी फॉर्म में भी  इसी उद्देश्य के मद्देनजर ग्राहकों से बैंक अकाउंट नंबर लिए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में सभी  जिलों के ग्राहकों को सब्सिडी की राशि बैंक खातों में उपलब्ध करवाई जा सके।
हर महीने बढ़ते हैं रेट
कंपनियां हर महीने रेट रिवाइज करने के नाम पर हर महीने सिलेंडर से रेट बढ़ाती हैं। हालांकि कंपनियों के पदाधिकारियों का कहना है कि यह रेट सरकार बढ़ाती है। हर बार सिलेंडर से रेट बढ़े ही हैं। जो पांच रुपये से लेकर (विभिन्न वर्गों) करीब 30.32 रुपये तक होता है। दिसंबर और जनवरी में दो बार रेट रिवाइज होने हैं।
नंवबर में 903 से 930 किया था रेट
अक्टूबर के अंत और नवंबर के पहले सप्ताह के दौरान केंद्र सरकार ने नॉन सब्सिडाइज्ड सिलेंडर की कीमत बढ़ाकर 903 से 930 रुपये कर दी थी, लेकिन देश भर में विरोध के कारण सरकार ने फैसले को वापस ले लिया और नॉन सब्सिडाइज्ड घरेलू सिलेंडर की कीमत घटा 903 रुपये कर दी।
अभी  हैं ये रेट
उपभक्ताओं को अभी  चार वर्गों में सिलेंडर मिल रहे हैं। इनमें सब्सिडी, नॉन सब्सिडाइज्ड, एग्जमटिड और कॉमर्शियल शामिल हैं। इनमें सब्सिडी वाला सिलेंडर ग्राहकों को 413, नॉन सब्सिडाइज्ड 903, एग्जमटिड 1201.50 और कमर्शियल 1685 रुपये में मिल रहे हैं।
एग्जमटिड क्लॉस की सब्सिडी भी  हुई बंद
जेल, पुलिस मैस, आंगनबाड़ी केंद्र, मंदिर, गुरुद्वारा सहित अन्य धार्मिक स्थलों की समितियों को सरकार सब्सिडी के सिलेंडर उपलब्ध करवाती थी। जुलाई अगस्त के नए फरमानों के बाद इन वर्गों को मिलने वाली सब्सिडी की छूट को बंद कर दिया है। इस विशेष क्लास के लिए सिलेंडर की कीमत घरेलू से ज्यादा और कमर्शियल सिलेंडर से कम की है। इन वर्ग को पहले जो सिलेंडर 413 में मिलता था वह अब 1201.50 रुपये में मिल रहा है। इसका धार्मिक संगठनों और जेल प्रशासन की मैस चलाने वालों ने विरोध भी  किया था। धार्मिक संस्थाओं का कहना था कि इससे भडारों और अन्य आयोजनों का खर्च बढ़ेगा।

पायलेट प्रोजेक्ट के तहत हरियाणा के दो जिलों का चयन हुआ है। इनमें अंबाला और सोनीपत जिले शामिल हैं। इसे अन्य जिलों में भी  शुरू किया जा सकता है। इस बारे में मंत्रालय से सूचना मिली है और प्रोजेक्ट अगले वर्ष से शुरू होगा।
सत्येंद्र सिंह,एग्जीक्यूटिव प्रेजीडेंट आल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन हरियाणा। 

Wednesday, 14 November 2012

पंजाब एंड सिंध बैंक में पांच लोकरों को तोड CITY NEWS YNR


           पंजाब एंड सिंध बैंक में पांच लोकरों को तोडा 

  यमुनानगर की पंजाब एंड सिंध बैंक की लापरवाही के चलते चोरो ंने बैंक के बाहर लगी ग्रिल को तोडकर बैंक में घूसे और बैंक के अंदर लोकर रूम में पहुंच कर चोरो ंने पांच लोकरों को तोड दिया और उसमें लगभग 50 लाख के करीब लोगों के गहनों पर हाथ साफ कर दिया यहा तक की बैंक के कुछ जरूरी कागजात भी चोर अपने साथ ले गए बैंक की लापरवाही चलते लोगों ने बैंक में जमकर हंगामा किया और बाद में गुस्साण् लोगो ंने नेशनल हाइवे नंबर 73 पर जाम लगा दिया आनन फानन में पुलिस ने बैंक मैनेजर को हिरासत में लेकर जाम को खुलवाया जबकि लोगों ने अभी भी गुस्सा बरकरार है

