डिग्री लेकर गदगद हुए विद्यार्थी



रेडिंग टीम में शामिल अधिकारी यह देखकर दंग रह गए कि स्कूल भवन में बच्चे नहीं पढ़ रहे थे बल्कि मिल्क केक तैयार किया जा रहा था। मौके से इस टीम ने कर्इं दर्जन बॉक्स मिलावटी मिल्क केक के भी बरामद किए। वैसे इस स्कूल का नाम न्यू आदर्श रहा है, लेकिन इस स्कूल में आदर्श तो कहीं नहीं नजर आया बल्कि नकली मिल्क केक बनाने का कारोबार ही चारों तरफ नजर आया। जानकारी के अनुसार लंबे समय से यहां पर यह धंधा चल रहा था। स्कूल के अंदर ही आग की भट्ठियां भी चल रही थी, लेकिन आसपास के लोगों को इसकी भनक तक नहीं थी। यहां तक की इस गांव से चंद कदम दूर ही पुलिस चौंकी भी है। इस स्कूल से मिल्क केक तैयार कर सप्लाई भी किया जाता रहा है लेकिन इसके बावजूद पुलिस को इस संदर्भ में कोई संदेह नहीं हुआ। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मौके पर बरामद मिल्क केक को पुलिस बल की मौजूदगी में अपने कब्जे में लेकर उसके सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला में भेज दिए है। फिलहाल समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने किसी प्रकार की कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की थी। हालांकि बरामद मिल्क केक नकली है या नहीं। यह तो सैंपल की रिपोर्ट आने के बात ही पता चल पाएगा, लेकिन इतना तो अवश्य तय है कि जब यह काम चोरी छिपे वह भी एक स्कूल के नाम की आड़ में हो रहा था तो अवश्य ही इसमें कुछ काला होगा।
तीन दिन से इनको पकड़ने की तैयारी चल रही थी, लेकिन सबूत न मिलने के कारण स्कूल इन पर हाथ नहीं डाल रही थी। पुलिस ने स्तर पर भी मामले की जांच आरंभ कर दी है।
जगाधरी वर्कशॉप। शहर के पीजी हॉस्टलों में आखिर कौन रहता है? पुलिस इसकी पूरी स्क्रीनिंग करेगी। पेंइंग गेस्ट (पीजी) में रहने वाले शख्स का रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा। यमुनानगर संवेदनशील इलाका है, इसके चलते पुलिस कप्तान मितेश जैन ने इसके लिए एक योजना तैयार कर ली है। स थाने व चौकी प्रभरियों को जल्द ही इसके दिशा-निर्देश जारी कर दिए जाएंगे।
कुकिंग की बेहद शौकिन पूजा चांवरिया का कहना है कि वह कुकिंग के फिल्ड में हाथ आजमाना चाहती थी। वह इस फिल्ड में करियर बनाने के साथ-साथ नाम कमाने की भी इच्छुक थी। प्लस टू पास की ही थी कि इसी दौरान दिल्ली के पूसा स्थित होटल मैनेजमेंट इंस्टीच्यूट में एडमिशन के लिए टेस्ट के फॉम निकल गए। उसने टेस्ट दिया और उसमें मेरिट लिस्ट में आ गई, लेकिन जब मम्मी-पापा को इसके बारे में पता चला तो इस बात को लेकर घर में बवाल खड़ा हो गया। घर में कोई नहीं चाहता था कि वह कुक बने। इस पर पेरेंट्स ने उसे खूब डांट पिलाई।
अंबाला सिटी की रहने वाली पूजा ने बताया कि उसने 10वीं तक पढ़ाई आरएन कपूर डीएवी स्कूल अंबला सिटी से की। उसके बाद प्लस वन व टू कॉंवेंट आफ जिजेस एंड मैरी स्कूल, अंबाला कैंट व बीबीए जीएमएन कालेज अंबाला कैंट से पास की। उन्होंने बताया कि वह पोस्ट ग्रजुऐशन (एमए) करने के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ गई। वहां उसने पब्लिक एडमिनिस्टेÑशन सब्जेक्ट में यूनिवर्सिटी को टॉप किया। टॉपर रहने पर यूनिवर्सिटी कंवोकेशन के अवसर पर कार्यक्रम कें चीफ गेस्ट सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस ने उन्हें गोल्ड मेडल से सम्मानित किया था। पूजा को पढ़ाई से बेहद प्यार है। यूनिवर्सिटी से एमए करने के बाद उन्होंने नेट भी क्लीयर किया था। अब पूजा पंजाब यूनिवर्सिटी से ही डॉ. रमनजीत कौर जौहल की गाइडेंस में पीएचडी कर रही है। उनका टॉपिक है एडमिनिस्टेÑशन आफ राइट टू इनफॉर्मेशन एक्ट 2005 इन दा स्टेट आफ हरियाणा।
