Wednesday, 28 December 2011

पुलिस ने भारी मात्रा में गेंहू पकड़ा CITY NEWS YNR


























  पुलिस ने भारी मात्रा में गेंहू पकड़ा 





 विनोद धीमान 


  जगाधरी इलाके से आज पुलिस ने भारी मात्रा में गेंहू की पांच गाडियों को अपने कब्जे में लिया है यह गेंहू पुलिस ने उस समय कब्जे में ली जब यह गेंहू कंफेड के गोदाम से भर कर इसे राषन के डिपूओं पर वितरण किया जाना था और यह गेंहू बीपीएल परिवार को बांटा जाना था लेकिन उन तक यह न पहुंचकर इस गेंहू को व्यापरियों के हाथों बेट कर मोटा मुनाफा कमाया जाना था लेकिन पुलिस ने गेंहू की काला बाजारी करने वालों के अरमानों पर पानी फेरते हुए ठेकेदार व उसके साथी को हिरासत में ले लिया लेकिन हैरानी की बात तो यह सामने आई कि गेहंू का जो रिकार्ड कंफेउ के अधिकारियों के पास होना चाहिए था वह भी इन ठेकेदारों के पास से ही मिला 

 एक  आए दिन होने वाली गेंहू की काला बजारी थमने का नाम नही ले रही और गरीबों के मुंह का निवाला बनने वाली गेंहू उन तक न पहुंचकर व्यापियों के गोदामों में पहुंच रही है हांलाकि पुलिस व प्रषासन इन काला बजारियों पर षिकंजा कसता रहा है लेकिन इन ठेकेदारेां पर आंच नही आती थी जाहिर सी बात है कि पुलिस जिस रिकार्ड के अनुसार कार्रवाई करती थी उस रिकार्ड को ठेकेदार स्वयं ही पूरा कर लेते थे और पुलिस की कार्रवाई से बच जाते थे पुलिस दो महिनों में पुलिस ने लगभग पांच से छह बार गेहूं की खेप भी पकडी लेकिन हर बार ठेकेदार पुलिस के आंखों में धूल झोंक कर बच निकलता था लेकिन आज देर षाम डीएसपी ने इन लोगों को रंगे हाथ उस समय पकड लिया जब यह लोग गेंहू को गोदमा से लाने के बाद उन्हें दूसरे वाहनो ंमें भर कर बेचने की फिराक में था कि तभी पुलिस ने इन लोगों को रंगे हाथों पकड लिया वही हैरानी तो तब हुई जब पुलिस ने जांच के दौरान इन ठेकेदारों के पास से कंफेड का पूरा लेखा जोखा इनके कब्जे से बरामद किया

  पुलिस की गिरफत में आया ठेकेदार गुलषन की माने तो उन्हें पता भी नही है कि पुलिस ने उन्हें क्यों पकडा है लेकिन जनबा भूल गए है कि कुछ दिन पहले भी एसडीएम ने रेड कर इनकी टैक्टर ट्राली को अपने कब्जे में लिया था और उसमें भी सीरकारी गेंहू की बोरिया लदी हुइ्र थी लेकिन इस बार तो इन लोगों ने हद ही कर दी थी पुलिस ने इनके कब्जे से एक ट्रक एक टैक्टर ट्राली दो पिक्अप वैन व एक छोटा फोर ब्हीलर को कब्जे में लिया है और अब इन लोगों की बात आप स्वयं ही सुन लो ठेकेदार की साथी जिसका गोदाम के कागजात से कछ भी नही लेना उसके पास सारा हिसाब किताब है और वही गेंहू की पर्चियों को भी काटता है ओर इनका कहना है कि सेल्ज मैन जब नही होता तो सारा काम वही संभाल लेता है वही दूसरी तरफ कंफेड के डीएम भी ठेकेदार का पक्ष कही न कही लेते हुए नजर आ रहे है डीएम की माने तो उनका कहना है कि यह लोग गेहंू की दूसरों वाहनों में लाद रहे थे और उसकी जांच करने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी जबकि इससे पहले भ्ज्ञी कई बार गेंहू की ट्रैक्टर ट्रालिया लदी हुई मिली है और उनके खिलाफ आज तक कार्रवाइ्र नही हुई फिल्हाल पुलिसअब जहा ठेकेदारों से पूछताछ कर रही है वही पुलिस के निषाने पर डीएम भी ह ैअब जांच के बाद ही पता चलेगा  िकइस गेंहू की काला बजारी में किस किस अधिकारी का हाथ है


