Tuesday, 13 December 2011

अब कपड़े भी चाइना के CITY NEWS YNR


 अब कपड़े भी चाइना के
भारतीय की अपेक्षा सस्ते होने से लोग कर रहे जमकर खरीदारी
विनोद धीमान
जगाधरी वर्कशाप। सर्दी के बढ़ते ही कंबल बाजार में रौनक लौट आई है। आज हर आदमी अपनी जरूरत के हिसाब से कंबल व रजाई खरीदने पर लगा है। जहां कंबल बाजार गर्म है, वहीं लोगों में अपने लिए अच्छे से अच्छे व अपनी जरूरत के हिसाब से कंबल खरीद रहे हैं। वहीं लोगों को इस बार अपने देश के अलावा विदेश से आए कंबलों को भी देखने व खरीदने का मौका मिल रहा है। दुकानदारों ने ग्राहकों के हिसाब से कंबलों को अपनी दुकान में रखा है। कंबल विक्रेता अशोक कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष कंबल व रजाई ज्यादा बिक रही है। इसमें एक कारण चाइना से आ रहे कंबल का भी है। जोकि हलके होने के साथ लोगों की पहुंच में भी हैं, जिससे रखना भी आसान है और इसके लिए ज्यादा खर्च भी नहीं करना पड़ता। हमारे देश के कंबलों की मात्रा में ये कंबल हलके जरूर हैं, परंतु सुंदर होने के साथ लोग इन्हें ज्यादा खरीदना पसंद कर रहे हैं, जिसके चलते वह हर रोज 10 से 15 कंबल व 4-5 रजाई बेच रहे हैं। आजकल  शादियों का सीजन होने की वजह से लोग शादियों में भी इन्हें देना पंसद करते हैं।
पंजाब व हरियाणा से आते थे पहले
अब से पहले पानीपत, लुधियाना, अमृतसर, मुरादाबाद से ही कंबल बनाकर देश में बेचे जाते थे, लेकिनअब जब से चाइना का सामान आना शुरू हुआ है तो नेपाल, भूटान व बांग्लादेश से भी कंबल व रजाइयां हमारे देश में आने लगी हैं, जिसके चलते लोगों को जो चीज ज्यादा अच्छी लगती है वह उस हिसाब से खरीद लेते हैं। हालांकि हमारे देश के बने कंबलों की तुलना में चाइना के बने कंबल कम चलते हैं। हमारे राज्य के कंबलों की ज्यादा मांग है, पर सस्ता व सुंदर दिखने के कारण लोग इन्हें ज्यादा पसंद करते हैं। अपने देश की अपेक्षा यह सर्दी रोकने में भी कम सक्षम होते हैं।
गुलजार हुआ कंबल बाजार
सर्दियों की रंगत आने के साथ ही यमुनानगर का कंबल बाजार भी गुलजार हो गया है। बाजार में कंबल ही नहीं अब पानीपत मेड फाइवर रजाई की बड़ी धूम है। दुकानदारों में व्यापार को लेकर खासा उत्साह है, लेकिन अपने कंबलों की गिरती साख से परेशान भी हैं, क्योंकि धीरे-धीरे इसकी जगह बाहरी कंबल लेते जा रहे हैं। अब से पहले दुकानदार लुधियाना व अमृतसर के कंबलों की टेÑडिंग करते थे, लेकिन अब वह विदेशी कंबल की भी टेÑडिंग कर रहे हैं, जिसके चलते हमारे देश की कंबल यूनिटों को फर्क पड़ रहा है।
पहुंच के भीतर
दुकान पर खरीदने आई साइना और समीरा ने बताया कि हलकी सर्दी के साथ ही लोग कंबल को ज्यादा पसंद करते हैं। वह अपने परिवार के लिए कुछ गर्म शालें व स्टाल तथा रजाई खरीदने के लिए आई हैं। इस बार बाजार में चाइना की भी वैरायटी मिल रही है जो सस्ती है और आम लोगों की पहुंच में है।
चाइना व भारतीय समान के रेट
स्टाल -200 से 300 चाइनिज
स्टाल - 250 से 400 भारत
अमृतसरिया कंबल - 200 से 700
चाइना कंबल - 200 से 500 के बीच
सिंगल रजाई - 500 से 600 चाइना
सिंगल रजाई -800 से 1000 भारत
मखमली रजाई - 400 से 800 चाइना
मखमली रजाई - 700 से 1000 भारत
डबल बैड कंबल-800 से 2000 चाइना
डबल बैड कंबल-1000 से 3000 भारत