लाईट... म्यूजिक... एक्शन। कुछ इसी अंदाज में एमएलएन कॉलेज हॉल में गुरुवार देर शाम एनएसडी के तत्वावधान में शुरु हुआ थिएटर फेस्टिवल। जहां यायावर गु्रप के कलाकारों ने विभिन्न नाट्य कलाओं का मंचन किया।
थिएटर फेस्टिवल का निर्देशन कर रहे रंजीत कपूर ने बताया कि नाटकों के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं को व्यक्त किया जा सकता है। थिएटर ही वह मंच है, जहां आम आदमी के समाजिक ताने-बाने व आपसी रिश्तों की मर्यादा का दर्शकों के जहर पर गहरा प्रभाव छोड़ा जा सकता है। दर्शकों ने प्रत्येक दिल तक पहुंचे संवाद पर दिल खोल कर तालियां बजाकर कलाकारों को दाद दी।
जगाधरी वर्कशाप। शमां तूफानों में जल सकती हैं, कश्ती भावर से निकल सकती है, मायूस न हो, दुआ भी तकदीर बदल सकती है, चैलेंज देने वालों से सावधान, खुदा नहीं वह है इंसान, मेरे पास आपकी हर समस्या का समाधान, खुदा ने चाहा तो आपको खून के आंसू रोने नहीं दूंगा, 101 परसेंट गारंटी के साथ आपकी हर समस्या का समाधान करूगा, सबको आजमाया बार-बार मुझे आजमाओं एक बार, हर-एक दुख भलांएगे, मंजिल तक पहुंचाएंगे, माई प्रोमिस 11 मिन्टों में 101 फीसदी समाधान, खतरनाक समस्याओं का तूफानी समाधान, जैसा चाहोगे, वैसा पाओगे, हमसे पहले काम करने वाले को मुंह मांगा ईनाम, माई प्रोमिस प्यार टूटने नही दूंगा, आपकी हर मुश्किल दूर कर दूंगा, जी हां, यही वह जुमले हैं। जिनकी बदोलत तंत्र मंत्र व काले जादू का खौफ दिखा तांत्रिक प्यार मुहब्बत में कामयाबी से लेकर दुश्मन को ठिकाने लगाने जैसी समस्याओं को चुटकियों में हल करने का दावा कर आम लोगों को अपने जाल में फांस लेते हं। कोई 11 घंटे तो कोई 72 घंटे में समाधान का दावा करता है, तो कोई काम की 100 फीसदी गारंटी देता है। खुद को रूहानी ईल्म, बंगाली जादू, तांत्रिक सिद्ध शक्तियों, खतरनाक रूहानी ताकतों आदि का बेताज बादशाह बताकर लोगों को इस कदर भरमित किया जाता है कि वह प्रभवित होकर इनके पास पहुंचता है और फिर 101 से 501 रूपए तक की कंसल्टेशन फीस लेने के बाद परेशान व्यक्ति को इस कदर फांसा जाता है, कि वह इन तात्रिकों के चंगुल से कभी निकल ही नहीं पाता। यही नहीं तंत्र शक्तियों में कोई 30 वर्ष का तो कोई 40 वर्ष का अनुभव बताता है। कोई 72 घंटे, कोई 21 घंटे तो कोई एक घंटे में हर समस्या के हल का दावा करता है। कुल मिलाकर कोशिश बस शिकार फांसने की होती है। इसी वजह से परेशान व्यक्ति आसानी से तांत्रिक के चुंगल में फंस जाता है। शब्दों के भरमजाल का यह पाशा इस तरह से फेंका जाता है कि एक बार इनके मोहपाश में फंस गया, फिर सारी जमा-पंजी लुटाने के बाद ही उसे होश आता है।
पंडित उदयवीर शास्त्री के अनुसार यह हमारी दैवीय शक्तियों का अपमान है। ऐसे लोग परेशान लोगों को भरमित कर लूट खसोट का काम करते हैं। ऐसे में परेशान आदमी और दिक्कतों में फंस जाता है। लोगों को ऐसे पाखंड़ियों से जागरूक होने की जरूरत है।