Saturday, 24 December 2011

क,ख,ग नहीं सिख पाए 50 प्रतिशत CITY NEWS YNR



  क,ख,ग नहीं सिख पाए 50 प्रतिशत
एससीईआरटी के सर्वे में हुआ खुल्लासा हरियाणा के 12 जिलों में हुआ था सर्वे

विनोद धीमान
जगाधरी वर्कशाप। मातृ भाषा। इसे सिखने के लिए किसी गुरू की जरूरत नहीं। बच्चा जन्म से ही अपने परिजनों व माता-पिता से इस भाषा को सिखता हैं। परंतु यहां पर जिले के प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे अपनी मातृ भाषा भी अच्छी प्रकार से नहीं जानते। प्राइमरी स्कूलों के 50 प्रतिशत बच्चे हिंदी का ज्ञान ही नहीं रखते। स्टेट काउंसलिंग फॉर एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिग (एससीईआरटी) द्वारा प्रदेश में किए गए सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ हैं।
एससीईआरटी के द्वारा किए गए सर्वे से पता लगा कि जिले में 619 प्राइमरी स्कूल में 62 हजार 244 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे है। राष्टÑीय स्तर पर प्राइमरी से पांचवीं कक्षा तक के छात्रों पर किए गए सर्वे में 50 फीसदी बच्चे हिंदी भाषा में कमजोर पाए गए। सर्वे के दौरान इक्ट्ठा किए गए सैंपल पर आधारित रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा राज्य के आधे बच्चों की हिंदी कच्ची है उन्हें शब्दावली और वाक्य सरंचना के अपेक्षित जानकारी नहीं है। सर्वे में शामिल प्रदेश के 88 फीसदी बच्चों को सर्वनाम का ज्ञान ही नहीं था। 30 फीसदी बच्चों की टेंशन उस समय बढ़ गई जब उनसे टेंस(काल)के बारे में पूछा गया। 73 फीसदी पैराग्राफ में शीर्षक नहीं खोज पाए। 66 फीसदी छात्र नोटिस से उसका घटनाक्रम का समय नहीं निकाल पाए। इन आंकड़ों से जाहिर है कि प्रदेश के बच्चों की हिंदी का वर्तमान काल बुरा है। हालांकि एससीईआरटी के विशेषज्ञों ने भविष्यकाल को बेहतर बनाने के लिए कवायद शुरू कर दी है।
इन जिलों में हुआ सर्वे
हरियाणा में एससीईआरटी के तहत जिन जिलों में सर्वे करवाया गया उनमें यमुनानगर, कुरूक्षेत्र, सोनीपत, जींद, फतेहाबाद, सिरसा, हिसार, भिवानी, झज्जर, महेंद्रगढ, फरीदाबाद व पलवल समेत 12 जिलों में यह सर्वे करवाया गया है। इन जिलों में पांचवीं के कुल 239 स्कूल है उनमें 4889 छात्रों के बीच यह सर्वे किया गया। इनमें से 47 फीसदी लड़के व 53 फीसदी लड़कियां शामिल थी। 80 प्रतिशत ग्रामीण व 20 प्रतिशत शहरी इलाके के थे। सर्वे के दौरान बच्चों से हिंदी भाषा के विभिन्न शीर्षकों से संबंधित सवाल पूछे गए।
छात्रों की भाषा पर पकड़ अच्छी करने के लिए एससीईआरटी के विशेषज्ञों ने शिक्षकों को भाषा की बारिकी पर ध्यान देने के लिए जागरूक करने का फैसला कर लिया। अध्यापक संघ के  प्रधान प्रदीप सरीन ने बताया कि छात्रों को हिंदी में पूरी तरह से समर्थ बनाने के लिए शिक्षकों को सक्रिय होना बेहद जरूरी है। शिक्षकों को भाषा की कमियां दूर करने के लिए कुछ बातोें पर अनिवार्य रूप से ध्यान देना होगा। उन्हें अपनी अध्यापन समक्षता में सुधार लाना होगा। छात्रों को स्वयं के मूल्यांकन और आकलन के लिए प्रेरित करना होगा। साथ ही बच्चों को इस तरह से पढ़ाना होगा। जिससे वह हर पंक्ति का अर्थ निकालने में सक्षम बन पाए। काल की जानकारी प्रायोगिक तौर पर कक्षाओें में बच्चों को दी जाएगी। वहीं इसे ओर शुद्ध बनाने के लिए हिंदी का एक पीरियड़ अलग से दिया जाए।
सर्वे के बाद जो कथ्य सामने आयाउसे देखते हुए जहां कमियां है वहां पर बच्चों को अलग से ग्रूप बनाकर अलग से शिक्षा देने की तैयारी कर दी गई है ताकि बच्चों की हिंदी में सुधार आ सके।
जगजीत कौर, डीईओ