Sunday, 11 December 2011

मै पागल नही हुं और न ही नालायक CITY NEWS YNR


    यमुनानगर के एक निजी स्कूल के अध्यापकों की प्रताडना से तंग आकर बाहरवी कक्षा के एक छात्र ने खुद पर मिटटी का तेल छिडककर आत्म हत्या कर ली इस घटना को छात्र ने उस समय अंजाम दिया ज बवह दो दिन की छुटटी के बाद स्कूल गया था तो स्कूल के प्रधानाचार्या ने उसको कक्षा से बाहर खडे रखा और उसको स्कूल से निकालने की बात कही जिसे वह सहन कर पाया और घर पहुंचकर उसने स्वयं के उपर मिटटी का तेल छीडककर खुद को आग लगा ली लगभग 90 प्रतिषत मौके पर ही जल जाने से अस्पतल ले जाते समय उसने दम तोड दिया लेकिन मरने से पहले छात्र छोड गया एक सुसाइड नोट पर सारी दास्ता
   मै पागल नही हुं और न ही नालायक पर स्कूल के प्रधानाचार्या कहते है कि मै ओवर समार्ट बनता हुं जबकि ऐसा कुछ भी नही है दो दिन स्कूल में न आने पर उसे कलास से बाहर रखा और निकाल दिया स्कूल से बाहर जोकि वह सहन नही कर पाया यह उस छात्र का कहना है जो मरने से पहले सुसाइड नोट पर सारी दासता लिख गया है दराअस्ल यमुनानगर के नेष्नल पब्लिक स्कूल की कक्षा बाहरवी में पढने वाला रंजन षर्मा का दो पढाई के साथ साथ एनडीए की तैयारी भी कर रहा था और उसी सिलसिले में रंजन दो दिन स्कूल में नही गया जिसका सिला उसे अपनी जान गवा कर देना पडा बाप का साया पहले ही सिर से उठ जाने के कारण रंजन चाहता था  िकवह अपनी मां को कुछ बन कर दिखाए ओर उसी के चलते वह पढाई के साथ साथ एनडीए की तैयारी में जुटा हुआ था नोन मेडिकल का छात्र रंजन काफी होनहार था जबकि यह बात स्कूल प्रबंधक भी भालीभाति जानते थे लेकिन कुछ दिनों से उसको काफी प्रातडित किया जा रहा था रंजन के परिजनों का आरोप है कि दो दिन तक रंजन छुटटी पर था और उसके बाद स्कूल मेनेजमेंट का रवैय उसके प्रति काफी कडा था रंजन को उसकी  कक्षा में नही जाने दिया दो दिन कक्षा के बाहर रखा और आखिरकार स्कूल से उसका नाम भी काट दिया गया जिसका गम रंजन को म नही मन काफी सताने लगा रंजन ने सुसाइड नोट में यह भी लिखा की उसके स्कूल में न जाने के कारण उसकी मां को भी स्कूल प्रबंधकों ने काफी कुछ सुनाया है फूट फूट कर रो रही मां की आंखों से भी आंसू थमने का नाम नही ले रहे और उसका भी यही कहना है कि उसके बेटे को उसके स्कूल वाले ही खा गए   रंजन की मौत की सूचना मिलते ही स्कूल प्रषासन को यह लगा कि रंजन के परिजन स्कूल में हंगामा न कर दे इस लिए उन्होंने आनन फानन में स्कूल की छुटटी कर दी जहा तक कि बाहर से किसी भी व्यक्ति को स्कूल में प्रवेष न करने की हिदायतें भी दे दी बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्कूल का दरवाजा खुलवाया जहा तक कि मीडिया से भी पहले स्कूल प्रबंधक बात करने को तैयार नही था अगर स्कूल मैनेजमेंट की माने तो उनका भी यही कहना है कि यह घटना रंजन के घर पर हुई है और इसकी उन्हें जानकारी भी नही है लेकिन बाद में उन्होंने स्वयं ही मान लिया कि रंजन चार दिनो ंसे स्कूल में नही आ रहा था और उससे भी स्कूल में न आने का कारण ही पूछा था और उसके बाद क्या हुआ वह नही जानते उधर घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आलाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए लेकिन हैरानी की बात तो यह रही कि मौके पर पहुंचे डीएसपी को रंजन का सुसाइड नोट लिखा भी समझ में नही आया जबकि रंजन ने यह साफ साफ लिखा कि स्कूल के मुख्याधयापक ही उसे परेषान कर रहे थे जबकि हर साल वह अच्छे अंकों से पास होता रहा है फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और मृत्क के पोस्टमार्टम करवाने के बाद षव को परिजनों के हवाले कर दिया है इस पूरे घटना क्रम के बाद स्कूल का कोई भी करिंदा रंजन के घर तक नही पहुंचा और न ही सहानभूति के लिए अस्पताल में जोकि संदेह के घेरे में है
एस . डी . एम्  को दर्द सुनाती  राजन की माँ 