एक  दीवाली की रात हर तरफ पटाखों का शोर लेकिन इस शोर का फायदा उठा गए चोर और वह भी बैंक में दराअस्ल यमुनानगर का पंजाब एंड सिंध बैंक जोकि नेशनल हाइवे नंबर 73 पर स्थित है और इसी बैंक में चोरो ंने दीवाली की रात को ही उसके ग्रिल काट कर मैनेजर के कमरे में घूसे और वही से चोर बैंक की शाख के अंदर जा पहुंचे चोरों ने एसी को नीचे उतार कर उस पर टेबल रख कर एगजास्ट फैन को तोड कर लोकर रूम में पहुंच गए यहा चोरों ने  155 156 165 166 व 157 पर चोरो ंने हाथ साफ कर उनमें पडे लगभग 5व लाख के करीब जेवरो ंपर हाथ साफ कर दिया और वही इनमें एक लोकर ऐसा था जिसमें मिसेज हरमेंद्र के लोकर में वह जेवर रखे थे जो कुछ दिन के बाद शादी में इस्तेमाल किए जाने थे हालाकि जिन लोकरों में चोरो ंने हाथ साफ किया है उनका यही कहना था कि उन्होंने तो अपने घरो ंमें एक अंगूठी तक नही रखी यहा तक कि डायमंड भी उन्होंने इसी बैंक के लोकर में रखे हुए थे और ऐसे में चोरों ने बैंक में हाथ साफ कर उन्हें कंगाल बना दिया है और इस में बैंक की जमकर लापरवाही है क्योंकि बैंक में न तो सी सी कैमरे लगे हुए है और न ही कोई सुरक्षा कर्मचारी यहा तक कि बैंक की सुरक्षा के लिए लगे हुए अलार्म भी इस बैंक में काम नही कर रहा और इसी का फायदा चोरो ंने उठाकर यहा पांच लोकरों को तोड कर उसमें पडे लगभग 50 लाख के जेवरों को ले गए है तो दूसरी तरफ चोरो ंने चार और भी लोकरो ंको तोडने का प्रयास किया जिस पर चोर  सफल नही हो पाए 

 पंजाब एंड सिंध बैंक में हुए इस सेध मारी के बाद पुलिस भी हरकत में आ गई और बैंक में हुई इस चोरी को लेकर पुलिस भी जांच में जुट गई हालाकि पुलिस ने कुछ दिन पहले भी इन बैंक के अधिकारियों को बुलाकर उन्हें सुरक्षा के हर बदोबंस्त को दुरूस्त रखने की बात कही थी और यह भी हिदायत दी थी कि सभी बैंकों में अंदर से बाहर तक सी सी कैमरे लगे होने चाहिए लेकिन पंजाब एंड सिंध बैंक ने इन आदेशों की पालना नही की और इसमें बैंक की लापरवाही है पुलिस ने एक तरफ यहा चोरी का मामला दर्ज किया है तो दूसरी तरफ बैंक की लापरवाही के चलते पुलिस ने मैनेजर पी एस भाटिया के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया लेकिन मैनेजर द्वारा जब कोई ठोस जवाब पीडितों को नही दिया तो नाराज लोगों ने नेशनल हाइवे नंबर 73 पर जाम लगा दिया और बैंक अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन जब लोग नही माने तो पुलिस ने आनन फानन में बैंक मैनेजर को हिरासत में लेकर उसे थाने ले गई हालाकि बैंक में हुई इस नुकसान का अभी मोटा अनुमान 50 लाख रू का लगाया जा रहा है जबकि बैंक के सभी ग्रहकों को बुलाकर उनके लोकर चैक नही किए जाते तब तक बैंक अधिकारी व पुलिस नुकसान का सही अंदाजा बताने की लिए तैयार नही है जबकि बैंक मैनेजर अभी भी अपनी गल्ती मानने को तैयार नही है