फूलों की खेती भरेगी झोली CITY NEWS YNR



   फूलों की खेती भरेगी झोली

बाजार में मांग व बढ़े दाम तो किसानों का भी बढ़ रहा रूझान
विनोद धीमान
जगाधरी वर्कशाप। सब्जियों के गिरते दाम से हताश हुए किसान अब अन्य विकल्प तराशते दिखाई दे रहे है। ऐसे में बाजार में बढ़े फूलों के दाम व लोगों में फूलों के उपहार देने के ट्रेंड के चलते फूलों की खेती बेहतर विकल्प साबित हो रहा है। जिसके लिए बुनियादी स्तर पर विभाग के जरिए भरपूर प्रोत्साहन मिले तो फिर किसानों का इसके प्रति रूझान बढ़ना लाजमयी है।
गौरतलब है कि सब्जियों के दामों में पिछले कुछ समय में आई गिरावट से जहां किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ा था, तो अब इससे उभरने के लिए  जिले के किसान फूलों की खेती में किस्मत अजमाते दिखाई दे रहे है। बाजार में मौजूदा समय मैरिज सीजन व नए साल और अन्य त्यौहारों पर फूलों के  बारहमासी कारोबार के चलते किसानों का फूलों की खेती में रूझान बढ़ने लगा है। इसके लिए जहां विभाग की ओर से किसानों को हर तरह से निशुल्क परामर्श व ट्रेनिंग मुहैया करवाई जाना भी किसानों को अपने खेतों में फूलों की महक बिखेरने के लिए प्रोतसाहित करता दिखाई दे रहा है। ऐसे में चाहे विवाह समारोह हो या फिर अन्य कार्यक्रम फूलों को उपहार में देने का चलन किसानों की झोली भरने लगा है।
निशुल्क ट्रेनिंग व बीज उपलब्ध
फूलों की खेती के प्रति किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए उद्यान विभाग की ओर से जहां जिला स्तर पर विभाग के जरिए कार्यालय में हर तरह के उचित परामर्श के साथ निशुल्क बीज वितरण की सुविधा मुहैया कराई जाती है, तो साथ ही ऐसे किसान जो फूलों की खेती करने में अधिक रूचि रखते है उन्हें जिला करनाल में निशुल्क ट्रेनिंग का भी प्रावधान है। जिसमें प्रदेश भर से फूलों की खेती के ऊपर अनुभवी कृषि विशेषज्ञों द्वारा किसानों को खेती के हर पहलु को विस्तार से बताया जाता है।
यूं भर रही अपनी झोली
यदि गंदे व ग्लेडियस की ही बात करें तो कोई भी किसान यदि साल में एक बार इसे खेत में लगाए तो इससे चार बार फसल मिल सकेगी। वहीं इसके लिए विभाग की ओर से बीच भी निशुल्क ही मुहैया हो जाते है। ऐसे में केवल रख-रखाव कर ही किसान हजारों रूपए का लाभ कमा सकते है। बाजार में यदि ग्लेडियस की बात करे तो बुके बनान, विवाह आदि समारोह पर कार व अन्य साज-सजों के लिए प्रयोग की जाने वाली इसकी प्रति स्टीक पांच से सात रूपए में उपलब्ध है। यदि बात करे तो एक विवाह के आयोजन में ही साज-सजो के लिए ऐसी 400-500 स्टीक इस्तैमाल हो जाती है। यानि 2500 से 3000 तक  का खर्च, ऐसे में किसान अपने द्वारा उगाई गई ग्लेडियस को बाजार में बेचकर निश्चित होकर निर्धारित दाम लेता है तो बाजार में विक्रेता भी इस कारोबार से चांदी कुटते दिखाई दे रहे है। इसी प्रकार गेंदे के फूल भी 20 से 25 रूपए किलों., गुलाब के प्रति फूल के लिए 15 से 20 रूपए देने पड़ते है।
फूलों की खेती आ रही रास
साढौरा निवासी किसान भूपेश कुमार ने बताया कि पहले वह सब्जियों की खेती करता था, किंतु हर बार अधिक मात्रा में सब्जी हो जाने के कारण उन्हें वह लाभ नहीं मिल पाता था। पिछले दो वर्ष से जब से फूलों की खेती शुरू की है तो इसमें उन्हें पहले से अच्छा मुनाफा होने लगा है और इस ओर अधिक कंपीटिशन न होने के कारण व फूलों के प्रति लोगों का बढ़ता रूझान व बाजार में अधिक मांग व मिल रहे वाजिब दाम मिलने से उन्हें यह खेती खूब रास आ रही है।
लक्ष्य है निर्धारित कर किया जा रहा प्रोत्साहित
किसानों को फूलों की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है, इस वर्ष सरकार की ओर से जहां गेंदे के लिए 2 एकड़ का लक्ष्य है तो वहीं ग्लेडियस के लिए 3 एकड का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं अन्य फूलों के लिए भी किसानों को प्रोत्साहित किया जाता है। इसके लिए निशुल्क ट्रेनिंग व बीज वितरण किया जाता है।
डॉ. ईलम चंद सैनी, जिला उद्यान अधिकारी।