                                                                         विनोद धीमान 









Saturday, 10 December 2011

खुद डिप्रेशन में कैसे कराएं पढ़ाई? CITY NEWS YNR


  खुद डिप्रेशन में कैसे कराएं पढ़ाई?
 31 मार्च तक नौकरी करने के अल्टीमेटम
मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन
फैसले को लेकर गेस्ट टीचर असमंजस में
विनोद धीमान
यमुनानगर। जिम्मा दिया गया देश के कर्णधारों की शिक्षा में निपुणता का। सात साल से इस कार्य को बखूबी अंजाम भी दिया जा रहा था। नाममात्र का रिजल्ट लेकर आने वाले स्कूलों में भी परिणाम की प्िरतशित मात्रा बढ़ गई थी। परंतु अब वार्षिक परीक्षाओं के नजदीक आने के समय पर ही सरकार द्वारा 31 मार्च तक गेस्ट टीचरों को कार्य करने का अल्टीमेट दिए जाने से गेस्ट टीचर डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में वह बच्चों को किस प्रकार से पढ़ाई पूरी करा पाएंगे? यह अपने आप में ही एक बड़ा सवाल हैं। सरकार द्वारा गेस्ट टीचरों को 31 मार्च 2012 तक सेवाएं खत्म करने के फैसले संबंधी निर्देश को लेकर प्रदेश भर के गेस्ट टीचर मानसिक दवाब में काम कर रहे हैं। अकेले यमुनानगर जिले के 760 स्कूलों में 1175 गेस्ट टीचर बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं। ऐसे में कई स्कूल ऐसे भी हैं जहां पर महज एक ही सरकारी अध्यापक है, जबकि शेष अध्यापकों के रूप में वहां पर गेस्ट टीचर ही तैनात हैं।
नौकरी बचाए या पढ़ाए
इस समय जब सभी विद्यार्थी अपनी परीक्षा की तैयारियो में जुटे है वहीं इन्हें पढ़ा रहे टीचर भी अपनी नौकरी को बचाने में जुटे है। हालांकि गेस्ट टीचर यूनियन की ओर से यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचारधीन है। वह तो जब फैसला होगा तब की बात है?े पर आज की वर्तमान स्थिति में सरकार द्वारा दिए गए इस निर्देश का सीधा असर स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों वह टीचर पर पढ़ रहा है।
यूं बनी थी योजना
शिक्षा के गिरते स्तर को देखते हुए व शिक्षा प्रणाली को प्राइवेट स्कूलों की तरह सरकारी स्कूलों मे भी अच्छी शिक्षा मिले और बच्चों को रूझान इस ओर बढ़े इसके चलते सरकार ने डीईओ कार्यालय की ओर से 2004 में गेस्ट टीचर के नाम से एक नया पद बनाकर इन्हें लगाया गया था। जिसके चलते शिक्षा स्तर भी बढ़ा और कई स्कूल जिले में ऐसे है जिनमें सरकारी टीचरों की संख्या कम होने से इनकी संख्या ज्यादा है। ऐसे में यदि इन्हें एकदम से निकाल दिया जाता है तो बच्चों की होने वाली फाइनल परीक्षाओं का क्या होगा?
जिले में गेस्ट टीचरों का ब्यौरा
बतां दे की 2004 में हरियाणा सरकार ने प्रदेश भर में 17946 गेस्ट टीचरों की भर्ती की थी। इसमें यमुनानगर जिले में 1175 गेस्ट टीचर लगाए गए थे। जिन्हें जिले के छह ब्लॉक में नियुक्त किया गया था। था। इसमें मुस्तफाबाद में 147, जगाधरी में 146, छछरौली मेंं 402, सढ़ौरा में 111, रादौर में 145, बिलासपुर में 224 गेस्ट टीचर तैनात किए गए थे।
इन स्कूलों में अधिक संख्या
जिले के कई स्कूलों में सरकारी टीचरों की संख्या कम होने के कारण कई स्कूल ऐसे है जहां पर गेस्ट टीचर ही स्कूलों का संभाल रहे है। इनमें खिदराबाद में 16, तिगरा में चार, कामीमाजरा में दो, रामपुरा में एक, भटौली में आठ, सारण में आठ, कलावड़ में सात, हैबतपुर में चार  स्कूल शामिल है।