Tuesday, 23 October 2012

स्लोगन लेखन शास्त्रीय संगीत- पर हुई कार्यशाला- CITY NEWS YNR


स्लोगन लेखन, भाषण, पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन

 यमुनानगर गुरु नानक गल्जऱ् कॉलेज संतपुरा में एनएसएस इकाई व लीगल लिट्रेशी सेल के संयुक्त तत्वाधान में निबंध ले ान, काव्य पाठ, स्लोगन लेखन, भाषण, पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें छात्राओं ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। एनएसएस इकाई की संचालिका डॉ. अमिता व डॉ. कुलदीप कौर ने जानकारी दी कि प्रतियोगिताओं में राजनीति और भ्रष्टाचार, कन्या भ्रूण हत्या, पर्यावरण, नारी सशाक्तिकरण, आधुनिक शिक्षा प्रणाली, मीडिया एवं समाज, शिक्षा के व्यवसायीकरण आदि विषयों को स िमलित किया गया है।
कॉलेज की प्राचार्या डॉ. विरेंद्र गांधी ने छात्राओं को प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़ कर भाग लेने के लिए कहा। ताकि बच्चे अपने संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास की अवधारणा को पूरा कर सकें। उन्होंने समाज में बढ़ रही कन्या भ्रण हत्या इत्यादि कुरीतियों के प्रति हमेशा सचेत रहने का संदेश दिया। विजेताओं को प्रिंसिपल ने पुरस्कार देकर स मानित किया गया।
छात्राओं ने प्रतियोगिताओं ने बढ़ चढ़ कर ााग लिया । इस मौके पर एन एस एस विभाग की डॉ. अमित एवं डॉ. कुलदीप कौर, डॉ. प्रवीण नारंग, डॉ. अनीता कालिया, डॉ. गीतू , डॉ. शक्ति, डॉ. सुखविन्द्र कौर, दिलशान कौर, वन्दना नागपाल, मोनिका महेन्द्रु व अन्य मौजूद रहे। डॉ. अमित ने जानकारी देते हुए बताया कि विजेताओं को राजकीय महाविद्यालय छछरौली में होने वाली प्रतियोगिता में भेजा जाएगा।

हर हिंदूस्तानी के दिल में बसता है भारतीय शास्त्रीय संगीत-
-संगीत है संतों की चीज-
-डीएवी गल्र्स कालेज में भारतीय शास्त्रीय संगीत पर हुई कार्यशाला-
यमुनानगर। संगीत संतों की चीज है, यही वजह है कि संगीत हर हिंदूस्तानी के दिल में बसता है। उक्त शब्द चंडीगढ़ से आए सुप्रसिद्ध कलाकार सुभाष घोष ने डीएवी गल्र्स कालेज में संगीत विभाग द्वारा भारतीय शास्त्रीय संगीत का उच्चरत शिक्षा पर प्रभाव विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में कहे। कार्यक्रम का आयोजन महानिदेशक उच्चतर शिक्षा पंचकूला के सौजन्य से किया गया। अध्यक्षता कालेज प्रिंसिपल डा. सुषमा आर्या ने की। कार्यक्रम के दौरान स्वर रागीनी वाद्ययंत्र पर जब सुभाष घोष ने राग व धूनों की तान छेड़ी तो पूरा सभागार तालियो की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा। तबले पर चंडीगढ़ से आए मधुरेश भट्ट ने संगत दी। कार्यशाला के पहले सत्र में संगीत विषय की जानकारी दी गई। जिसमें संगीत का अन्य विषयों के साथ समन्वय, दिल को छू लेने वाली धूनें और ताल के साथ संयोजन के बारे में विस्तार से बताया गया। द्वितीय सत्र में संगीत के क्रियात्मक पक्ष को दिखाया गया।

सुभाष घोष से सबसे पहले स्वर रागीनी वाद्ययंत्र पर रघुपति राघव राजा राम.... व इसके बाद ओम जय जगदीश हरे.... की धुन बजाई तो सभागार में बैठे सभी श्रोता झुमते नजर आए। सुभाष घोष ने कहा कि नई चीज खोजने के लिहाज से उन्होंने इस वाद्ययंत्र का निर्माण किया है। उन्होंने माना कि जागरूकता की कमी की वजह से शास्त्रीय संगीत युवाओं में पापुलर नहीं हो रहा है। इसके लिए काफी हद तक कलाकार भी जि मेदार है। युवाओं को शास्त्रीय संगीत से जोडऩे के लिहाज से उन्होंने कालेजिज़ व गांवों में जाकर इसका प्रचार करने की मुहिम छेड़ी है। उन्होंने कहा कि जब तक ग्रामीण क्षेत्र में संगीत के रूट्स के बारे में जानकारी नहीं दी जाएगी, तब तक भारतीय संगीत को पापुलर नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि भारतीय संगीत को बढ़ावा देने में मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। अकसर देखा जाता है कि मीडिया हॉलीवुड व बॉलीवुड की फिल्मों व संगीत को ज्यादा तव्वजों देता है। अगर भारतीय संगीत को भी उतना ही महत्व दिया जाए,तो ज्यादा से ज्यादा लोग इसके बारे में जान सकते हैं। उन्होंने कहा कि कला से जुड़ी हर चीज को बढ़ावा देने की जरूरत है।