लूट खसोट के उद्देश्य से करते हैं ये काम
जगाधरी वर्कशाप। श्री राधा कृष्ण सखा मंडल द्वारा पुराना राधा स्वामी सत्संग भवन विष्णुनगर में करवाई जा रही रासलीला के तीसरे दिन श्री भक्तिमयी मीरा चरित्र का मंचन किया गया। जिसमें रासाचार्य व पद्मश्री स्वामी राम स्वरूप शर्मा ने परंपरागत ढंग से रासलीला का मंचन करवाया। आज के मंचन में श्री कृष्ण द्वारा गिरधर पर्वत को उंगली पर उठाना, भक्तिमयी मीरा के प्रभू के प्रति प्रेम और उसकी ननद उधा का हृदय परिर्वतन दिखाया गया। कंस के अत्याचारों के बढ़ने के साथ ही जब कंस ने गोकुल की तरफ अपना रुख किया तो श्री कृष्ण ने गोकुल वासियों की रक्षा करने का प्रण लिया। श्री कृष्ण गोकुल वासियों से कहते हैं कि इंद्र देवता का धर्म है
जगाधरी वर्कशाप। श्री राधा कृष्ण सखा मण्डल वर्कशाप द्वारा करवाई जा रहे रासलीला में शुक्रवार को भीष्म प्रतीज्ञा व प्रभू की चार भक्तों पर कृपा का दृष्य दिखाया गया। इससे पहले राजसू यज्ञ में भगवान सभी को अलग अलग सेवा देते हैं और अपने आप सभी के जूठे पत्तल उठाने व सभी के पांच धुलवाने का काम लेते हैं। जुएं में सारा राजपाठ हार जाने के बाद व दुर्योधन द्वारा द्रोपदी को अपनी जंघा पर बैठने को कहने के बाद भीम प्रतिज्ञा करते हैं कि गदा से इन्हीं जंघाओं को तोडूंगा। उधर, द्रोपदी प्रतिज्ञा करती है कि दुशासन के रक्त से जब तक अपने केश नहीं धोती वो केश खुले ही रखेगी। भगवान श्री कृष्ण पांडवों के शांति दूत बनकर दुर्योधन को समझाने के लिए प्रस्थान करते हैं। द्रोपदी श्री कृष्ण को अपनी प्रतिज्ञा याद दिलाती है। श्री कृष्ण दुर्योधन के स्वागत सत्कार को ठुकराकर विदूरानी के घर जाते हैं। विदुरानी को श्री कृष्ण कहते हैं कि उन्हें भूख लगी है कुछ खाने को दो। विदूरानी उन्हें केला खिलाती है। विदुरानी प्रभू के प्रेम में यह भूल जाती है कि वह प्रभू को केले का छिल्का ही खिला रही है और प्रभू खाते जा रहे हैं। प्रभू कहते हैं कि वह भाव के भूखे हैं प्रेम के भूखे हैं वस्तु के नहीं। प्रभु को प्रेम से भक्त जो भी अर्पण करते हैं वह स्वीकार कर लेते हैं। उधर दुर्योधन श्री कृष्ण की बात नहीं मानता और युद्ध होना तय हो जाता है। अर्जुन और दुर्योधन दोनो ही सहायता मांगने श्री कृष्ण के पास जाते हैं। दुर्योधन प्रभु से सेना मांगता है और अर्जुन प्रभु को ही मांग लेता है। रसाचार्य स्वामी श्री राम स्वरूप शर्मा ने भक्तों से कहा कि जिसके साथ प्रभु हैं उसे किसी प्रकार की सेना या किसी हथियार की अवश्यक्ता नहीं होती। युद्ध में नित्य पांडवों की जीत को देखकर दुर्योधन घबरा जाता है। वह पितामह भीष्म के पास जाता है और उन्हें उत्तेजित कर देता है। भीष्म प्रतिज्ञा करते हैं कि वह कृष्ण से हथियार उठवा देंगे नहीं तो पांडवों को मार देंगे। यह सुनकर पांडव निश्चित मान लेते हैं कि कल पितामह हमें मार डालेंगे। श्री कृष्ण द्रोपदी को लेकर रात्री के समय उनके शिविर में पहुंच जाते हैं। द्रोपदी उन्हें प्रणाम करती र्है। पितामह द्रौपदी को दुर्योधन की पत्नी समझ अखण्ड सौभाग्य वती होने का आर्शिवाद दे देते हैं। जब पितामह को पता चलता है कि यह द्रौपदी है तो वह श्री कृष्ण के चरणों में प्रार्थना करते हैं कि मेरी लाज अब आपके हाथ में है। श्री कृष्ण पितामह की प्रतिज्ञा को पूरा कराने के लिए अपनी प्रतिज्ञा तोड़ देते हैं।