Tuesday, 20 December 2011

खेल दिवस में झलकी प्रतिभा CITY NEWS YNR

                                        खेल दिवस में झलकी प्रतिभा


यमुनानगर। स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल  हुडा में वार्षिक खेल दिवस का आयोजन किया गया। इस मौके पर प्ले ग्रुप से लेकर बारहवीं कक्षा तक के छात्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम में डीएफओ राजेश गुलिया व सचिव रेडक्रॉस समिति श्याम सुंदर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों द्वारा किए प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रम से हुई जिसमें कक्षा पांचवीं की विद्यार्थियों ने हरियाणवीं व तृतीय कक्षा के विद्यार्थियों ने एयरोबिक्स की प्रस्तुती के माध्यम से समां बांध दिया।
इस मौके पर स्कूल के छात्रों ने योगा के विभिन्न आसनों द्वारा स्वस्थ्य रहने का संदेश भी दिया और ताईक्वांडो के खिलाड़ियों ने अपनी शारीरिक व मानसिक शक्ति का परिचय दिया। स्कूल की प्रधानाचार्या अनिता कंबोज व निदेशक संजय कंबोज ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताओं से बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास होता है।
प्ले ग्रुप कक्षा की टेडी वियर रेस में माधव प्रथम, मनजीत द्वितीय व गरीमा तृतीय स्थान पर रही। प्री-नर्सरी कक्षा की बैट रेस में अभिनव प्रथम, मीत व केशव द्वितीय और जोरावर पंजेटा ने तृतीय स्थान पाया। कक्षा तीन की 100 मीटर रेस में गर्वित प्रथम, अर्जुन बख्शी द्वितीय व विक्रांत तीसरे स्थान पर रहे। कक्षा प्रथम की लड़कियों के वर्ग में एलिना प्रथम, प्राची द्वितीय व खुशी तृतीय स्थान पर रहे। कक्षा दो में इशा प्रथम, मुस्कान द्वितीय, आस्था व हितेषी ने तृतीय स्थान पाया। आठवीं कक्षा की 100 मीटर लड़कियों की रेस में महक सिंह प्रथम, राखी द्वितीय व सोनम तीसरे स्थान पर रही। कक्षा नौंवी में मणि प्रथम, वैशाली द्वितीय व पूजा तीसरे स्थान पर रही। सीनियर वर्ग में रेड हाऊस के विनोद, मोहित, गौरव व भानु ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। लड़कियों के वर्ग में अनामिका प्रथम, सिमर प्रीत द्वितीय व प्रिया तीसरे स्थान पर रही। कक्षा दसवीं की 100 मीटर रेस में मेघा प्रथम, नीतिका द्वितीय व अंजली तृतीय स्थान पर रहे। लड़कों के वर्ग में सोहिल प्रथम, विपिन द्वितीय व शुभम तृतीय स्थान पर रहे। ग्रैंड पेरेंटस म्यजिकल ्रचेयर में पुरुष वर्ग में केसी सचदेवा प्रथम, राजपाल द्वितीय व गुरुचरण तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में गीता प्रथम, कांता द्वितीय व उषा तीसरे स्थान पर रही।




Monday, 19 December 2011

बड़ा दिन की बड़ी तैयारी CITY NEWS YNR



बड़ा दिन की बड़ी तैयारी...
क्रिसमस पर बाजार में फोस्टवल का दिखने लगा खुमार 
चर्च व स्कूल कालेजों में तैयारियां जोरा पर 