कालेज प्रिंसिपल डा. सुषमा आर्या ने कहा कि देकर गई सुकून ह्रदय को नादब्रह्म की स्वर लहरियां, जलते रहे ज्ञान के दीप अमृत फल सी वाणियां, सचमुच रचनाकार और कलाकार के लिए क्रियाशील, कल्पनाशील और विवेकशील होना अतिआवश्यक है। स्वर व लय के तारत यता के साथ धुनों का अनुपम व मनोहारी स्वर संयोजन प्रस्तुत किया। निश्चय ही विद्यार्थियों के लिए मनोरंजन व ज्ञानार्जन की दृष्टि से यह कार्यक्रम लाभकारी सिद्ध हुआ।
संगीव विभाग की अध्यक्षा डा. नीता द्विवेदी ने कहा कि सरलता, सहजता, तैयारी, लय एव ताल पर अधिकार, इन सभी के पीछे कितनी साधना होगी, यह हम सभी ने अनुभव किया। उन्होंने सभी का आभार व्यक्त किया।







Saturday, 20 October 2012

जमीन के बेचे जाने से सिख संगत आमने सामन CITY NEWS YNR

 

  जमीन के बेचे जाने से सिख संगत आमने सामन  

                                                                                      शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधकमेटी के यमुनानगर स्थित गांव सुढल में नौवी पातशाही गुरूद्वारा जमीन के बेचे जाने से सिख संगत आमने सामने हो गई है आरोप है कि गुरूद्वारा के प्रधान ने अपने ही नजदीकियों को औने पौने दाम में छह एकड कीमती जमीन को बेच दिया है और इसी के चलते आज सिख संगत गुरूद्वारे में एक हंगामे दार मीटिंग होने के बाद भी गुरूद्वारा प्रधान ने जमीन के यहा बेचे जाने की बात कबूली है तो वही उसने अपने फैंसले पर भी अटल रहने की बात कही है
 यमुनानगर के गांव सुढल में नौवी पातशाही के गुरूद्वारा की कीमती जमीन के बेचे जाने के बाद सिख संगत में काफी रोष पनप रहा है गुरूद्वारा के प्रधान द्वारा बेची गई जमीन को लेकर यहा प्रधान अपनी बात पर अटल है तो वही दूसरी तरफ सिंख संगत भी प्रधान के खिलाफ अपनी अवाज को बंलद करने के बात कह रहे है हालाकि शिरोमणी गुरूक्षरा प्रबंधक कमेटी के पास किसी बात की कमी नही है जिसके चलते यह जमीन बेची जाए लेकिन गुरूद्वारा प्रधान की माने तो उनका कहना है कि जमीन अक्वायर होने का खतरा था इसके लिए उन्होंने यह जमीन को बेच दिया है लेकिन वही आरोप यह भी लग रहे है कि प्रधान ने यह जमीन अपने ही भतीजे व पोते के नाम कर दी है हालाकि प्रधान ने इस पर भी सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने अखबार में भी इस जमीन की बोली के लिए लोगों को अगाह किया था और इस जमीन की बोली भी हुई थी लेकिन स्वाल यह भी उठता है कि यहा पर यह जमीन है उसके एक तरफ असंल पलाजा की जमीन तो दूसरी तरफ सन सिटी की जमीन है और उस जमीन के पास लगने वाली 10 एकड जमीन में से मात्र छह एकड ही जमीन को क्यों बेचा गया 
गुरूद्वारे की इस जमीन को बेचे जाने को लेकर काफी लोगो ंमें रोष पनप तो रहा ही है लेकिन इस पर जब आज एक गुरूद्वारे में मीटिंग रखी तो प्रधान ने साफ कर दिया िकवह किसी कीमत पर भी सौदा रदद नही करेंगे जबकि इसका विरोध करने आई सिख संगत ने भी कसका कडा विरोध करते हुए कहा कि चाहे उन्हें अपने सीने पर गोली क्यों न खानी पडे वह गुरूद्वारे की जमीन का एक इंच भी बेचने नही देंगे हालाकि इस मामले में सिख संगत ने सरकार से भी टक्कर लेने की बात कही है इस मामले में सफाइ देते प्रधान ने कहा कि उन्होंने वर्ष 2007 में शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी से जमीन को बेचने का प्रपोजन रखा था और अब उन्हें जाकर इस जमीन को बेचने की आज्ञा मिली थी और इस पर उन्होंने सभी बातों को ध्यान में रखते हुए जमीन बेच दी जबकि यह जमीन वह है यहा से यमुनानगर जिले का बाई पास निकलना है 
 