वैसे तो हमें कोर्ट के फैसले पर विश्वास है जो भी निर्णय होगा ठीक होगा। बाकी सरकार को चाहिए की जो गेस्ट टीचर पिछले कई सालों से स्कूलों में पढ़ा रहे है काबलियत के आधार पर उन्हें वहीं पर लगा दिया जाए।
श्याम कुमार, कोषाध्यक्ष, हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ।

इस मामले के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है। यह मामला सरकार का है। सरकार क्या चाहती है यह तो वहीं जाने। गेस्ट टीचरों को हटाए जाने पर कहीं न कहीं बच्चों की पढ़ाई पर कुछ फर्क पर पड़ेगा ही।
 नवीन जोशी, डिप्टी डीईओ।

Thursday, 8 December 2011

सरकार के खिलाफ नारेबाजी CITY NEWS YNR




  खुद्व को किसानों का मसीहा बताने वाले किसान नेता गुणी प्रकाष ने आज यमुनानगर के पावर हाउस व षुगर मिल के बाहर किसानों के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी

Tuesday, 6 December 2011

खेलों को दें बुनियादी तौर पर महत्व: CITY NEWS YNR


   खेलों को दें बुनियादी तौर पर महत्व: भुक्कल
विजेता खिलाड़ियों को किया सम्मानित


शुभारंभ करती शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल
यमुनानगर। हरियाणा की शिक्षा एवं समाज कल्याण मंत्री गीता भुक्कल ने  डीएवी पब्लिक स्कूल के वार्षिक उत्सव में भाग लिया। उन्होंने इस अवसर पर खेल व शिक्षा के क्षेत्रों में पदक पाने वाली टीमों व खिलाडियों को पुरस्कार वितरित किए। उन्होंने कहा कि डीएवी शिक्षण संस्थान स्वामी दयानंद व स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर आधारित शिक्षण संस्थाएं हैं जो कि प्रदेश में ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों में भी बेहतर शिक्षा प्रदान कर रही है। भुक्कल ने कहा कि शिक्षक दिवस के मौके पर मेवात में प्रदेश की ओर से शिक्षा पाना अपना हक कार्यक्रम की शुरूआत की है। इस कार्यक्रम में पहली से आठवी कक्षा तक के बच्चों को मुफ्त शिक्षा के साथ-साथ वर्दी, किताबें आदि अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाएगी। इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत एकता में अनेकता को संजोए हुए विभिन्न राज्यों की कला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर एक सूत्र में बांधने का भरबस प्रयास किया गया है तथा छात्र-छात्राओं ने विभिन्न राज्यों की कला, संस्कृति से संबंधित मनोहारी एवं लुभावने कार्यक्रम प्रस्तुत कर अभिभावकों एवं दर्शकों का मन मोहा।

उन्होंने कहा कि जीवन में शिक्षा के साथ-साथ खेलों का भी बहुत महत्व है और हमें अपने जीवन में खेलों को भी बुनियादी तौर पर महत्व देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा खेलों को बढावा देने के लिए अनेक कदम उठाए जा रहे है तथा उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि वे शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी रूचि लें। प्रदेश के होनहार खिलाडियों ने एशियाई खेलों में प्रदेश का ही नही बल्कि देश का भी नाम रोशन किया है और जिन खिलाडियों ने खेलों में पदक जीते है उनको सरकार की ओर से पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया है। शिक्षा मंत्री ने कम्प्यूटर साईस लाईबे्ररी के लिए अपने एच्छिक कोष से एक लाख 51 हजार रुपए की राशि देने की घोषणा की ।