विनोद धीमान
यमुनानगर। बड़ा दिन! 25 दिसंबर को मनाया जाने वाले क्रिसमस-डे को लेकर ट्विन सिटी में अभी से खासा उत्साह दिखने लगा है। जहां शहर में बने सभी चर्च घरों में माह भर से कई तरह के अयोजन चल रहे है तो विभिन्न स्कूल-कालेज भी इसकी तैयारियों में जुट गए है। तो वहीं बाजार भी इस पर्व के रंगो से रंगे नजर आने लगे है। क्रिसमिस को लेकर बच्चों में सेंटा का के्रज देखते ही बनता है, क्रिसमिस ट्री व अन्य पर्व से जुडे सामान की खरीदारी पर जोर पकड़ने लगी है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर के लोगों ने बडेÞ दिन को बडेÞ उत्साह से मनाने की तैयारी कर ली है।

क्रिशन चूनी 
फव्वारा चौक स्थित सेंट पीटर्स चर्च के फादर विक्टर मसीह ने बताया कि आज से 2000 ईसा. पूर्व 25 दिसंबर के ही दिन प्रभु ईशो मसीह का जन्म बेतहलम गांव में एक कुंवारी स्त्री जिसका नाम मरियम था, से हुआ था। उन्होंने बताया कि मरियम की मंगनी युसफ नामक व्यक्ति से हुई थी, जिसके बाद स्वर्ग  से आए स्वर्गदुत जिबराईल ने मरियम को संदेश दिया कि तू गृभवती होगी और पुत्र जनेगी, जिसका नाम तू यीशु रखना। उन्होंने बताया कि तब से ही यीशु के जन्मोपलक्ष में 25 दिसंबर के दिन को बडेÞ दिन मानकार क्रिसमिस-डे मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि बडेÞ दिन का मुख्य उद्देश्य यही है कि इस दिन यीशु मसीह का जन्म हुआ, जिन्होंने मानव जाती के पापों के लिए अपनी जान क्रूस पर कुर्बान कर दी। फिर तीसरे दिन मुर्दो में से वे जी उठे और 40 दिन बाद स्वर्ग से उठा लिए गए। वह दोबारा जगत का न्याय करने के लिए आने वाले है....
यीशु यानि उद्धार करने वाला...
चर्च के फादर ने बताया कि यीशु नाम का अर्थ है छुटकारा देने वाला व उद्धार करने वाला। यीशो मसीह धरती पर देह धरण करके बच्चे के रूप में इसीलिए आए ताकि पापमय मानवजाती को उसके पापो से छुटकारा दिलाकर उसे अन्नत जीवन देकर उद्धार कर सके।
पूरी सृष्टि के यीशु मसीह
बाईबल के युहाना: 3.16 में कहा गया है कि ‘‘क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा पे्रम किया कि उसने अपना इक्लौता पÞुत्र (यीशु) दे दिया। ताकि जो कोई उस पर विश्वास करें वह नाश न हो, परंतु अन्नत जीवन पाए।’’
फादर विक्टर मसीह ने बताया कि उक्त पद के मुताबिक यीशो मसीह का जन्म संपूर्ण मानव जाती के लिए हुआ है, जो पाप में पड़ी हुई है।  वे केवल एक समुदाय विशेष के लिए नहीं बल्कि पूरी सृष्टि के उद्धार के लिए धरती पर आए।
सेंटाक्लाज का नहीं बाइबल में जिक्र
फादर ने बताया कि सेंटाक्लाज का बाइबल में कोई जिक्र नहीं है, किंतु बच्चों में सेंटा के पहनावें व उपहार देने के चलते क्रिसमिस-डे पर भी लोग एक-दूसरे को उपहार देते है। इसी कारण पर्व के साथ सेंटाक्लास का संबंध जुड़ा है और बच्चों को इस दिन सेंटाक्लास से उपहार लेकर काफी आनंद मिलता है। यहीं कारण है कि धीरे-धीरे सेंटाक्लास का बच्चों  से लगाव बढ़ता गया और पर्व के साथ सेंटा का ट्रेंड चल पड़ा।
पर्व का उद्देश्य पापों से मुक्ति पाना
फादर ने बताया कि क्रिसमस पर्व पर आज 25 दिसंबर के दिन केंडल जलाना व सेंटाक्लाज से उपहार लेकर पर्व को मानाया जाता है, किंतु इसके अलावा पर्व का उद्देश्य है कि हमें आंतरिक पापों से नाता तोड़ना होगा। यीशु मसीह को अपना प्रभु और उद्धार स्वीकार करे और पाप से मुक्ति पाकर अन्नत जीवन में प्रवेश किया जा सकता है।
बाजार भी क्रिसमस के रंग में रंगा
25 दिसंबर यानि बडेÞ दिन के लिए ट्विनसिटी में खास रौनक नजर आने लगी है। जहां बाजार में पर्व से जुड़ी हर वो चीज उपलब्ध है जिससे पर्व की रंगत बढ़ सके। अधिक्तर कार्ड, क्रिसमस ट्री व अन्य सजावट का सामान लोगों के खूब आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। चाहे बात कार्ड-शॉप की हो या फिर विभिन्न गिफ्ट शॉप की हर ओर क्रिसमिस की रंग रंगते नजर आने लगे है। वहीं लोग भी इस पर्व के लिए अभी से खरीदारी में जुट गए है।