Monday, 15 October 2012

निशाने पर है माफिया द्वारा जंगल CITY NEWS YNR


                               निशाने पर है माफिया द्वारा जंगल 


   यमुनानगर  के जंगल आज कल वन माफिया के निशाने पर है माफिया द्वारा जंगलो से लाखो रुपिया के हरे भरे वृक्ष काट लिए है . हलाकि छछरोली के जंगल से वनमाफिया द्वारा काटी गयी लाखो की लकड़ी से भरे  ट्रक  रोकने की कोसिस करते हुए माफिया ने वन विभाग के अधिकारिओ को ट्रक से कुचलने का प्रयास भी किया गया  और पीछा करना पर ट्रक तो काबू  कर  लिया है  लेकिन  माफिया के लोग भागने में कामयाब हो गये जो   अभी तक गिरफ्त से बाहर है  और लगातार जंगलो से वृक्षों को जमीदोज कर रहे  है  और विभाग है कि  हाथ पर हाथ धरे बैठा है।

 हरियाणा के यमुनानगर के जंगलो से  वनमाफिया ने जगल में खडे कीमती पेडों को अपना निशना बनना शुरू कर दिया है। जिसे चलाते शानिवार की देर रात हमीदा हैड के समीप तस्कारों द्वारा नहर के किनारे लगे  करीब नौ पेड काट लिए और उन्हे काटने के बाद अपने साथ ही ले गये   हैरानी की बात तो ये है कि जिस जगह से पेड को काटकर ले जाया गया वह  हर वक्त फोरेसट विभाग के कर्मचारियों की ॅड्य्टी होती है। विभाग की और से इनकी निगरानी करने के लिए तीन लोगों कर ड्य्टी लगा रखी है। उसके बाद भी तस्कारों द्वारा रात के समय में एक साथ नौ पेडों को काटकर ले विभाग के कर्मचारियो को संदेह के घेरे में ला रहा है वही अधिकारी भी इस बात को माने को तैयार नही की इस तस्कारी में विभाग के कर्मचारी भी इसमें मिले हो सकते है। यादि ऐसा नही है तो फिर एक साथ इतने पेडों का कट जाना और विभाग को इसकी सूचना भी न होना कर्मचारी की ड्य्टी पर सवालिया निशान खडा करता है। हल कि अधिकारी इन पडों को काटने के पीछे भी पकडेगे तस्कारों के साथी होने का ही दावा कर रहे है। 
 विभाग के अधिकारी यमुनानगर के विभिन जंगलो से पेडो की हो रही कटाई को मानते है और माफिया विभाग पर हावी देखी दे रहा है हाला की वन विभाग के छछरोली  रेज  के जंगलो से माफिया द्वारा लाखो की लकड़ी काट कर रात के समय जंगल से बाहर आते लकड़ी से भरे एक ट्रक को नका लगा कर रुकने का इशारा किया तो माफिया द्वारा वन विभाग के कर्मचारियो को कुचलने का प्रयास किया गया और ट्रक ले कर फरार होने लगा जिस पर विभाग के कर्मचारियो द्वारा ट्रक का पीछा किया गया की अचानक ट्रक के आगे के ट्रोली आ जाने से तस्करों को रास्ता नहीं मिला जिस पर तस्कर  लकड़ी से भरा ट्रक वही छोड़ के फरार हो गये . यमुनानगर के वनों से वन तस्कत लगातार वनों की कटाई करता आ रहा है लेकिन विभाग इस पर नकेल कसने में पूरी तरह नाकाम सिद्ध हो रहा है 
 यमुनानगर के जंगलो में सीसम , खेर और सागवान की कीमती लकड़ी पाई जाती है   और वन माफिया की नजरे सदा इस लकड़ी पर रेह्तियो है खेर की लकड़ी बहुत कीमती होती है और इससे पान में डालने वाला क्थ्हा   बनता है जो काफी महंगा बिकता है और अक्सर माफिया के लोग कारो , निजी गाडियो वः ट्रको में भर कर लेजाता रहा है  और बहुत कम तस्कर पकड़ में आते हैं . जंगलो से काटी गयी के बारे  फोरेसट अफिसर का कहना की पुलिस को विभाग की और से काटे पेडों की जान कारी दे दी गई है। वही विभाग अपने स्तर पर भी काटे हुए पेडों का सुराग पतालगा रहा है।