Monday, 5 December 2011

एक पौधा नन्हें हाथों से CITY NEWS YNR


  एक पौधा नन्हें हाथों से...
यमुनानगर। धरा को प्रदूषण मुक्त व हराभरा रखने के लिए हर रोज कोई न कोई किसी न किसी विशेष कार्य पर पौधरोपाण कर रहे है। डेंटल क्लीनिक के डॉ. राजेश धीमान व डॉ. मधु धीमान की छह व तीन साल की बेटी प्रतिष्ठा व प्रशंसा धीमान ने कुछ पौधे लगाए। इसके उपरांत चमनलाल, बिमला, रामरतन, डॉ. राजेश धीमान, कुशाग्र, डॉ. मधु धीमान ने एक-एक पौधे सड़क के बीच नबे डिवाइडरों में लगाए और तीन साल तक अपना योगदान देने का वायदा किया। इस मौके पर एचईएस के अध्यक्ष प्रोफेसर एसएल सैनी ने बताया कि हर व्यक्ति को एक पौधा जरूर लगाना चाहिए ताकि धरती का प्रदूषण मुक्त व हराभरा रखा जा सके। उन्होंने कहा कि संस्था द्वारा जिले में कई स्थानों पर हजारों की संख्या में पौधे लगवाए गए है। उन्होंने कहा कि डॉ. राजेश धीमान की तहर हर व्यक्ति को एक पौधारोपण करना चाहिए। इस मौके पर एचईएस के प्रो. बजाज, धनसिंह, संजीव धीर, अश्विनी पुरी, कृष्णलाल उपस्थित थे। 

Sunday, 4 December 2011

-ट्विन सिटी में बढ़ा फूलों CITY NEWS YNR


 

फ्लावर शो में डीएवी बना ओवर आल विजेता



डीएवी गर्ल्स कालेज में रविवार को यमुना फुलवारी द्वारा 23वां फ्लावर शो आयोजित  किया गया। जिसमें 16 कैटागिरी में 1000 से ज्यादा एंट्रीज आई। कार्यक्रम का शुभरंभ कालेज प्रिंसिपल डा. सुषमा आर्य ने किया। जबकि मुज्ज्फरनगर से आए डा. एसके पवार मुख्य अतिथि रहे। फ्लावर शो में गुलदाउदी, कैक्टस, कोलियस, पॉम एंड साइक्स, स्कुलैंट्स, ग्रीन फोलिएज, बॉगनवेलिया इत्यादि फूल रखे गए। फुलवारी के सदस्य रचना फूलों के पौधों को विकसित करने के लिए निरंतर देखभाल की जरुरत होती है। कार्यक्रम के दौरान चंडीगढ़ से आए एसएस साही, सहारनपुर से आए अशोक जैन, सीमा अग्रवाल, डा. अरुण कुमार, दिल्ली से आए डा. कृपाल सिंह ने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई। विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

इस प्रकार रहा परिणाम-

फुलवारी मैंबर की कैटेगरी के दौरान गुलदाउदी के एक से ज्यादा बडेÞ फ्लवार कैटागिरी में रचना नैयर ने पहला, डीएवी गर्ल्स कालेज प्रिंसिपल डा. सुषमा आर्य ने दूसरा तथा संदीप गंभीर ने तीसरा स्थान अर्जित किया। सिंगल गुलदाउदी कैटागिरी में डीएवी गर्ल्स कालेज की प्रिंसिपल डा. सुषमा आर्य ने पहला, जितेंद्र कौर ने दूसरा तथा राजेश नैयर ने तीसरा स्थान अर्जित किया। छोटे गुलदाउदी कैटागिरी में डा. सुषमा आर्य ने पहला, भारत गर्ग ने दूसरा तथा शशी गर्ग ने तीसरा स्थान अर्जित किया। कोलियस की कैटागिरी में डीएवी गर्ल्स कालेज की प्रिंसिपल ने पहला, राजेश नैयर ने दूसरा तथा रचना नैयर ने तीसरा स्थान अर्जित किया। पॉम एंड साइक्स की कैटागिरी में राशि गर्ग ने पहला, राजेश नैयर ने दूसरा तथा भारत गर्ग ने तीसरा स्थान अर्जित किया। छोटे लॉन की कैटागिरी में गौरी ओबरॉय ने पहला, भारत गर्ग ने दूसरा तथा डीपी बंसल ने तीसरा स्थान अर्जित किया। बडे लॉन की कैटागिरी में भारत गर्ग ने पहला, एससी पाहूजा ने दूसरा तथा रचना नैयर ने तीसरा स्थान अर्जित किया।