क्रेज बढ़ रहा है
माडल टाऊन स्थित कार्ड प्वाइंट के संचालक संजय सचदेवा ने बताया कि उनके पास क्रिसमस से संबंधित सामान उपलब्ध है। जैसे-जैसे क्रिसमस नजदीक आने लगा है वैसे ही पर्व से जुड़ी वस्तुओं की भी मांग बढ़ने लगी है। अधिक क्रेज क्रिसमस  ट्री व सेंटा क्लास की ड्रेस के   प्रति देखने को मिल रहा है, जिसमें पर्व के प्रति सबसे अधिक उत्साह बच्चों में देखने को मिल रहा है।
जिद्द के आगे पेरेंटस की न चले
क्रिसमस पर्व को लेकर व सेंटा से बच्चों से लगाव के चलते नन्हे-मुन्हें बच्चे परिजनों से सेंटा ड्रेस खरीदने की जिद्द करने लगे है। बाजार में सजे क्रिसमस के सामान पर नजर पड़ते ही बच्चो में उन्हें लेने के लिए इच्छा बन पड़ती है, विभिन्न सेंटा मास्क व सेंटा केप व ड्रेस आदि को लेने के लिए बच्चों में काफी उत्साह है और क्रिसमस पर सेंटा से उपहार के ख्वाब बुनने लगे है।
बाजार में चॉकलेट की बढ़ी मांग
भले ही दंतचिकित्सक चॉकलेट को खाने से बच्चों को मना करें किंतु क्रिसमस के इस पर्व के मद्देनजर चॉकलेट की मांग बढ़ने लगी है, क्रिसमस पर केंडी, टाफी, चॉकलेट के सभी फलेवर की मांग जोर पकड़ने लगी है।
खूब बिक रहे गिफ्ट
चाहे सेंटा बच्चों के उपहार देने के ख्वाब पूरे करें न करें किंतु बाजार में क्रिसमिस को लेकर गिफ्ट शॉप पर भीड़ उमड़ने लगी है। लोग पर्व पर एक-दूसरे को उपहार भेंट में देने के लिए खूब गिफ्ट खरीद रहे है।
प्ले स्कूल में क्रिसमिस की धूम
जहां बाजारों में क्रिसमस के रंग दिखने लगे है, तो वहीं विभिन्न प्ले स्कूलों में नन्हें-मुन्हें क्रिसमस कार्यक्रमों में जिंगल-बैंड-जिंगल बैंड जिंगल आल द वे आदि धूनों पर थिरकते नजर आने लगे है। सेंट जिसस प्ले स्कूल में भी क्रिसमस के आयोजन पर स्कूली बच्चों ने क्रिसमस-डे के लिए क्रिसमस ट्री को सजाकर व खुद को सेंटाक्लास की ड्रेस में तैयार बच्चों ने वर्फबारी के बीच नाच-गाकर खूब मस्ती की और सेंटाक्लास से उपहार लेकर यीशु के समक्ष प्रेयर कर धूम-धाम से पर्व मनाया।
स्कूल-कालेजों में भी है तैयारी
ट्विनसिटी में स्कूल कालेजों में भी क्रिसमस पर्व मनानें के लिए खासी तैयारियां की जाने लगी है। जिसमें जगाधरी स्थित सेंट थॉमस पब्लिक स्कूल, सेक्रेट हार्ट कांवेंट स्कूल व इसके अलावा कई अन्य स्कूल-कालेजों में भी इसको लेकर तैयरियां की जा रही है।
सभी चर्च में बडेÞ दिन की खास तैयारी
शहर में तीन चर्च है, जहां क्रिसमस के पर्व को लेकर खासी तैयारियां की जा रही है। बडेÞ दिन के रूप में मनाने के लिए तीनों स्थानों फव्वारा चौक स्थित सेंट पीटर्स चर्च सीएनआई व सेक्रेट हार्ट कानवेंट चर्च व साथ ही जगाधरी स्थित सेंट थॉमस स्कूल समीप चर्च में साज-सजा का काम किया जा रहा है। चर्च में सुबह व शाम लोग प्रार्थना करने हेतु पहुंच रहे है, वहीं दिसंबर माह के शुरूआत से ही चर्च में यीशु की महिमा को प्रस्तुत करने के लिए तरह-तरह के  आयोजन किए जा रहे है।
नन्हे फरिश्ते बन किया चकित...
फव्वारा चौक स्थित चर्च में नन्हीं-मुन्हीं बच्चियों ने क्रिसमिस को लेकर हो रहे आयोजन में नन्हें फरिश्ते का अभिनय कर सबको आशचर्य चकित कर दिया। सफेद लिबाज में परी की तरह सजी बच्चियों ने कार्यक्रम में यीशु की गाथा को प्रस्तुत किया। सात फरिशतों के रूप में ये बच्चियों ने सबका मनमोह लिया।
सुबह शाम होती है प्रेयर...
चर्च के फास्टर ने बताया कि क्रिसमस पर्व को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। जो देखते ही बनता है, सुबह शाम चर्च में लोग प्रेयर करने के लिए पहुंच रहे है और प्रभु से आशीर्वाद लेकर पापों से मुक्ति की कामना कर रहे है। चर्च में 25 दिसंबर को यह पर्व बड़ी धूम-धाम से मनाया जाएगा, जिसको लेकर खूब तैयारियां की जा रही है। इसको लेकर एक दिसंबर से ही चर्च में छोटे-छोटे बच्चों द्वारा विभिन्न कार्यक्रम अयोजित किए जा रहे है।
सेंटा जरूर देगा गिफ्ट...
छोटी बच्ची अन्नया ने बताया कि सेंटा इस बार क्रिसमस पर उसे गिफ्ट देने जरूर आएगा। कुछ यही धारणा है छोटे-छोटे बच्चों में जिन्हें सेंटा के आने व गिफ्ट देने के लिए 25 दिसंबर का खूब बेसबरी से इंतजार है। बच्चों के सेंटा के लगाव का यहीं कारण है कि सेंटाक्लास उन्हें अपनी लाल पोशाक में आसमान से आकर गिफ्ट देंगे।




Sunday, 18 December 2011

नन्हे-मुन्नों ने धरा कृष्ण-अर्जुन का रूप CITY NEWS YNR

  नन्हे-मुन्नों ने धरा कृष्ण-अर्जुन का रूप
स्कूल में हुआ वार्षिकोत्सव का आयोजन

जगाधरी। सनातन धर्म पब्लिक स्कूल जगाधरी में प्री नर्सरी से पांचवीं तक के छात्र-छात्राओं द्वारा वार्षिक उत्सव केशव गाथा का आयोजन किया गया। समारोह में मुख्यातिथि के रूप में श्री सनातन धर्म सभा के प्रधान नरेंद्र कुमार मित्तल उपस्थित हुए। मुख्यातिथि ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का  शुभारंभ किया। मुख्याध्यापिका अनु धवन ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और विद्यालय की वार्षिक रिर्पोट पेश की। समारोह में अवतार दर्शन में भगवान विष्णु के दशावतारों में लग्न ढांडा, जन्मोत्सव में मुकुल वासुदेव के रूप में कशिश ने देवकी की भूमिका अदा की। इसी प्रकार राधा के रूप में जसलीन व माखनचोरी में ध्रूव गोयल कृष्ण के रूप में मटके तोड़ते हुए अति सुंदर लग रहे थे। विभिन्न मुद्राओं में अमीषा, आर्यन व तुषार ने भी बेहतर प्रस्तुति दी। अंत में गीता सार भगवान श्री कृष्ण के रूप में अनमोल और अर्जन के रूप में कुणाल व विराट के रूप में मोहित कपूर ने विष्णु के रूप में अद्भुत प्रस्तुति दी। प्रत्येक झांकी से पहले सभी सुत्रधारों द्वारा प्रभावशाली ढंग से श्री कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया। कार्यक्रम को देखकर दर्शन मंत्रमुग्ध हो गए और तालियों की गड़गड़ाहट से पंडाल गूंज उठा। इस मौके पर मुख्यातिथि ने संबोधित करते हुए कहा कि स्कूल में इस प्रकार के आयोजनों का होना जरूरी है। ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों में शिक्षा के साथ-साथ नैतिकता के गुण भी विकसित होते हैं। उन्होंने बच्चों द्वारा पेश किए कार्यक्रमों की सराहना की। इस मौके पर नंद लाल गर्ग, विष्णु स्वरूप मित्तल, भगवत  प्रसाद, प्रवीण कुमार, मनोज कुमार, नवीन कुमार, प्रवीण दीवान, सतीश बंसल, डा. शैली गुप्ता व अनिल धवन उपस्थित थे।