एकल कैटागिरी के दौरान गुलदाउदी बड़ा फ्लावर में डीएवी गर्ल्स कालेज की सोनिका ने पहला, अबीर वर्मा ने दूसरा तथा ब्योम वर्मा ने तीसरा स्थान अर्जित किया। गुलदाउदी के डिफरेंट छोटे फ्लावर कैटागिरी में डीएवी गर्ल्स कालेज की शक्ति ने पहला, डीएवी गर्ल्स कालेज की सोनिका ने दूसरा तथा डीएवी गर्ल्स कालेज के किरण पाल ने तीसरा स्थान अर्जित किया। कोलियस में डीएवी की श्वेता ने  पहला, डीएवी गर्ल्स कालेज की हिमानी ने दूसरा तथा पूनम वर्मा ने तीसरा स्थान अर्जित किया। कैक्टस में डीएवी गर्ल्स कालेज प्रिंसिपल डा. सुषमा आर्य ने पहला, डीएवी गर्ल्स कालेज की पल्लवी ने दूसरा तथा डीएवी गर्ल्स कालेज की एसोसिएट प्रोफेसर डा. नीना बजाज ने तीसरा स्थान अर्जित किया। स्कुलैंट्स कैटागिरी में कयरा गर्ग ने पहलाख् भारत गर्ग ने दूसरा तथा राजश्री गर्ग ने तीसरा स्थान अर्जित किया। बोगेनविलिया में आकाश जैन ने पहला, सरदार दलजीत सिंह ने दूसरा तथा निर्दोष जैन ने तीसरा स्थान अर्जित किया। पॉम एंड साइक्स में डीएवी गर्ल्स कालेज के जगनारायण ने पहला, गायत्री नैयर ने दूसरा तथा डीएवी गर्ल्स कालेज के श्रीराजा ने तीसरा स्थान अर्जित किया।

संस्थाओं से आए गुलदाउदी बड़ा फूल एक से ज्यादा कैटागिरी में डीएवी गर्ल्स हॉस्टल के जगनारायरण ने पहला, नीलगिरी प्लाइवुड ने दूसरा तथा बिशन दास नैयर ने तीसरा स्थान अर्जित किया। गुलदाउदी सिंगल में डीएवी गर्ल्स कालेज ने पहला, डीएवी डेंटल कालेज ने दूसरा तथा डीएवी हॉस्टल ने तीसरा स्थान अर्जित किया। गुलदाउदी छोटे फूल कैटागिरी में डीएवी गर्ल्स कालेज ने पहला, डीएवी हॉस्टल ने दूसरा तथा नीलगिरी प्लाईवुड ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। पॉम एंड साइकस में प्रगति इंडस्ट्रीज ने पहला, यूनाइटिड टिंबर ने दूसरा तथा इस्जैक ने तीसरा स्थान अर्जित किया। पब्लिक लॉन 1000 फीट से ज्यादा की कैटागिरी में श्मशान घाट ने पहला, दीपिका आनंद मधु कालोनी ने दूसरा तथा ग्रीन अबिन्यू पार्क ने तीसरा स्थान अर्जित किया। संस्थागत लॉन में इरोल इंजीनियरिंग ने पहला, भूपेंद्र सिंह यमुना आटो ने दूसरा तथा आनंद मैटल ने तीसरा स्थान अर्जित किया।

-ट्विन सिटी में बढ़ा फूलों के प्रति क्रेज-(साइड स्टोरी)-


ट्विन सिटी में फूलों का क्रेज बढ़ रहा है। फूल अब बगीचों के अलावा लोगों के ड्राइंग रूम व बैड रूम की भी शोभा बढ़ा रहे हैं। गुलदाउदी, ग्रीन फोलिएज, कोलियस व बोगेनवेलिया के अलावा अन्य किस्मों के फूल लोगों की पहली पंसद बन रहे हैं। फूलों के प्रति बढ़ते आकर्षण का ही नतीजा है कि अब हर साल यमुनानगर में फ्लावर शो कराया जा रहा है। रविवार को डीएवी गर्ल्स कालेज में फ्लावर शो हुआ। शो में खिले हुए फूल सभी के मन को हर्षित कर रहे थे। लोगों में फूलों का के्रज इतना बढ़ गया है कि अब वे उन्हें घरों की छत पर भी उगा रहे हैं। लोग सुबह उठते ही सबसे पहले वे खिले हुए फूल देखना पंसद करते हैं। ताकि उनका दिन बढ़िया गुजरे। फूलों का सबसे ज्यादा प्रयोग मैरिज, बर्थ डे पार्टी, वेलकम इत्यादि में किया जाता है। राधे-राधे फ्लावर शॉप के संचालक ने बताया कि कुछ दिन पहले तक वे हर रोज 60 से 70 बुके बेच देते थे, लेकिन अब डिमांड ज्यादा होने के कारण 125 से 175 बुके हर रोज बिक रहे हैं। उनकी दुकान पर 100 से 1000 रुपए तक के बुके उपलब्ध है।                                                           विनोद  धीमान