Saturday, 17 December 2011

कडी सुरक्षा के बीच एक प्रेमी जोडों CITY NEWS YNR


         कडी सुरक्षा के बीच एक प्रेमी जोडों
    यमुनानगर में आज कडी सुरक्षा के बीच एक प्रेमी जोडों को कोर्ट में पेष किया गया र्कोअ को पुलिस छावनी में तबदील करने के बाद ही लडकी लडकी को कोर्ट परिसर में लाया गया इतनी पुलिस सुरक्षा होने के बावजूद भी लडकी के परिजन कोर्ट में पहुंच गए पुलिस को अषंका थी कि कही लडकी के परिजन इनकी हतया कन कर दे वही पुलिस ने लडका लडकी दोनों के ब्यान कोर्ट में दर्ज कराने के बाद उन्हें पुलिस के मौजूदगी में सेफ हाउस भेज दिया जहां पुलिस की एक बुटालिन को इनकी सुरक्षा का जिम्मा सोंप दिया गया





  कहते है कि प्यार अंधा होता है और उसका अंजाम जो भी हो इसकी प्रवाह कोई भी प्यार करने वाला नही करता और यही किया यमुनानगर के नितिन ने झज्जर जिले के जटवाड गांव की रहने वाली मोनिका से आंखे चार कर ली यह तब हुआ जब दोनों गुडगांव स्थित मारूती कंपनी  में दोनों इंजिनियर के तौर पर तैनात थे तभी इन लोगों को अपने परिजनो ंसे खतरा हो गया और दोनों मारूती कंपनी को छोड हांडा कंपनी में चले गए लेकिन मोनिका को अपने परिवार वालों से जान का खतरा था जब तक मोनिका के परिवार वालों को उनका अस्ल ठीकाने का पता चलता उससे पहले ही दोनों यमुनानगर आ पहुंचे और दोनों ने मंदिर में षादी कर ली और आज कोर्ट की षरण में आ गए इसी बीच मोनिका के परिवार वालों को दोनों भी भनक लग गई और कोर्ट में पेष होने से पहले ही मोनिका के परिवार वाले कोर्ट परिसर में आ पहुंचे और मोनिका व नितिन की तालाष उन्होंने आरंभ कर दी



  नितिन व मोनिका को कोर्ट में पेष होने से पहले ही अपने चेहरों को ढके हुए मोनिका के परिजनो ने कोर्ट में डेरा लगा लिया वही इस बात की सूचना पुलिस को मिलते ही पुलिस दल बल के साथ मौके पर पहुंच गई और कोर्ट को पुलिस छावनी में तबदील कर दिया पुलिस की मौजूदगी में नितिन व मोनिका को कोर्ट में लाया गया जहां उन्हें कोर्ट में पेष कर उनके ब्यान दर्ज कराए गए लेकिन इस बीच पुलिस को काफी मुषकत करनी पडी जहा पुलिस को लडकी के परिवार वालो से खतरा बना हुआ था वही तमाष बीनों की भारी भीड को भी पुलिस वहा से हटाने में जुटी रही लेकिन मोनिका के परिवार वालेां ने सासहस दिखाते हुए कोर्ट परिसर से होते हुए मौजिस्ट्रेट के कक्ष में पहुंच गए लेकिन वहा से इन लोगों को लडकी से नही मिलने दिया गया कोर्ट में ब्यान दर्ज कराने के बाद पुलिस लडकी लडकी को भारी सुरक्षा के बीच सेफ हाउस के लिए लेकर चले गई लेकिन पुलिस के पीछे भी लडकी पक्ष के लोग लग गए लेकिन पुलिस इन लोगों को चकमा देकर सेफ हाउस पहुंच गई जहां पुलिस की एक बुटालियन इन लोगों कीसुरक्षा के लिए जुट गई है